Jammu Kashmir में आर्टिकल 370 की वापसी चाहते हैं उमर अब्दुल्ला, बोले-विधानसभा में पहला प्रस्ताव यही पारित होगा

Jammu Kashmir Assembly Elections: नेशनल कान्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाने की बात कही है।

Anshuman Tiwari
Published on: 18 Aug 2024 9:33 AM IST
Jammu Kashmir Assembly Elections
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उमर अब्दुल्ला (Pic: Social Media)

Jammu Kashmir Assembly Elections: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कान्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने अनुच्छेद 370 को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद अनुच्छेद 370 को खत्म किए जाने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया जाएगा। जम्मू-कश्मीर से राज्य का दर्जा और विशेष दर्जा छीनने के खिलाफ प्रस्ताव पारित करना विधानसभा का पहला काम होगा। चुनाव आयोग ने जम्मू-कश्मीर में हाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसके बाद उमर अब्दुल्ला का यह बयान सामने आया है।

जम्मू-कश्मीर में चुनाव की तारीखों का ऐलान

चुनाव आयोग ने जम्मू कश्मीर में 18 व 25 सितंबर और 1 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है। 4 अक्टूबर को वोटों की गिनती के बाद चुनाव के नतीजे घोषित किए जाएंगे। जम्मू-कश्मीर में पिछला विधानसभा चुनाव 2014 में नवंबर-दिसंबर महीने के दौरान हुआ था। चुनाव के बाद राज्य में भाजपा और पीडीपी की गठबंधन की सरकार बनी थी और महबूबा मुफ्ती को मुख्यमंत्री बनाया गया था। बाद में भाजपा के अलग होने पर यह सरकार गिर गई थी और 19 दिसंबर 2018 से ही राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है।

उमर अब्दुल्ला ने दिया बड़ा बयान

नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीडीपी की ओर से जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म किए जाने का शुरुआत से ही विरोध किया जा रहा है। अब नेशनल कान्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में इसके खिलाफ प्रस्ताव पारित किए जाने की बात कही है। विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद उमर अब्दुल्ला ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल होने तक विधानसभा चुनाव में हिस्सा न लेने की बात कही थी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुखिया और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करेंगे।

चुनाव की तारीखों की घोषणा का स्वागत

इस बीच डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला ने राज्य में केंद्र का शासन खत्म होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि मैं इस फैसले के लिए ईश्वर का शुक्रिया अदा करता हूं। उन्होंने कहा कि हम संसदीय चुनाव के लिए तैयार थे और हमने अनुरोध किया था कि विधानसभा चुनाव भी उसी समय कराए जाएं मगर आयोग की ओर से इस दिशा में कदम नहीं उठाया गया।

इस बीच भाजपा के साथ ही कांग्रेस, माकपा, पीडीपी, डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी समेत कई दलों ने राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान किए जाने का स्वागत किया है। कांग्रेस महासचिव जीए मीर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग एक लोकप्रिय सरकार के गठन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई के जम्मू-कश्मीर के लोग चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने भी पीडीपी की ओर से चुनाव आयोग की घोषणा का स्वागत किया है।

सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी थी याचिका

जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की ओर से अनुच्छेद 370 और राज्य का दर्जा बहाल किए जाने की मांग खारिज कर दी गई थी। शीर्ष अदालत ने केंद्र शासित प्रदेश में 30 सितंबर तक विधानसभा चुनाव कराने का निर्देश दिया था। अब चुनाव आयोग की ओर से चुनाव की तारीखों का ऐलान किए जाने के बाद राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है।

Anshuman Tiwari
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Anshuman Tiwari

Political Editoranshuman1tiwari1@gmail.com

न्यूजट्रैक ग्रुप की कोर टीम के सदस्य हूँ। मीडिया में 35 वर्षों से अधिक का करियर है। प्रमुख हिंदी अखबारों में वरिष्ठ पदों पर काम किया है। देश के प्रतिष्ठित संस्थान Indian Institute of Mass Communication से शिक्षा लेने के बाद दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी में हिंदुस्तान, अमर उजाला, राष्ट्रीय सहारा और दैनिक जागरण जैसे विभिन्न प्रमुख समाचार पत्रों में काम किया।

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