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PM Modi: 'आजादी के बाद भी पढ़ाया गया साजिशन लिखा इतिहास', लचित बोरफुकान जयंती पर बोले प्रधानमंत्री

PM Modi Lachit Borphukan: पीएम मोदी ने लचित बोरफुकान पर आयोजित प्रदर्शनी का दौरा किया। उन्होंने कहा, हमें आजादी के बाद भी साजिशन इतिहास पढ़ाया गया।

aman
Written By aman
Updated on: 2022-11-25T14:02:27+05:30
pm modi in 400th birth anniversary of lachit borphukan says we are taught history written as conspiracy
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Social Media) 

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PM Modi Lachit Borphukan: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शुक्रवार (25 नवंबर) को लचित बोरफुकान की 400वीं जयंती कार्यक्रम (Lachit Borphukan 400th Birth Anniversary) के दौरान 'साजिशन रचा गया इतिहास' पढ़ाने की बात कही। पीएम मोदी दिल्ली के विज्ञान भवन में लचित बरफुकान पर आयोजित प्रदर्शनी का दौरा भी किया। इस कार्यक्रम में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) भी थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, कि 'मैं असम की महान धरती को नमन करता हूं, जिसने मां भारती को लचित जैसे वीर दिए। ये मेरा सौभाग्य है कि मुझे इस कार्यक्रम से जुड़ने का मौका मिला। मैं इस अवसर पर असम की जनता तथा देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

भारत का इतिहास सिर्फ गुलामी का नहीं

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में भारत के इतिहास पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा, भारतीय इतिहास को दबाया गया। भारतीय इतिहास सिर्फ 'गुलामी का इतिहास' नहीं है। बल्कि, ये योद्धाओं का इतिहास है। अत्याचार करने वालों के विरुद्ध अभूतपूर्व शौर्य और पराक्रम दिखाने का इतिहास है।' इस दौरान उन्होंने लचित बोरफुकान का भी जिक्र किया।

पीएम बोले- इतिहास को जानबूझकर दबाया गया

प्रधानमंत्री मोदी ने देश के इतिहास पर अपना पक्ष रखते हुए कहा, कि 'दुर्भाग्य से हमें आजादी के बाद भी वही इतिहास पढ़ाया जाता रहा, जिसमें गुलामी के कालखंड में साजिशन रचा गया था। उन्होंने कहा, स्वतंत्रता के बाद जरूरत थी हमें गुलाम बनाने वाले विदेशियों के एजेंडों को बदलने की। मगर, ऐसा नहीं किया गया।' पीएम मोदी ने बताया, देश के हर कोने में मां भारती के वीर सपूतों ने, बेटे ही नहीं बेटियों ने कैसे बाहरी आक्रमणकारियों, आतताइयों का मुकाबला किया। अपना जीवन देश के रक्षा में समर्पित कर दिया। लेकिन, इस इतिहास को जानबूझकर दबाया गया।'

'ऐतिहासिक नायक-नायिकाओं को गर्व से याद कर रहे'

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, आज देश अपनी संस्कृति पर गर्व करता है। भारत के लोग इतिहास के नायक-नायिकाओं को गर्व से याद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, लचित जैसी मां भारती की अमर संतानें हमारी अविरल प्रेरणा हैं। मैं इस पुण्य अवसर पर लचित को नमन करता हूं।

..हमें जवाब भी देना आता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, 'अगर कोई तलवार के जोर से हमें झुकाना चाहता है। हमारी पहचान को बदलने की कोशिश करता है, तो हमें उसका जवाब भी देना आता है। उन्होंने कहा, असम और पूर्वोत्तर की धरती इसकी गवाह है। वीर लचित बोरफुकान ने वीरता और साहस जप परिचय दिया वह मातृभूमि के लिए अगाध प्रेम को दिखाता है।'

'मेक इन इंडिया' बोरफुकान को सच्ची श्रद्धांजलि

असम के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, 'पीएम मोदी ने मेक इन इंडिया के माध्यम से देश के लोगों को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया। सोनोवाल ने कहा, मेक इन इंडिया पीएम मोदी की तरफ से लचित बोरफुकान को सच्ची श्रद्धांजलि है। क्योंकि उन्होंने मुगलों के खिलाफ लड़ाई में जो हथियार इस्तेमाल किए थे, वे असम के लोगों द्वारा बनाए गए थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा, आत्मनिर्भर भारत की यात्रा तब ही शुरू हुई हो गई थी, जिसे अब प्रधानमंत्री आगे बढ़ा रहे हैं।'

हिमंता बिस्वा- जनता और इतिहासकार करें प्रयास

इस मौके पर असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा अपने इतिहास के गुमनाम नायकों पर प्रकाश डालने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने लचित बोरफुकान की गौरवमयी गाथा को भी याद किया। उन्होंने कहा, लेकिन सिर्फ सरकार के प्रयास ही काफी नहीं हैं। लोगों और इतिहासकारों को भी इस ओर प्रयास करना चाहिए।'

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