संसद भवन की सुरक्षा में अब नहीं होगी चूक, CISF के 29 अधिकारी होंगे तैनात, जानें पूरा प्लान

Parliament of India : संसद भवन की सुरक्षा करने के लिए 3,300 से अधिक सीआईएसएफ के जवानों के दल को तैनात किया गया है। इस दल की अगुवाई 29 अधिकारी करेंगे।

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Newstrack Network
Published on: 10 July 2024 2:25 PM GMT
Delhi News
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संसद भवन (Pic: Social Media)

Parliament of India : देश की संसद भवन की सुरक्षा अब पूरी तरह केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के हवाले कर दी गई है। संसद परिसर की सशस्त्र सुरक्षा करने के लिए 3,300 से अधिक सीआईएसएफ के जवानों के दल को तैनात किया गया है। जिसकी अगुवाई के लिए 29 अधिकारियों को भी तैनात किया जाएगा। इन अधिकारियों में एक उपमहानिदेशक, एक वरिष्ठ कमांडेंट, दो कमांडेंट, सात डिप्टी कमांडेंट और 18 असिस्टेंट कमांडेंट को शामिल किया जाएगा। इनमें से दो अधिकारी फायर विंग से होंगे। सेना ने संसद परिसर की सुरक्षा में फायर कॉम्बेट यूनिट को भी शामिल किया है।केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 1,400 कर्मचारियों के हटने के बाद सीआईएसएफ के 3,317 कर्मियों ने आतंकवाद रोधी और अन्य सुरक्षा दायित्वों की जिम्मेदारी को पूरी तरह अपने हाथ में लिया है।

13 दिसंबर को हुई घटना के बाद सरकार ने लिया फैसला

बता दें कि पिछले वर्ष 13 दिसंबर को संसद सुरक्षा में चूक की घटना के बाद सरकार ने यह जिम्मेदारी सीआरपीएफ की जगह सीआईएसएफ को सौंपने का फैसला किया था। 13 दिसंबर, 2023 को शून्यकाल के दौरान दो लोग दर्शक दीर्घा से लोकसभा में कूद गए थे। लगभग उसी दिन, दो अन्य लोगों ने संसद परिसर के बाहर नारे लगाते हुए कनस्तरों से रंगीन धुएं का छिड़काव भी किया था। सीआईएसएफ ने मई-जून के महीने से ही संसद परिसर की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल ली थी। इसे लेकर मंगलवार को अब आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। 22 जुलाई से संसद की कार्यवाई से पहले परिसर की सशस्त्र सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ के दल को पूरी तरह से तैनात कर दिया जाएगा। कुल मिलाकर संसद भवन का सुरक्षा चक्र अब बेहद मजबूत होने जा रहा है।

सीआईएसएफ कर्मियों को तैनाती से पहले दी गई है प्रशिक्षण

सीआईएसएफ कर्मियों को तैनाती से पहले सामान की जांच, व्यक्तिगत तलाशी, विस्फोटक सामग्री का पता लगाने और इसके निपटान, आतंकवाद रोधी त्वरित प्रतिक्रिया, अचूक निशानेबाजी और सार्वजनिक बातचीत एवं शिष्टाचार जैसा प्रशिक्षण दिया गया है। संसद की सुरक्षा जिम्मेदारी पूरी तरह अपने हाथ में लेने से पहले सीआईएसएफ कर्मियों ने परिसर में नियमित अभ्यास भी किया। स्वागत कक्ष क्षेत्र का प्रबंधन करने वाले बल के पुरुष तथा महिला कर्मियों को सफारी सूट के अलावा हल्के नीले रंग की पूरी आस्तीन वाली कमीज और भूरे रंग की पैंट वाली नई वर्दी दी गई है।

Sandip Kumar Mishra

Sandip Kumar Mishra

Content Writer

Sandip kumar writes research and data-oriented stories on UP Politics and Election. He previously worked at Prabhat Khabar And Dainik Bhaskar Organisation.

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