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4जी की गति बढ़ाने को आज मिल सकती है मंजूरी, इंटरनेट की स्पीड दोगुनी हो जाएगी

टेलीकॉम आयोग ने अगर मंगलवार को दूरसंचार नियामक ट्राई की सिफारिश पर मुहर लगा दी तो 4जी इस्तेमाल करने वाली ग्राहकों की इंटरनेट की स्पीड दोगुनी हो जाएगी। ट्राई ने ई और वी स्पेक्ट्रम बैंड के डिलाइसेंस (जिसके उपयोग के लिए लाइसेंस की जरूरत न हो) को मंजूरी प्रदान करने को कहा है। आयोग 5 फरवरी को होने वाली बैठक में इसके लिए अनुमति प्रदान कर सकता है।

Anoop Ojha

Anoop OjhaBy Anoop Ojha

Published on 5 Feb 2019 4:25 AM GMT

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नई दिल्ली: टेलीकॉम आयोग ने अगर मंगलवार को दूरसंचार नियामक ट्राई की सिफारिश पर मुहर लगा दी तो 4जी इस्तेमाल करने वाली ग्राहकों की इंटरनेट की स्पीड दोगुनी हो जाएगी। ट्राई ने ई और वी स्पेक्ट्रम बैंड के डिलाइसेंस (जिसके उपयोग के लिए लाइसेंस की जरूरत न हो) को मंजूरी प्रदान करने को कहा है। आयोग 5 फरवरी को होने वाली बैठक में इसके लिए अनुमति प्रदान कर सकता है।इससे कंपनियों को दूरदराज इलाकों में कनेक्टिविटी देने में मदद मिलेगी। इसके बाद ग्राहकों को दोगुनी तेज गति से इंटरनेट सेवा मिलेगी।

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अगर ऐसा होता है तो दूरसंचार कंपनियों के साथ ग्राहकों को भी इसका लाभ मिलेगा। दुनिया में कहीं भी अभी तक ई और वी स्पेक्ट्रम बैंड की नीलामी नहीं हुई है। ई बैंड की क्षमता 71.86 मेगाहर्ट्ज और वी बैंड की क्षमता 57.64 मेगाहर्ट्ज होती है।

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इंटरनेट की स्पीड बढ़ाने के लिए ट्राई ने इन बैंड को डिलाइसेंस करने की सिफारिश की है। आज होने वाली बैठक में इस पर विचार किया जाएगा। अधिकारी के मुताबिक, मंजूरी मिलने के बाद सेवा प्रदाता कंपनियां ये बैंड लगाएंगी।

5जी शुरू करने में मिलेगी मदद

अधिकारी का कहना है कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए ट्राई ने जुलाई, 2017 में आयोग से सिफारिश की थी। दूरसंचार कंपनियों को दोनों बैंड मिलने से 5जी स्पेक्ट्रम शुरू करने में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा बैठक में कैपेटिव वी सैट के लिए लाइसेंस शुल्क घटाने की मंजूरी प्रदान किया जा सकता है। सेवा प्रदाता कंपनियों के अलावा एनटीपीसी, ओएनजीसी और बीपीसीएल भी कैपेटिव वी सैट का इस्तेमाल करती हैं।

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आयोग से मंजूरी मिलने पर कंपनियों को दूसरे कैपेटिव वी सैट के लिए अलग शुल्क नहीं देना होगा। ट्राई ने शुल्क को 50 फीसदी कम करके 15 लाख करने की सिफारिश की है।

Anoop Ojha

Anoop Ojha

Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

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