जल्द आ सकता है राम मंदिर पर फैसला, सुनवाई के अंतिम दौर में सुप्रीम कोर्ट

चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने इस जटिल मुद्दे का सौहार्दपूर्ण हल निकालने के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया के विफल होने के बाद मामले में 6 अगस्त से प्रतिदिन की कार्रवाई शुरू की थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2014 के फैसले के खिलाफ शीर्ष न्यायालय 14 अपीलों पर सुनवाई कर रहा है ।

नई दिल्ली: देश का सबसे बड़ा विवादित मुद्दा राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद की लगातार हो रही सुनवाई अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुकी है। दशहरे की हफ्ते भर की छुट्टी के बाद सुप्रीम कोर्ट में यह सुनवाई फिर शुरू हो गयी है। बता दें कि यह सुनवाई सोमवार को अपना 38वां दिन पूरा करेगी। कोर्ट की संविधान पीठ, इस मामले की सुनवाई कर रही है।

गौरतलब है कि चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने इस जटिल मुद्दे का सौहार्दपूर्ण हल निकालने के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया के विफल होने के बाद, मामले में 6 अगस्त से प्रतिदिन सुनवाई की कार्रवाई शुरू की थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2014 के फैसले के खिलाफ शीर्ष न्यायालय 14 अपीलों पर सुनवाई कर रहा है ।

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पीठ के सदस्यों में ये पांच न्यायाधीश शामिल

बता दें कि पीठ ने इस मामले में न्यायालय की कार्रवाई पूरी करने की समय सीमा की समीक्षा की थी और इसके लिए 17 अक्टूबर की सीमा तय की गयी है।

पीठ के सदस्यों में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायामूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर भी शामिल हैं।

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17 अक्टूबर को सुनाया जा सकता है अंतिम फैसला

न्यायालय ने अंतिम चरण की दलीलों के लिये कार्यक्रम निर्धारित करते हुए कहा था कि मुस्लिम पक्ष 14 अक्टूबर तक अपनी दलीलें पूरी करेंगे और इसके बाद हिंदू पक्षकारों को अपना प्रत्युत्तर पूरा करने के लिए 16 अक्टूबर तक दो दिन का समय दिया जाएगा।

इस मामले में 17 नवंबर तक फैसला सुनाए जाने की उम्मीद है। इसी दिन प्रधान न्यायाधीश गोगोई सेवानिवृत्त भी हो रहे हैं। इस लिए यह मामला गोगोई के लिए बहुत ही ख़ास है।