निर्भया केस: फांसी पर चढ़ेंगे दोषी, जानिए कब क्या हुआ

नई दिल्र्ली।  रेप मामले में आज फैसला आ गया है। दोषियों को इसी महीने की 22 तरीख को तिहाड़ जेल में सुबह सात बजे फांसी दी जाएगी। इस फैसले को आने में लगभग सात साल बीत गये। निर्भया को सात साल पहले दिल्ली के सड़कों पर रेप कर के बुरी तरह से पिटा गया था। वो एक बस से देर रात को लौट रही थी तभी बस में ही बैठे छह लोगों ने उसके साथ जबरन रेप किया और उसके बाद पीट-पीट कर अधमरा कर दिया था। वहीं सरकार ने जनता के रोष और गुस्सा को देखते हुए पीड़िता को इलाज के लिए सिंगापुर के अस्पताल में भेज दिया था, जहां उसकी इलाज के दौरान  मौत हो गई थी।

एक आरोपी को जुवेनाईल कोर्ट से तीन साल की मिली थी सजा

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छह आरोपियों में से एक नाबालिग था जिसकी जुवेनाईल कोर्ट नें तीन साल की सजा सुनाई गई थी, वहीं दूसरा मुख्य आरोपी रामा सिंह ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद इन चारों आरोपियों के उपर केस चला जिसमें आज उन चारों आरोपियों को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है, और चारों आरोपियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी किया है।

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जानिए कब क्या हुआ

16 दिसंबर, 2012- दिल्ली के मुनिरका इलाके में चलती बस में निर्भया से छह लोगों ने रेप कर चलती बस से फेंक दिया था।

29 दिसंबर 2012- देशभर में सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा व रोष सरकार ने पीड़िता को इलाज के लिए सिंगापुर भेजा
11 मार्च, 2013- निर्भया केस के मुख्य आरोपी ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या की
31 अगस्त, 2013- छह आरोपियो में से एक नाबालिग आरोपी को जुवेनाईल कोर्ट से तीन साल की सजा सुनाई गई।
13 सितंबर, 2013- साकेत कोर्ट ने शेष चारों दोषियों को मौत की सजा सुनाई

13 मार्च, 2014- मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा तो हाई कोर्ट ने भी सजा को बरकरार रखा

5 मई,2017-आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन यहां से भी सजा बरकरार रखी।
9 जुलाई 2018- सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की लेकिन कोर्ट ने खारिज कर दी।

6 नवंबर, 2019- अन्य आरोपी विनय शर्मा ने दया याचिका दाखिल की।

1 दिसंबर, 2019-दिल्ली सरकार ने गृह मंत्रालय से दया याचिका खारिज करने की सिफारीश की।

6 दिसंबर, 2019- केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति से जघन्य अपराध के दोषियों की दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की।