Top

SIMI आतंकियों के मारे जाने के बाद सियासत तेज, टूथब्रश-लकड़ी से बनी थीं चाबियां

By

Published on 1 Nov 2016 3:16 AM GMT

SIMI आतंकियों के मारे जाने के बाद सियासत तेज, टूथब्रश-लकड़ी से बनी थीं चाबियां
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • Linkedin
  • Print

भोपाल: सेंट्रल जेल से भागे 8 सिमी आतंकियों के मारे जाने के बाद राजनीति शुरू हो गई है। विपक्षी दल इसकी न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं इस पूरे एनकाउंटर का वीडियो सामने आने के बाद शि‍वराज सिंह चौहान सरकार घिरती नजर आ रही है। वीडियो में गोली मारते और जेब से चाकू निकालने की तस्वीर है। मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस मामले की एनआईए से जांच कराने की बात कही है।

मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट

इस पूरी घटना के बाद मानवाधिकार आयोग पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी है। तीन दिन से जेल के सीसीटीवी कैमरे खराब थे वहीं सवाल उठ रहे हैं कि सिमी आतंकियों को एनकाउंटर की बजाय जिंदा पकड़ा जा सकता था। एनकाउंटर के समय एक मोबाइल वीडियो सामने आया है इसमें आतंकी सरेंडर करने की बात कह रहे हैं। भोपाल पुलिस इस पूरे मामले की मानवाधिकार को जल्‍द रिपोर्ट सौपेगी।

मुख्यमंत्री ने जेल के पांच अफसरों को निलंबित कर दिया और जेल के अतिरिक्त महानिदेशक को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। वहीं आईजी योगेश चौधरी ने रविवार को खुलासा किया है । चौधरी के मुताबिक कैदियों ने टूथब्रश (प्लास्टिक) और लकड़ी से चाबियां बनाई थीं।

आईजी योगेश चौधरी के मुताबिक

-भोपाल जेल में सिमी से जुड़े कुल 29 विचाराधीन कैदी हैं। इनमें से आठ दो बैरकों में थे।

-इन आठों ने टूथब्रश सहित अन्य सामान से चाबियां बनाई थीं।

-ताला खोलने के बाद उन्होंने प्रहरी रामाशंकर यादव की गला रेतकर हत्या की।

-वहीं चंदन सिंह के हाथ-पैर बांध दिए, फिर चादरों को रस्सी की तरह इस्तेमाल कर 25 फीट ऊंची दीवार फांद कर भाग निकले।

-चौधरी के मुताबिक, पुलिस ने जवाब में कुल 45 राउंड गोलियां चलाईं।

-इसमें आठों फरार कैदी मारे गए। उनके पास से चार देसी कट्टे व तीन चाकू बरामद किए गए हैं।

-इनके पास से कोई मोबाइल नहीं मिला है।

-उन्होंने बताया कि जो विचाराधीन कैदी मारे गए हैं, उनमें से तीन ऐसे थे, जिन्होंने पहले दो सुरक्षा जवानों की हत्या की थी।

हेड कांस्‍टेबल रमाशंकर शहीद

भोपाल के सेन्ट्रल जेल से भाग रहे आतंकवादी कैदियों को रोकने में हेड कांस्टेबल रमाशंकर यादव (55) शहीद हो गए। वह बलिया जिले के हल्दी थाना क्षेत्र के राजपुर गांव के निवासी थे। रमा शंकर का पूरा परिवार भोपाल में ही रहता है।

रमाशंकर जेल में राईटर (ड्यूटी लगाने) का काम काफी दिनों तक किए। कुछ दिनों से वे अस्वस्थ चल रहे थे। इसलिए आरक्षी का काम कर रहे थे। रमाशंकर भोपाल के सेन्ट्रल जेल के करीब स्थित संजीव नगर कॉलोनी में रहते थे। रात में दो बजे से उनकी ड्यूटी थी। उनके एक रिश्तेदार सुरेश यादव जो भोपाल में ही पुलिस विभाग में नौकरी करते हैं।

आतंकियों को भगाने में दीवाल के उस पार भी थे लोग

सुरेश यादव ने फोन पर बताया कि आतंकी ने थाली का चाकू बनाकर रमाशंकर पर हमला किया। विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी। सुरेश ने बताया कि 35 फीट ऊंची दीवार फांदने के लिए जिस कपड़े की रस्सी बनाया था उसे चाहरदिवारी के पार कोई पकड़े हुए था। तभी आतंकी भागे थे।

