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Road Accident Deaths in India: सड़क हादसों से मौतों पर सरकार चिंतित, 2030 तक शून्य करने का लक्ष्य

Road Accident Deaths in India: विश्वेश्वरैया सभागार में हुई कार्यशाला में जितिन प्रसाद ने सड़क दुर्घटनाओं के कारण बताते हुए इसे कम करने के लिए किए जा रहे सरकारी प्रयासों की जानकारी भी दी।

Rahul Singh Rajpoot
Updated on: 28 May 2022 3:15 PM GMT
Government worried about road accident deaths, aiming to reduce them to zero by 2030
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Road Accident Deaths in India 

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Road Accident Deaths in India: सड़क हादसों (Road Accident) को कम करने और जनहानि को रोकने के लिए प्रदेश सरकार (UP Government) अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दे रही है। केंद्र सरकार (Central Government) और प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि 2025 तक सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत तक की कमी के साथ 2030 तक सड़क दुर्घटनाओं को शून्य किया जाना। ये बातें यूपी सरकार के लोक निर्माण मंत्री जितिन प्रसाद ने अपने विभाग द्वारा आयोजित" सड़क सुरक्षा कार्यशाला (Road Safety Workshop) में कही। विश्वेश्वरैया सभागार (Visvesvaraya Auditorium) में हुई इस कार्यशाला में जितिन प्रसाद (Jitin Prasad) ने सड़क दुर्घटनाओं के कारण बताते हुए इसे कम करने के लिए किए जा रहे सरकारी प्रयासों की जानकारी भी दी।

सड़क दुर्घटनाओं को रोकना हम सब का कर्तव्य

पीडब्लूडी मंत्री (PWD Minister) ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े विभागों में अंतर्विभागीय समन्वय स्थापित करके दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली जनहानियों को रोका जा सकता है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए हम सब का कर्तव्य बनता है कि सड़क सुरक्षा के प्रति स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ समाज के लोगों को भी जागरूक करें। उन्होंने कहा कि जनमानस की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि निश्चित समयावधि में प्राथमिकता के आधार पर सड़कों के अनावश्यक कट्स को बंद कराया जाए।

उन्होंने कहा कि छोटे शहरों को जोड़ने वाली सड़कों से लेकर हाईवे, बायपास और ब्रिज बनाने का काम हो रहा है। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर तो जरूरी है ही लेकिन वाहन चालकों की सतर्कता भी जरूरी है। दुर्घटनाओं को रोकने के प्रयासों में अतिक्रमण हटाना, यातायात सुगम बनाने के उपायों की जांच करना, सड़क डिजाइन में बदलाव करने जैसे कार्य शामिल हैं। इन सभी के साथ विभिन्न विभागों में समन्वय स्थापित करने और नोडल विभाग बनाने की भी नितांत आवश्यकता है।

राजमार्गों और सड़कों से अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता- राज्य मंत्री बृजेश सिंह

कार्यशाला में पीडब्ल्यूडी राज्य मंत्री बृजेश सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी को अन्य विभागों के साथ समन्वय बनाकर इंजीनियरिंग दोषों को दूर करने, बेहतर साइनेज लगाकर सुरक्षा साधन बढ़ाने, राजमार्गों और सड़कों से अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता है। इस दिशा में काम हो रहा है लेकिन और बेहतर परिणाम हासिल करने की आवश्यकता है।

लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नरेंद्र भूषण ने कहा कि जिस तरह प्रदेश की अधोसंरचना को सुधारने और विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है, यह प्रशंसनीय है। आज पूरे देश में ही नहीं बल्कि दुनिया भर की निगाहें भी उत्तर प्रदेश पर है। आने वाले समय में उत्तर प्रदेश और यहां की सड़कों का विकास दुनिया भर के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। इसी बात को ध्यान में रखकर योजना बनाकर काम किया जा रहा है और यह विकास अन्य प्रदेशों के लिए मिसाल बनेगा।

इस कार्यशाला में केके कपिला अध्यक्ष, इंटरनेशनल रोड फेडरेशन ने कहा कि आईआरएफ सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को कम करने के लिए रोड इंजीनियरिंग, वाहन इंजीनियरिंग, शिक्षा, आपातकालीन देखभाल सहित सड़क सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। आईआरएफ की भारतीय ईकाई ने दुर्घटनाओं को कम करने के लिए अपनी पहल में सात सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाओं वाले राज्यों में 150 से 200 किमी. के राजमार्ग खंडों को चुना है।

सड़क सुरक्षा को बढ़ाना उद्देश्य

इनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, राजस्थान, केरल और कर्नाटक शामिल है। इसका उद्देश्य राज्य सरकारों के सहयोग से दुर्घटनाओं में कमीं लाकर मौतों को रोकना है। इस तरह के परिवर्तन का उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ाना और सुधारात्मक प्रयासों से उद्देश्य की पूर्ति करना है।

Shashi kant gautam

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