UNESCO Tentative List: पीएम मोदी का जन्म स्थान वडनगर यूनेस्को की हेरिटेज सूची में, मोढ़ेरा सूर्य मंदिर को भी मिली जगह

UNESCO Tentative List: गुजरात के मेहसाणा जिले में स्थित वडनगर एक ऐतिहासिक शहर है। इसकी जड़ें महाभारत काल से जुड़ी हुई हैं।

Krishna Chaudhary
Published on: 21 Dec 2022 10:23 AM IST
Modhera Sun Temple
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Modhera Sun Temple (photo: social media )

UNESCO Tentative List: संयुक्त राष्ट्र शैक्षणिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) के विश्व के धरोहर स्थलों की अस्थाई सूची में भारत के तीन ऐतिहासिक महत्व के स्थलों को शामिल किया गया है। इनमें दो स्थल गुजरात और एक उत्तर पूर्वी राज्य त्रिपुर में है। यूनेस्को के निदेशक लजारे ओसोमो ने यूनेस्को में भारतीय राजदूत विशाल शर्मा को इस संबंध में जानकारी दी। जिन तीन सांस्कृतिक स्थलों को शामिल किया है, उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मस्थान वडनगर, मोढेरा का प्रतिष्ठित सूर्य मंदिर और त्रिपुरा में उनाकोटी की रॉक – कट राहत मूर्तियां शामिल है।

केंद्रीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मंगलवार को ट्वीट कर तीनों ऐतिहासिक स्थलों की तस्वीरें शेयर कीं। उन्होंने लिखा, बधाई हो! भारत भारत ने यूनेस्को की अस्थायी सूची में तीन और स्थल जोड़े हैं। पहला गुजरात का वडनगर बहुस्तरीय ऐतिहासिक शहर, दूसरा, मोढेरा का सूर्य मंदिर और इसके आस-पास के स्मारक और तीसरा, उनाकोटी जिले की उनाकोटी श्रृंखला में पत्थरों पर उकेरी गई मूर्तियां।

पीएम मोदी का जन्मस्थान वडनगर

गुजरात के मेहसाणा जिले में स्थित वडनगर एक ऐतिहासिक शहर है। इसकी जड़ें महाभारत काल से जुड़ी हुई हैं। इसे अतीत में आनंदानगर, अनारतापुर और नागर के नाम से भी जाना जाता रहा है। अम्बाजी माता मंदिर वडनगर के प्राचीन मंदिरों में से एक है। इसके अलावा यहां और कई महत्वपूर्ण हिंदू और जैन मंदिर हैं। यहां पर बौद्ध धर्म से जुड़े कई अवशेष भी मिले हैं। समृद्ध इतिहास को अपने अंदर संजोने वाले इस शहर को पहचान साल 2014 में तब मिली, जब नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री के पद पर पहुंचे। पीएम मोदी ने यहीं के मिट्टी के लाल हैं।

मोढेरा सूर्य मंदिर

मेहसाणा जिले में स्थित मोढेरा सूर्य मंदिर भगवान सूर्य को समर्पित है। 11वीं शताब्दी में सोलंकी राजवंश के शासनकाल में इस मंदिर का निर्माण हुआ था। इसी साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री मोदी ने इस मंदिर का दौरा किया था। उन्होंने वहां हेरीटेज लाइटिंग का उद्घाटन भी किया था। यह पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित है।

बता दें कि गुजरात से फिलहाल तीन स्थिल यूनेस्को की हेरीटेज सूची में शामिल हैं। इनमें कच्छ का हड़प्पाकालीन स्थल धोलावीरा, पाटण स्थित रानी की वाव और चंपानेर – पावागढ़ का किला शामिल है। गुजरात का अहमदाबाद शहर यूनेस्को की सूची में एकमात्र भारतीय हेरीटेज शहर है।

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Krishna Chaudhary having four year experience of working in different positions during his Journalism. Having Expertise to create content in Politics, Crime, National and International Affiars.

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