हीरो सूद को सलाम! हमेशा सुपर स्टार बनाये रखना हमारा काम

सोनू सूद तो अपना काम कर रहे हैं। बिना किसी प्रतिदान के कर रहे है। ईमानदारी से कर रहे हैं। अब हम लोगों का काम सोनू सूद के लिए शुरू होता है। वह जिस भी सामान का प्रचार करें हम उसके ग्राहक बनें। जिस फ़िल्म में काम करें उसे बढ़ चढ़कर कर देखें।

योगेश मिश्र

कहा जाता है कि नेता सबसे बड़ा अभिनेता होता है। पर कोरोना संकट काल में महाराष्ट्र में फँसे विभिन्न राज्यों के प्रवासी मज़दूरों को उनके घर तक सुरक्षित पहुँचाने का काम निरंतर करके सोनू सूद ने यह बता दिया कि अभिनेता ही असली नेता होता है।

बशर्ते वह चाह जाये। भारतीय राजनीति में जयललिता, जानकी रामचंद्रन , एम.जी.आर, एन.टी. रामाराव इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं। पर आज इसकी नज़ीर बन गये हैं अभिनेता सोनू सूद। ट्विटर पर सोनू सूद सबसे ऊपर ट्रेंड कर रहा है। टि्वटर पर सोनू सूद के संदेश छाए हुए है।

वैसे तो चुनौतियाँ हमेशा अवसर लेकर आती हैं। सोनू सूद के लिए भी यह कहा जा सकता है। पर यह बात देश के राजनेताओें, प्रदेश के राजनेताओं, उनके अधीन काम करने वाले नौकरशाहों के साथ ही साथ स्वयंसेवी संगठन चला कर नाम और दाम दोनों कमा लेने वालों तथा कारपोरेट घरानों के लिए कहा जाना ग़लत नहीं होगा।

ब्लेम गेम में राष्ट्र के लोग गायब

ख़ास तौर पर उत्तर प्रदेश व महाराष्ट्र सरकार के लिए तो यह एकदम सही हो सकता था। पर सोनू सूद को छोड़ सबने कोरोना संकट के कारण अपने घर न पहुँच पाने वालों, पैदल लॉंग मार्च कर देने वालों , सड़क पर इंडिया के उतर आने के बाबत कुछ ऐसा नहीं किया जो उन्हें हीरो बनाता। पूरे प्रसंग में ब्लेम गेम हुआ। राजनीतिक राजनीतिक खेली गई। हमारे लोग तुम्हारे लोग चलाया गया। यहाँ राष्ट्र के लोग का भाव लोप हो गया।

आज तीन चार दिनों से सोनू सूद लाकडाउन में फँसे लोगों के मसीहा हैं। हीरो हैं। कर्नाटक , उत्तर प्रदेश, बिहार के मज़दूरों के सोनू आज भगवान हैं। सूद का मिशन है कि जब तक आख़िरी मज़दूर अपने परिवार से न मिल जाये तब तक शांत बैठने वाले नहीं।

कांग्रेस भाजपा की 1000 बसों की रार के बीच सूद का उभार

उत्तर प्रदेश में प्रवासी श्रमिकों को घर पहुंचाने के लिए जब कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच 1000 बसों को लेकर रार छिड़ी हुई थी उस दौर में अभी सूद महाराष्ट्र में फंसे उत्तर प्रदेश, बिहार झारखंड और अन्य राज्यों के प्रवासी श्रमिकों को उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए जुटे थे।

इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया के प्लेटफ़ॉर्म का सहारा लिया। उनको एक ट्विट कीजिये और आपके साथ कुछ लोगों का ग्रुप हो तो महाराष्ट्र से आपकी मंज़िल तक पहुँचाने का काम सूद कर दिखायेंगे। आपके परिवार से आपको मिलाकर मानेंगे। आपको अपने घर तक जाने के लिए लग्ज़री गाड़ियाँ देंगे।उनके काम के तरीक़े को कुछ ऐसे समझा जा सकता है।

ट्विट मिलते ही वह और उनकी टीम एक्टिव हो जाती है। आपको जवाब जाता है तैयारी कीजिए । मतलब यात्रा बस अब शुरू होने वाली है। एक आदमी को सूद ने कहा कि कल माँ के हाथ का खाना आओगे। दूसरे रोज माँ के हाथ का बना खाना खाते हुए लख लख बधाइयों वाला ट्विट वह करता है।

लोग सूद से एकाउंट नंबर मांग रहे हैं

एक आदमी ट्विट करता है मैं उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल का रहने वाला हूँ पूर्वांचल में कहीं तक छोड़ दें बाक़ी पैदल गाँव चला जाऊँगा। सूद जवाब देते हैं पैदल क्यों जाओगे? गाँव तक पहुँचा दूंगा। उन्होंने अब तक 21 से ज्यादा बसों से लोगों को उनके घरों तक पहुंचाया है। 100 और बसें मुंबई से चलने के लिए तैयार हैं।

अब तो लोग सूद से उनका अकाउंट नंबर माँगने लगे हैं ताकि कुछ धनराशि दान स्वरूप दे सकें। चैरिटी कर सकें।

सोनू सूद का जन्म 30 जुलाई , 1975 को पंजाब के मोगा में हुआ । लेकिन उन्हें उच्च शिक्षा के लिए नागपुर शिफ्ट होना पड़ा जहां यशवंतराव चौहान अभियांत्रिकी महाविद्यालय में पढ़ाई के दौरान ही वह मॉडलिंग करने लगे।

सूद के अभिनय का जलवा

हिंदी , तेलुगु , कन्नड़ और तमिल फिल्मों में सोनू सूद अभिनय का जलवा देखा जा सकता है। वह मिस्टर इंडिया प्रतियोगिता के प्रतिभागी रहे। आज कई बड़ी कंपनियों के लिए विज्ञापन भी कर रहे हैं। बॉलीवुड की जोधा अकबर, दबंग, शूटआउट अट वडाला जैसी सुपर डुपर हिट फिल्में। भी उनकी झोली में हैं।

जोधा अकबर फिल्म में प्रिंस सुजा मल का रोल करने के लिए उन्हें फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार दिया गया। तेलुगु फिल्म अरुंधती में सर्वश्रेष्ठ खलनायक का नंदी अवार्ड और सहायक अभिनेता का फिल्म फेयर अवार्ड दिया गया दबंग फिल्म में भी उन्हें खलनायक की भूमिका में लोगों ने देखा और फिल्म फेयर का अवार्ड भी उन्हें मिला। तेलुगु की कई फिल्मों के लिए उन्हें फिल्म फेयर अवार्ड मिल चुका है।

सूद को सुपर स्टार बनाना है

सोनू सूद तो अपना काम कर रहे हैं। बिना किसी प्रतिदान के कर रहे है। ईमानदारी से कर रहे हैं। अब हम लोगों का काम सोनू सूद के लिए शुरू होता है। वह जिस भी सामान का प्रचार करें हम उसके ग्राहक बनें। जिस फ़िल्म में काम करें उसे बढ़ चढ़कर कर देखें।

कोरोना काल में तो वह अपने काम से हीरो हो गये। फ़िल्मों में अभिनय कर वह स्टार बन गये। अब हम सबको मिलकर उन्हें सुपर स्टार बनाना और बना कर रखना है।

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