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सबरीमाला संरक्षण रथयात्रा आज होगी समाप्त, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पहुंच सकते है मंदिर

Aditya Mishra

Aditya MishraBy Aditya Mishra

Published on 13 Nov 2018 4:38 AM GMT

सबरीमाला संरक्षण रथयात्रा आज होगी समाप्त, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पहुंच सकते है मंदिर
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तिरुवनंतपुरम : सबरीमाला मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने की मांग को लेकर बीजेपी की ओर से शुरू की गई सबरीमाला संरक्षण रथयात्रा आज इरुमली पहुंचकर समाप्त होगी। रथयात्रा के दौरान प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पीएस श्रीधरन पिल्लई सहित कई विधायक और पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे।

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के भी रथयात्रा के समापन के दौरान पहुंचने की अटकलें तेज हो गई है। हालांकि पार्टी की तरफ से अभी इसकी अधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो सकी है।

बता दे कि सबरीमाला मंदिर में सभी उम्र की महिलाओं को प्रवेश दिए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद जारी सियासी घमासान के बीच बीजेपी ने गुरुवार को कासरगोड जिले से सबरीमाला संरक्षण रथयात्रा की शुरुआत की थी। यह रथयात्रा 13 नम्वबर को इरुमली पहुंचकर समाप्त होगी।

केरल सरकार जहां अदालत के फैसले को हर हाल में लागू करने की बात कर रही है, वहीं बीजेपी व अन्य दल फैसले के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं। इस कड़ी में बीजेपी ने दूसरे चरण के आंदोलन के तहत रथयात्रा के आयोजन का ऐलान किया था।

अमित शाह सबरीमाला पहुंच सकते हैं

16 नवंबर को नियमित वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए खुल रहे मंदिर के कपाट में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के शामिल होने संभावना जताई जा रही है। सबरीमाला मंदिर में आकर पूजा करने की बात उनके विवादित बयान के बाद सामने आई है। अमित शाह कन्नूर में पार्टी कार्यालय का उद्घाटन करने पहुंचे थे। तब उन्होंने न सिर्फ राज्य की लेफ्ट सरकार को घेरा बल्कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी सवाल खड़े थे।

अमित शाह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खड़े किये थे सवाल

बीजेपी कार्यालय का उद्घाटन करते हुए अमित शाह ने कहा था कि कन्नूर हमारे लिए तीर्थस्थल जैसा है। अयप्पा के भक्तों पर दमन का कुचक्र चलाया जा रहा है, बीजेपी अयप्पा भक्तों के साथ चट्टान की तरह खड़ी रहेगी। केरल के अंदर मंदिरों की परंपरा को खत्म करने की कोशिश कम्युनिस्ट सरकार कर रही है।

उन्होंने कहा था कि सरकार और कोर्ट को ऐसे आदेश देने चाहिए, जिनका पालन हो सके। उन्हें आदेश ऐसे नहीं देने चाहिए जो लोगों की आस्था का सम्मान न कर सकें। उन्होंने कहा था कि सरकार आग से खेल रही है।

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