वीर सावरकर को भारत रत्न दिलाने के वादा पर सरकार ने साफ-साफ दिया जवाब….

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के घोषणापत्र में स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर को भारत रत्न दिलाने का वादा किया गया था। लोकसभा में कार्यवाही के दौरान इस संबंध में पूछे गए एक सवाल पर सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। गृह मंत्रालय ने लोकसभा में वीर सावरकर को भारत रत्न देने को लेकर साफ-साफ तौर पर कुछ नहीं कहा,

जयपुर:महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के घोषणापत्र में स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर को भारत रत्न दिलाने का वादा किया गया था। लोकसभा में कार्यवाही के दौरान इस संबंध में पूछे गए एक सवाल पर सरकार ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। गृह मंत्रालय ने लोकसभा में वीर सावरकर को भारत रत्न देने को लेकर साफ-साफ तौर पर कुछ नहीं कहा, लेकिन यह जरूर कहा कि इसके लिए किसी सिफारिश की जरूरत नहीं होगी।

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मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया कि, ‘भारत रत्न सम्मान के लिए हमेशा से अलग-अलग वर्गों की ओर से कई तरह की सिफारिशें आती हैं, लेकिन इस मामले के लिए किसी औपचारिक सिफारिश की जरूरत नहीं होगी। सरकार द्वारा समय-समय पर भारत रत्न पर फैसले लिये गये हैं और ये लिये जाते रहेंगे। ‘  भारत रत्न देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है और हर साल प्रधानमंत्री इसके लिए संस्तुति महामहिम राष्ट्रपति से करते हैं।

 

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महाराष्ट्र में चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी ने घोषणा की थी कि सरकार में आने के बाद भारत रत्न के लिए वह वीर सावरकर के नाम की सिफारिश करेगी, हालांकि शिवसेना के अलग होने की वजह से महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार नहीं बन पायी है। क्रांतिकारी विनायक दामोदर सावरकर हिंदू महासभा से जुड़े थे और हिंदुत्व पर अपने विचारों के लिए हमेशा से चर्चित रहें हैं। महाराष्ट्र में उनका नाम सदैव आदर से लिया जाता है।