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Supreme Court: सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन को राहत, TNPCB को झटका, SC ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को रखा बरकरार
Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (TNPCB) द्वारा कोयंबटूर में सद्गुरु जग्गी वासुदेव के ईशा फाउंडेशन के निर्माण के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस को रद्द करने के मद्रास हाईकोर्ट के 2022 के फैसले को बरकरार रखा है।
Supreme Court: सद्गुरु के ईशा फाउंडेशन को राहत को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने ईशा फाउंडेशन पर पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने का आरोप मामले में आज सुनवाई की। इसमें तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को झटका लगा है। सर्वोच्च अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकार रखा है।
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (TNPCB) द्वारा कोयंबटूर में सद्गुरु जग्गी वासुदेव के ईशा फाउंडेशन के निर्माण के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस को रद्द करने के मद्रास हाईकोर्ट के 2022 के फैसले को बरकरार रखा है। इसमें पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया था।
मामले में जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने सुनवाई की। पीठ ने कहा कि हाईकोर्ट का फैसला सही है और इस संबंध में ईशा फाउंडेशन के योग और ध्यान केंद्र के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।
पीठ ने और क्या कहा
पीठ ने आगे कहा कि योग और ध्यान केंद्र के विस्तार के मामले में सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति ली जाएगी। हालांकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह आदेश अवैध निर्माण को नियमित करने के लिए मिसाल नहीं बनाएगा। यह मामले के जरूरी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर पारित किया गया है।
मद्रास हाईकोर्ट ने क्या कहा था
इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने 14 दिसंबर 2022 को यह कहा था कि कोयंबटूर में ईशा फाउंडेशन द्वारा स्थापित केंद्र शिक्षा श्रेणी में आएगा। साथ ही टीएनपीसीबी के कारण बताओ नोटिस को खारिज कर दिया था। जो कि बोर्ड ने ईशा फाउंडेशन को जारी किया था। कोर्ट ने 19 नवंबर 2021 के नोटिस को रद्द कर दिया था और ईशा फाउंडेशन की याचिका को स्वीकार कर लिया था। यह कारण बताओ नोटिस पूर्व पर्यावरणीय मंजूरी के बिना वेल्लियांगिरी की तलहटी में इमारतों के निर्माण कार्य को लेकर था।