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राष्ट्रवाद का मतलब सिर्फ भारत माता की जय के नारे लगाना नहीं: उपराष्ट्रपति

आगे उन्होंने कहा कि हमारे देश में युवाओं के लिए बहुत सारे अवसर है। युवाओं को चाहिए की वो इस अवसर के जरिए भ्रष्टाचार, भेदभाव, अशिक्षा, गरीबी से मुक्त एक नए भारत के निर्माण के सपने को आगे ले जाएं। यही वो न्यू इंडिया होगा जिसे हम देखना चाहते हैं।

Shivakant Shukla

Shivakant ShuklaBy Shivakant Shukla

Published on 24 March 2019 5:42 AM GMT

राष्ट्रवाद का मतलब सिर्फ भारत माता की जय के नारे लगाना नहीं: उपराष्ट्रपति
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नई दिल्ली: उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रवाद पर बोलते हुए कहा कि अगर आप धर्म, जाति के आधार पर लोगों से भेदभाव करते हैं तो आपको भारत माता की जय कहने का कोई अधिकार नहीं है।

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उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद का मतलब सिर्फ भारत माता की जय के नारे लगाना नहीं है। देशभक्ति का मतलब सबके लिए जय हो।देश की शिक्षा प्रणाली पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली काफी समय से बदलाव की मांग कर रही है। हमें अपनी मानसिकता को अब पूरी तरह से बदलकर नए भारत के भविष्य को वास्तविक इतिहास, प्रचीन सभ्यात, भारत की संस्कृति और राष्ट्रवाद के मूल्यों को सिखाना चाहिए।

आगे उन्होंने कहा कि हमारे देश में युवाओं के लिए बहुत सारे अवसर है। युवाओं को चाहिए की वो इस अवसर के जरिए भ्रष्टाचार, भेदभाव, अशिक्षा, गरीबी से मुक्त एक नए भारत के निर्माण के सपने को आगे ले जाएं। यही वो न्यू इंडिया होगा जिसे हम देखना चाहते हैं।

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