आज PAK के MFN दर्जे की समीक्षा करेंगे मोदी, रद्द होने पर पड़ोसी को लगेगा झटका

Published by Published: September 29, 2016 | 1:22 am
एमएफएन दर्जे की समीक्षा

नई दिल्लीः उरी में आतंकी हमले के बाद पाक की नकेल कसने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी लगातार कदम उठा रहे हैं। इसी कड़ी में आज वह पाकिस्तान को मिले सबसे तरजीही देश यानी एमएफएन दर्जे की समीक्षा करने जा रहे हैं। बता दें कि पाकिस्तान ने भारत को ये दर्जा नहीं दिया हुआ है। विशेषज्ञों की मानें तो एमएफएन दर्जा रद्द होने से पाकिस्तान को तगड़ा झटका लग सकता है।

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क्या है एमएफएन दर्जा?
एमएफएन दर्जे का  मतलब है सबसे तरजीही देश। विश्‍व व्‍यापार संगठन और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के आधार पर कारोबार में सर्वाधिक तरजीह वाला देश (एमएफएन) का दर्जा मिलता है। ये दर्जा हासिल करने वाले देश को इस बात का आश्वासन रहता है कि उसे कारोबार में नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा।

बता दें कि भारत ने पाकिस्तान को 1996 में ही ये दर्जा दे दिया था। पाकिस्तान ने भारत को साल 2012 तक ये दर्जा देने की बात कही, लेकिन इस दिशा में आगे कदम नहीं बढ़ाया। अब एमएफएन दर्जे की समीक्षा से पाक को तगड़ा झटका देने की तैयारी मोदी सरकार कर रही है।

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एमएफएन दर्जे के क्या हैं फायदे?
एमएफएन के तहत आयात-निर्यात में खास छूट मिलती है। इस दर्जे के तहत कारोबार पर सबसे कम आयात शुल्क लगता है। सीमेंट, चीनी, ऑर्गेनिक केमिकल, रुई, सब्जियों और कुछ फलों के अलावा मिनरल ऑयल, ड्राई फ्रूट और स्टील का कारोबार भारत और पाकिस्तान के बीच होता है। मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक दोनों देशों के बीच करीब 2.60 बिलियन डॉलर का व्यापार होता है। एमएफएन दर्जा खत्म होने पर पाकिस्तान को बड़ा झटका लग सकता है।