शाही लीची-जर्दालु आमः मुंह में पानी आ गया, लेकिन मिलेंगे कहां-जाने यहां

शुरुआत में यह सुविधा सिर्फ ‘शाही लीची’ के लिए मुजफ्फरपुर और पटना के लोगों को तथा ‘ जर्दालु आम’ के लिए पटना और भागलपुर के लोगों के लिए उपलब्ध होगी। लीची की बुकिंग न्यूनतम 2 किग्रा तथा आम की बुकिंग न्यूनतम पांच किग्रा तक के लिए होगी।

जहाँ एक तरफ पूरा देश कोरोना वायरस जैसी महामारी से लड़ रहा हैं, वहीँ दूसरी तरफ आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक नई पहल की गई हैं। भारत सरकार के डाक विभाग और बिहार सरकार के बागवानी विभाग ने यह फ़ैसला किया है कि वह लोगों के दरवाजों तक ‘शाही लीची’ और ‘जर्दालु आम’ पहुँचाने में मदद करेंगे। इस से उत्पादकों को समय रहते पूरा लाभ मिल जाएगा। लोगों का जायका भी बदल जाएगा।

दरअसल बिहार पोस्टल सर्किल ने बिहार सरकार के बागवानी विभाग के साथ मुजफ्फरपुर से शाही लीची और भागलपुर से जर्दालु आम की लॉजिस्टिक्स करने तथा इसकी लोगों के दरवाजों तक पहुँचाने का बीड़ा उठाया है। ताकि मंडी में जाकर लोगों को कोरोना से बचने की चिंता न रहे।

कोरोना वायरस की वजह से पीएम मोदी ने पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी जिसकी वजह से लीची और आम के उत्पादकों को फलों को बेचने के लिए बाजार तक ले जाने/परिवहन की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। उत्पादकों के बीच में यह एक बहुत बड़ी समस्या बन गई थी |

आप लोगों को बता दें कि आप सब इसे ऑनलाइन तरीके से भी पेश कर सकते हैं। इसकी ऑनलाइन वेबसाइट हैं ” horticulture.bihar.gov.in ”

अभी केवल इन दो जगह है ये सुविधा

शुरुआत में यह सुविधा सिर्फ ‘शाही लीची’ के लिए मुजफ्फरपुर और पटना के लोगों को तथा ‘ जर्दालु आम’ के लिए पटना और भागलपुर के लोगों के लिए उपलब्ध होगी। लीची की बुकिंग न्यूनतम 2 किग्रा तथा आम की बुकिंग न्यूनतम पांच किग्रा तक के लिए होगी।

ऑनलाइन बुकिंग तथा दरवाजों तक प्रदायगी की सुविधा उत्पादकों/किसानों को सीधे तौर पर इस नए बाजार में अच्छा लाभ अर्जित करने में मदद करेगी। ग्राहकों को भी कम कीमत पर अपने दरवाजों तक इन ब्रांडेड फलों को प्राप्त करने का लाभ मिलेगा। अभी तक वेबसाइट पर 4400 किग्रा लीची के लिए आर्डर दिए जा चुके हैं। सीजन के दौरान यह 100000 किग्रा तक जा सकता है। आमों के लिए आर्डर मई के अंतिम सप्ताह से आरंभ होंगे।