भाजपा की सबसे पुरानी सहयोगी ने दिल्ली हिंसा पर कही ये बात, इस दंगा से की तुलना

देश की राजधानी में पिछले दिनों हुई हिंसा में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल के सांसद नरेश गुजराल ने भी इस पूरे घटनाक्रम में…

नई दिल्ली।  देश की राजधानी में पिछले दिनों हुई हिंसा में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच शिरोमणि अकाली दल के सांसद नरेश गुजराल ने भी इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं।

ये भी पढ़ें-सरकार का बड़ा ऐलान: अब महिलायें भी पी सकेंगी खुल कर शराब, इन शहरों में खुलेगा…

उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह ,दिल्ली के उपमुख्यमंत्री अनिल बैजल को पत्र लिखकर उनके फोन करने के बाद भी पुलिस के कोई कार्रवाई न करने की जानकारी दी है। यह पत्र उन्होंने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर अमूल्य पटनायक को भी भेजा है। बताते चलें दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है।

सभ्य भारतीय 1984 की पुनरावृत्ति नहीं चाहता

1984 के दंगों की याद ताजा कराने वाला मंजर’ शिअद सांसद नरेश गुजराल ने पीटीआई से कहा कि दिल्ली पुलिस की ‘निष्क्रियता’ठीक वैसी ही है जैसी हमने 1984 में देखी थी, कोई भी सभ्य भारतीय 1984 की पुनरावृत्ति नहीं चाहता।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में अल्पसंख्यकों के जीवन और संपत्तियों की रक्षा करने की दिशा में दिल्ली पुलिस की “निष्क्रियता” 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान हुई घटनाओं की “याद ताजा” कराती है। भाजपा की सहयोगी पार्टी के सांसद ने कहा कि कोई भी 1984 के दंगों की पुनरावृत्ति नहीं होने देना चाहता।

दिल्ली पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

दिल्ली के पुलिस प्रमुख अमूल्य पटनायक को पत्र लिखने के बाद पीटीआई से बात करते हुए, पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल के बेटे नरेश गुजराल ने कहा कि शहर के कुछ हिस्सों में अल्पसंख्यक “भयभीत” हैं। क्योंकि दिल्ली पुलिस ने उनकी जान-माल की रक्षा नहीं की, जो कि 1984 में जैसा हमने देखा था उससे काफी मिलता जुलता है। ये हैरान कर देने वाला है।

अमूल्य पटनायक को लिखे गए इस पत्र में उन्होंने दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि अगर पुलिस सांसद की शिकायत पर एक्शन नहीं ले रही तो आम आदमियों की क्या स्थिति होगी।