BJP नेता सुषमा स्वराज ने राज्यपाल बनाए जाने की खबरों को बताया अफवाह

भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज  को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाए जाने की अटकलों पर उस वक्त विराम लग गया जब खुद सुषमा स्वराज ने इस खबर को गलत बता दिया। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने ट्वीट कर सुषमा स्वराज को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाए जाने पर बधाई दी थी।

Published by Roshni Khan Published: June 11, 2019 | 8:58 am
Modified: June 11, 2019 | 3:42 pm

सुषमा स्वराज

नई दिल्ली: भाजपा की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज  को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाए जाने की अटकलों पर उस वक्त विराम लग गया जब खुद सुषमा स्वराज ने इस खबर को गलत बता दिया। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने ट्वीट कर सुषमा स्वराज को आंध्र प्रदेश का राज्यपाल बनाए जाने पर बधाई दी थी। हर्षवर्धन के ट्वीट के करीब एक घंटे बाद सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया कि आंध्र प्रदेश के राज्यपाल के तौर पर मेरी नियुक्ति की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है। हालांकि हर्षवर्धन ने बाद में अपना यह ट्वीट अपने हैंडल से हटा लिया था।

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सुषमा स्वराज के इस ट्वीट के बाद गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने भी इन खबरों को खारिज कर दिया।

गौरतलब है कि पिछले ही साल सुषमा स्वराज ने कहा था कि वह भले ही 2019 का लोकसभा चुनाव न लड़ें, लेकिन वह राजनीति में सक्रिय रहेंगी। एक ट्वीट के जवाब में उन्होंने लिखा था कि मैं राजनीति से रिटायर नहीं हो रही हूं। सिर्फ स्वास्थ्य कारणों से 2019 का चुनाव नहीं लड़ने का निर्णय लिया है’।

बता दें कि सुषमा स्वराज ने मध्य प्रदेश के इंदौर में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा था कि वह 2019 का चुनाव नहीं लड़ेंगी। सुषमा स्वराज के इस फैसले पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा ‘तमाम राजनीतिक मतभेदों के बावजूद मैं दुखी हूं कि सुषमा स्वराज राजनीति छोड़ रही हैं। विदेश मामलों की संसदीय समिति के अध्यक्ष के नाते मुझे हमेशा उनका सहयोग मिलता रहा’।  इस पर स्वराज ने शशि थरूर को धन्यवाद देते हुए कहा, ‘मैं आशा करती हूं कि हम दोनों अपने सम्मानित पदों पर काम करते रहें’।

मोदी सरकार की तेज-तर्रार मंत्रियों में शुमार 66 वर्षीय सुषमा स्वराज ने कहा था कि मैंने मन बनाया है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में मैं नहीं लड़ूंगी। रिपोर्ट की मानें तो उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया था। हालांकि, सुषमा स्वराज ने कहा था कि फैसला पार्टी को लेना है, मगर उन्होंने अगला चुनाव नहीं लड़ने का मन बना लिया है। सुषमा स्वराज मध्य प्रदेश के विदिशा से लोकसभा सांसद हैं और बीजेपी की प्रमुख चेहरों में से एक हैं।

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इससे पहले साल 2016 में बुखार और निमोनिया के लक्षण के साथ सीने में जकड़न की समस्या होने पर एम्स में भर्ती कराया गया था। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का गुर्दा प्रत्यारोपण किया गया था। साल 2016 में 10 दिसंबर को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 50 डॉक्टरों के एक दल द्वारा सुषमा स्वराज का किडनी प्रत्यारोपण किया गया था।