सरकार की नई नीति से जल्द ही कम होगी पेट्रोल की कीमतें, जानें कैसे

Published by aman Published: December 11, 2017 | 4:48 pm
Modified: December 12, 2017 | 10:05 am
सरकार की नई नीति से जल्द ही कम होगी पेट्रोल की कीमतें

नई दिल्ली: पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार जल्द ही एक नीति जारी करेगी, जिससे पेट्रोल को सस्ता करने और प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, कि ‘सरकार जल्द ही एक नीति जारी करेगी, जो पेट्रोल में 15 प्रतिशत मेथेनॉल मिलाने को लेकर होगी। इससे पेट्रोल को सस्ता करने और प्रदूषण घटाने में मदद मिलेगी।’

गडकरी ने शनिवार को एक कार्यक्रम में कहा, कि संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पेट्रोल में 15 प्रतिशत मेथेनॉल को मिलाने के लिए नीति तैयार करने की घोषणा की जाएगी। मेथेनॉल को कोयले से तैयार किया जाता है। एक लीटर तैयार करने में 22 रुपए की लागत आती है।

वोल्वो ने मेथेनॉल से चलने वाले इंजन बनाए
नितिन गडकरी ने कहा, कि ‘चीन इसे महज 17 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से तैयार कर रहा है। पेट्रोल में मेथेनॉल मिलाने की इस नीति से न सिर्फ पेट्रोल सस्ता होगा, बल्क‍ि प्रदूषण भी कम होगा। मुंबई के करीब लगी दीपक फर्टिलाइजर्स और राष्ट्रीय रसायन एंड फर्टिलाइजर्स जैसे कारखाने आसानी से मेथेनॉल का उत्पादन कर सकते हैं। गडकरी ने आगे बताया, कि ‘वोल्वो ने ऐसे इंजन वाली बस बनाई है, जो मेथेनॉल पर चल सकती है। सरकार मुंबई में ऐसी 25 बसें चलाने का प्रयास करेगी। इससे स्थानीय स्तर पर मेथेनॉल का इस्तेमाल संभव हो सकेगा।’ पेट्रोलियम मंत्रालय को यह सुझाव भी दिया गया है, कि 70 हजार करोड़ रुपए खर्च कर पेट्रोल रिफाइनरी बनाने की बजाय मेथेनॉल के उपयोग पर जोर दें।

पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के तहत लाने पर विचार!
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। इससे पहले केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटा दी थी। इसके अलावा कई राज्यों ने वैट में भी कटौती की है, लेकिन इन कटौतियों के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में सरकार पेट्रोल और डीजल को जीएसटी कर सकती है।

..तो मात्र 43 रुपए में मिलने लगेगा एक लीटर पेट्रोल
बता दें, कि पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस भी पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के तहत लाने की अपील कर चुके हैं। पिछले महीने महाराष्ट्र के वित्त मंत्री सुधीर मुनगटीवार ने कहा था, कि सभी राज्यों ने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की अनुमति दे दी है। उनके मुताबिक, अब इन उत्पादों को इसके तहत लाने के लिए हमें सही वक्त का इंतजार करना होगा। यह सही वक्त अब जल्द ही आ सकता है। अगर पेट्रोल-डीजल जीएसटी के तहत आ जाता है, तो आपको एक लीटर पेट्रोल के लिए 43 रुपए के करीब चुकाना पड़ सकता है।