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किसान आंदोलन से हलचल: हिल उठे राजनीतिक गलियारे, सरकार के पक्ष में ये राजनेता

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट करके लिखा, "कृषि कानून पर गलतफहमी ना रखें। पंजाब के किसानों ने पिछले साल से ज्यादा धान मंडी में बेचा और ज़्यादा #MSP पर बेचा। MSP भी जीवित है और मंडी भी जीवित है और सरकारी खरीद भी हो रही है।"

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NewstrackBy Newstrack

Published on 30 Nov 2020 7:58 AM GMT

किसान आंदोलन से हलचल: हिल उठे राजनीतिक गलियारे, सरकार के पक्ष में ये राजनेता
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नई दिल्ली: तीन कानून के खिलाफ सड़क पर उतरे किसान यूनियन के प्रदर्शन को देखकर सरकार बैकफुट पर आते दिख रही हैं। बता दें कि दिल्ली सीमा पर प्रदर्शन करने वाले किसानों से गृह मंत्री अमित शाह ने बातचीत करने की मांग रखी, लेकिन किसानों ने इस मांग को ठुकरा दिया और दिल्ली को घेरने का ऐलान कर दिया है। इस दौरान MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को लेकर केंद्रीय मंत्रियों ने सोशल मीडिया पर सरकार के पक्ष लिया है।

नए कृषि कानून APMC मंडियां समाप्त होती- रवि शंकर प्रसाद

किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए केन्द्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने नए कृषि कानून APMC मंडियों को खत्म ना करने की बाज कही है। उन्होंने ट्वीटर के माध्यम से ट्वीट करके लिखा, "नए कृषि कानून APMC मंडियों को समाप्त नहीं करते हैं। मंडियाँ पहले की तरह ही चलती रहेंगी। नए कानून ने किसानों को अपनी फसल कहीं भी बेचने की आज़ादी दी है। जो भी किसानों को सबसे अच्छा दाम देगा वो फसल खरीद पायेगा चाहे वो मंडी में हो या मंडी के बाहर।"



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कृषि कानून पर गलतफहमी ना रखें- प्रकाश जावड़ेकर

केन्द्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद के ट्वीट के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने भी कृषि कानून को लेकर सरकार का पक्ष लिया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट करके लिखा, "कृषि कानून पर गलतफहमी ना रखें। पंजाब के किसानों ने पिछले साल से ज्यादा धान मंडी में बेचा और ज़्यादा #MSP पर बेचा। MSP भी जीवित है और मंडी भी जीवित है और सरकारी खरीद भी हो रही है।"



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किसानों ने दी चेतावनी

कृषि कानून को लेकर दिल्ली सीमा पर भारी मात्र में किसान पर जुटे हुए हैं। किसानों ने साफ तौर पर कह दिया है कि वे सशर्त बातचीत स्वीकार नहीं करेंगे। साथ ही वे दिल्ली में आने वाले सभी पांच प्रवेश मार्गों को बंद कर देंगे।

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