अगले महीने थी बेटी की शादी

रमाशंकर पांच भाईयों में दूसरे नम्बर के थे। रामाशंकर के परिवार में मां, पत्नी हीरामुन, दो पुत्र शम्भु नाथ यादव (32),प्रभुनाथ यादव ( 27) दोनों की शादी हो चुकी है। दोनों बेटे सेना में हैं। एक पुत्री सोनी ( 24) है, जिसकी शादी नहीं हुई है। पुत्री सोनी की शादी अगले माह नौ दिसम्बर को भोपाल में ही होना निश्चित हुआ था लेकिन पिता के असमय निधन के बाद अब शादी टल सकती है। घटना के बाद से परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल है।

क्रॉस फायरिंग में ढेर

भोपाल पुलिस ने बताया कि आतंकियों के पास से हथियार भी बरामद हुए हैं। उन्होंने फायरिंग की तो पुलिस ने भी आत्मरक्षा में फायरिंग की। इसी क्रॉस फायरिंग में सभी आतंकी मारे गए।

गांव वालों ने पुलिस को बताया

आतंकियों को नदी में पानी पीते देखा गया था। इस बात की जानकारी गांव वालों ने पुलिस को दी। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इस घटना के बाद खबर है कि देश के सभी महत्त्वपूर्ण जेलों की सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं।

शिवराज ने राजनाथ सिंह को दी जानकारी

सिमी के आतंकियो के भागने के बाद गृह मंत्रालय सभी राज्यों को जेल की सुरक्षा बढ़ाने की नई एडवाइजरी भेजेगी। वहीं मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह को एनकाउंटर की पूरी जानकारी दी है। साथ ही एनआईए से जांच की मांग की. गृह मंत्री ने एनआईए से जांच की हामी भर दी है।

सिमी ने बदला था नाम

उल्लेखनीय है कि साल 2002 में प्रतिबंध लगने के बाद सिमी ने नाम बदलकर इंडियन मुजाहिदीन रख लिया है। इस संगठन पर साल 2005 तक देश में लगातार विस्फोट कराने के आरोप हैं। उसके बाद से अब उसके तमाम लोग स्लीपिंग माड्यूल की तरह काम कर रहे हैं। इसकी बानगी दो वर्ष पहले बिजनौर में एक घर के अंदर विस्फोट के बाद सामने आई थी।

शहीद रामाशंकर के आश्रितों को मिलेगी सरकारी नौकरी

मध्य प्रदेश सरकार की जेल मंत्री कुसुम मेहदेले ने शहीद हेड कांस्टेबल रामाशंकर यादव के परिवार वालों से घर जाकर मुलाकात की। उन्होंने आश्रित परिवार से एक को नौकरी दिए जाने और राज्य सरकार की ओर मुआवजा दिए जाने का भी ऐलान किया है।

आगे की स्‍लाइड में पढ़ें विरोधियों ने कैसे साधा निशाना...

कांग्रेस ने उठाए सवाल

सिमी आतंकी एनकाउंटर मामले कांग्रेस नेताओं ने सवाल किए हैं। सीनियर कांग्रेस नेता कमलनाथ ने कहा कि सिमी कार्यकर्ता अत्यंत सुरक्षा वाली जेल से भाग गए और कुछ घंटे के अंदर उन्हें न केवल खोज लिया गया बल्कि एनकाउंटर कर दिया गया। अब उनसे पूछताछ नहीं की जा सकती, कोई सबूत नहीं है, उनके बयान रिकॉर्ड नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहान्यायिक जांच की मांग की है।

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी जांच की मांग की है, दिग्विजय एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए कहा कि आतंकी जेल से भागे या भगाए गए?

ओवैसी ने एनकाउंटर पर उठाए सवाल

एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी जांच की मांग की है। ओवैसी ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट को इसपर जांच बिठानी चाहिए।

वाम दलों ने भी जांच की मांग की

मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने न्यायिक जांच की मांग की है। माकपा की पोलित ब्यूरो की सदस्य बृंदा करात ने कहा कि सरकार की ओर से दिया गया बयान संदिग्ध है और अपने ही पूर्व बयानों से विरोधाभासी है।

केजरीवाल ने भी साधा निशाना

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मुठभेड़ की जांच सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में कराए जाने की मांग कर दी है।



Next Story