PM Modi Mother Passed Away: पूर्ण विराम, नरेंद्र मोदी और मां हीराबेन, लड़ी टूट गई

PM Modi Mother Passed Away: पीएम मोदी और हीरा बा का जुड़ाव अटूट रहा जो दिखता भी था। नरेंद्र मोदी को सदैव मां की चिंता रही और मां को उनकी।

Ramkrishna Vajpei
Published on: 30 Dec 2022 8:51 AM IST
PM Modi Mother Passed Away
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पीएम मोदी और हीरा बा (photo: social media ) 

PM Modi Mother Passed Away: हीराबा नहीं रहीं। नरेंद्र मोदी ने अपनी भावना व्यक्त की एक पुत्र के रूप में न कि एक प्रधानमंत्री के रूप में। वह लिखते हैं शानदार शताब्दी का ईश्वर चरणों में विराम... मां में मैंने हमेशा उस त्रिमूर्ति की अनुभूति की है, जिसमें एक तपस्वी की यात्रा, निष्काम कर्मयोगी का प्रतीक और मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध जीवन समाहित रहा है।

पीएम मोदी और हीरा बा का जुड़ाव अटूट रहा जो दिखता भी था। नरेंद्र मोदी को सदैव मां की चिंता रही और मां को उनकी, लेकिन मोदी ने परिवार को कभी भी राजनैतिक जीवन पर हावी नहीं होने दिया। मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिसने अपने परिवार को खुद से और अपनी राजनीति से दूर रखा। लेकिन मां के साथ उनके संबंध अटूट थे। हमारे सनातन धर्म में मां को जो स्थान दिया गया है, मां को जो गरिमा दी गई है उसकी झलक मोदी के व्यवहार में लगातार दिखती रही है।

हीरा बा का जीवन संघर्ष से भरा रहा। हीरा बा ने बेहद छोटी उम्र में अपनी मां को खो दिया था। पीएम मोदी ने इसका जिक्र करते हुए लिखा है मेरी मां को नानी का प्यार नहीं मिला। एक शताब्दी पहले आई वैश्विक बीमारी ने उनकी जान ले ली। मेरी मां का बचपन मां के बिना ही बीता, वो अपनी मां से जिद नहीं कर पाईं, उनके आंचल में सिर नहीं छिपा पाईं। मां को अक्षर ज्ञान भी नसीब नहीं हुआ, उन्होंने स्कूल का दरवाजा भी नहीं देखा। उन्होंने देखी तो सिर्फ गरीबी और घर में हर तरफ अभाव।

प्रधानमंत्री होते हुए भी मोदी के लिए मां ही उनकी पूंजी रही। या घर से जुड़े रहने की कड़ी भी मां ही थी। मां इस मुकाम पर भी उनके लिए सबकुछ रही। मां के आशीर्वाद से उन्होंने सार्वजनिक जीवन में ऊंचाई को हासिल किया लेकिन परिवार को इसका लाभ नहीं लेने दिया। नरेंद्र मोदी ने घर त्याग कर कांटों का पथ चुना लेकिन मां से उनका रिश्ता कभी खत्म नहीं हुआ जिसे आज पूर्ण विराम लग गया। वह जब भी गुजरात जाते थे तो मां से जरूर मिलते थे।

मां के सौ वें जन्मदिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये ट्वीट उनकी मां के साथ जुड़े भावुक संबंधों को दर्शाता है।

मां, ये सिर्फ एक शब्द नहीं है, जीवन की वो भावना है, जिसमें स्नेह, धैर्य, विश्वास, कितना कुछ समाया है। मेरी मां, हीराबा आज 18 जून को अपने सौवें वर्ष में प्रवेश कर रही हैं, उनका जन्म शताब्दी वर्ष प्रारंभ हो रहा है। मैं अपनी खुशी और सौभाग्य साझा कर रहा हूं।

मां की अनंत यात्रा के भावुक पलों में मोदी कहते हैं

मैं जब उनसे 100वें जन्मदिन पर मिला तो उन्होंने एक बात कही थी, जो हमेशा याद रहती है कि કામ કરો બુદ્ધિથી, જીવન જીવો શુદ્ધિથી यानि काम करो बुद्धि से और जीवन जियो शुद्धि से।

मां के सौवें जन्मदिन पर मोदी ने लिखा था हीराबा आज अपने सौवें वर्ष में प्रवेश कर रही हैं। यानि उनका जन्म शताब्दी वर्ष प्रारंभ हो रहा है। पिताजी आज होते, तो पिछले सप्ताह वो भी 100 वर्ष के हो गए होते। यानि 2022 एक ऐसा वर्ष है जब मेरी मां का जन्मशताब्दी वर्ष प्रारंभ हो रहा है और इसी साल मेरे पिताजी का जन्मशताब्दी वर्ष पूर्ण हुआ है। अफसोस की इसी जन्मशताब्दी वर्ष में उनकी मां की यात्रा पूर्ण हुई।

आखिरकार आज वह दुखद क्षण आ गया जो जीवन मृत्यु की डोर बांधे रहता है। अहमदाबाद के अस्पताल ने मेडिकल बुलेटिन जारी कर बताया कि आज तड़के साढ़े तीन बजे हुआ पीएम @narendramodi की मां हीराबा का देहांत! इसी साल जून में हीराबा ने जीवन के सौवें वर्ष में प्रवेश किया था! मां से अक्सर मिलने के लिए आते रहते थे PM मोदी! हीराबा एक बार पीएम के पास दिल्ली आईं थीं!

ट्विटर पर एक यूजर ने मां हीराबा को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है

माँ हर पल तुझे याद करता हूँ फर्ज़ से बंधा हूँ,पर तेरी चिंता करता हूँ मिलता हूँ जब तुझसे,हर परेशानी भूल जाता हूँ माँ तेरे साथ से ही तो,मैं नई ऊर्जा पाता हूँ दे आशीष माँ,कर्तव्य पथ पे ऐसे ही बढ़ता चला जाऊं सेवा करता रहूँ यूही,सबके सपने पूरे कर पाऊं

प्रधानमंत्री मोदी ने मां के त्याग बलिदान को याद करते हुए अक्सर ये बात कही है कि वे आज जो कुछ भी हैं उसमें उनकी मां का योगदान है। मां उनके लिए एक स्तंभ के समान रही। नरेंद्र मोदी के फैसलों में हमेशा हीरा बा साथ रहीं, यहीं वजह है कि पीएम मोदी का मां से एक बेहद गहरा रिश्ता रहा। कह सकते हैं कि पीएम मोदी के लिए मां के बराबर कोई नहीं।

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Ram Krishna Vajpei is a veteran cross-media journalist, political analyst, and data journalism expert whose distinguished career began in 1982. Spanning over four decades across print, broadcast (TV/Radio), and digital platforms, he specializes in rigorous research and deep analytical reporting on socio-political affairs. An authority on modern data journalism and the technical application of AI/LLMs in media, Vajpei also trains next-generation journalists and is currently pursuing a PhD in media studies. His work is defined by an absolute commitment to objectivity and a comprehensive editorial vision.

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