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Supreme Court: चुनाव आयुक्त अरुण गोयल मामले पर SC का फैसला सुरक्षित, जताई नाराजगी

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने आज गुरुवार 24 नवंबर 2022 को अरुण गोयल को चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त करने में जल्दबाजी पर सवाल उठाया।

Jugul Kishor
Updated on: 24 Nov 2022 11:27 AM GMT
UP Shikshak Bharti 69000 assistant teacher recruitment candidates got the benefit of 1 mark From the Supreme Court
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UP Shikshak Bharti 69000 assistant teacher recruitment candidates got the benefit of 1 mark From the Supreme Court (Social Media)

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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (24 नवंबर) को अरुण गोयल को चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त करने में जल्दबाजी पर सवाल उठाया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी करके फैसले को सुरक्षित रख लिया। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अरुण गोयल की नियुक्ति फाइल पेश की। न्यायाधीश जोसेफ ने नाराजगी जताते हुये कहते हैं कि 18 नवंबर को अरुण गोयल स्वैच्छित सेवानिवृत्ति लेते हैं, उसी के बाद में उनको मुख्य चुनाव आयुक्त बना दिया जाता है, यह जल्दबाजी क्यों की गई।

जस्टिस अजय रस्तोगी ने केंद्र से कहा कि 15 मई को यह पद खाली हुआ था, क्या आप हमें बता सकते हैं कि सरकार ने नियुक्ति के लिये इतनी जल्दबाजी क्यों की गई। 24 घंटे के अंदर क्लीयरेंस, उसी दिन नोटिफिकेशन, उसी दिन स्वीकृति मिल जाती है। इस पर अटार्नी जनरल ने कहा कि वो सब बातों का जवाब देंगे, उन्हे बोलने का मौका तो दिया जाये। अटार्नी जनरल ने कहा कि उनकी प्रोफाइल महत्वपूर्ण है न कि स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति जिसे मुद्दा बनाया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अरुण गोयल की योग्यता पर सवाल नहीं उठाया जा रहा, हम नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं।

5 जजों की पीठ ने फैसले को रखा सुरक्षित

जस्टिस केएम जोसेफ की अगुआई वाली बेंच में जस्टिस अजय रस्तोगी, जस्टिस अनिरुद्ध बोस, जस्टिस ऋषिकेश रॉय और जस्टिस सीटी रविकुमार इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं। लंबी बहस के बाद में सुप्रीम कोर्ट ने फैसले को सुरक्षित रख लिया।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र से चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति से संबंधित फाइल को आज पेश करने के लिये कहा था। न्यायमूर्ति के एम जोसेफ की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा कि वह जानना चाहती है कि निर्वाचन आयुक्त के रूप में गोयल की नियुक्ति कहीं गलत तरीके से तो नहीं की गयी है, क्योंकि उन्होने हाल ही में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी।

पीठ ने सुनवाई के दौरान गोयल की नियुक्ति से संबंधित फाइल देखने की अदालत की इच्छा पर अटॉर्नी जनरल (एजी) आर वेंकटरमणि की आपत्तियों को खारिज कर दिया। वेंकटरमणि ने बेंच से कहा, जिसमें जस्टिस अजय रस्तोगी, जस्टिस अनिरुद्ध बोस, जस्टिस हृषिकेश रॉय और जस्टिस सी टी रविकुमार भी शामिल हैं, कि यह चुनाव आयुक्तों और मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) की नियुक्ति के बड़े मुद्दे से निपट रहा है और यह एक व्यक्तिगत मामले को नहीं देख सकता है।

कौन हैं चुनाव आयुक्त अरुण गोयल?

19 नवंबर को, पंजाब कैडर के 1985-बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी अरुण गोयल को चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त किया गया था। वे 31 दिसंबर को 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर सेवानिवृत्त होने वाले थे। गोयल हाल तक उद्योग मंत्रालय में सचिव थे और उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति 18 नवंबर से लागू हो गई। उन्होंने केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय में भी काम किया है।

Jugul Kishor

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