इन लक्षणों से लगाएं पता, कहीं इस बीमारी की गिरफ्त में आप भी तो नहीं ?

Published by suman Published: September 4, 2017 | 11:50 am

जयपुर: कभी अमीरों की बीमारी कहा जाने वाला कैंसर आज आम लोगों के लिए भी सर दर्द बनता जा रहा है। आजकल हर 10 में 4 कैंसर से पीड़ित मिल जाएगा। कैंसर भी कई तरह का होता है। लंग कैंसर कार्सीनोज कहे जाने वाले कुछ बा‍हरी कारण से उत्पन्न होता है। ये फेफड़े में कैंसरयुक्त सेल्स की वृद्धि को बढ़ाते हैं। जब ये कैंसरयुक्त सेल्स अनियंत्रित रूप से बढ़ते हैं, तब मिलकर ट्यूमर का निर्माण करती हैं। जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है यह फेफड़े के नजदीकी हिस्सों को नष्ट करता है।

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लंग कैंसर भी दो तरह के है नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर और स्मॉल सेल लंग कैंसर। दोनों का ट्रीटमेंट भी अलग हैं।इसके लिए सबसे अच्छा इलाज कैसे होगा ये पता लगाना थोड़ा मुश्किल है। स्मॉल लंग कैंसर मुश्किल से होता है, जबकि इसका पता शुरूआत में ही चल जाता है और शायद ही शुरुआती स्टेज पर कैंसर के सर्जिकल रिमूवल द्वारा इसका उपचार किया जाता हो।

इसके विपरित नॉन-स्मॉल लंग कैंसर होने पर इसका इलाज सर्जरी के जरिए होता है। इसलिए इसके उपचार से पहले लंग कैंसर के प्रकार का पता लगाया जाता है। कैंसर विशेषज्ञ डॉक्टर दतात्रेय जो फिलहाल हैदराबाद में कार्यरत है उनका कहना है शुरुआती  लक्षणों में…

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लगातार खांसी आना, अगर तीन सप्‍ताह से लगातार खांसी आ रही है। थूक के साथ खून निकलना। खांसी के साथ रक्त आना (हेमोफाइटिस)। मुंह में घरघराहट होना। ज्‍यादा लंबी सांस लेने में दिक्‍कत होना। छाती में दर्द होना। निमोनिया के लक्षण दिखना, बुखार और खांसी के साथ कफ आना। निगलने में दिक्कत होना। आवाज का कर्कश होना। वजन का लगातार घटना। भूख न लगना। पूरी दुनिया में होने वाले कैंसरों में सबसे अधिक फेफड़े के कैंसर रोगी ही होते है। पूरे विश्व में यह कैंसर हर साल 0.5 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। 5 से 15 प्रतिशत मामलों में इसके लक्षण दिखाई नही देते।
चेस्ट कम्यूटेड टोमोग्राफी (सीटी) स्कैनिंग का अधिक उपयोग और लंग कैंसर की जांच के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए जाते हैं, लेकिन जब भी पेट में किसी असमान्य कारण का पता चलता है, तो सीटी स्कैन से अक्सर छाती के निचले हिस्से की जांच की जाती है। हालांकि, लंग कैंसर के रोगियों में एक या अधिक लक्षण पाए जाते हैं।

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यदि कैंसर छाती में है और इसके छाती के बाहर फैलने के कोई भी संकेत नहीं मिलते हैं, तो ऐसे सभी नॉन-स्मॉल सेल लंग कैंसर को सर्जरी के जरिए हटाया जाता है।इसके लिए इतने तरह के सर्जरी किया जाता है।

वेज रिसेक्शन इसमें केवल फेफड़े के छोटे से भाग को हटाया जाता है।
लॉबेक्टॉमी इसके जरिए फेफड़े के एक हिस्से को हटाया जाता है।
न्यूमॉनेक्टॉमी इसमें पूरे फेफड़े को सर्जरी के जरिए हटाया जाता है।

रेडिएशन
एक्‍सटर्नल बीम रेडिएशन इसके जरिए मशीनों का इस्तेमाल करते हुए रेडियो तरंगों के प्रभाव से आसपास के क्षेत्र में शेष परिरक्षण दिया जाता है।
इंटर्नल रेडिएशन इसमें विशेष कैप्सूल या रेडियोधर्मी दवा का उपयोग कर सीधे शरीर के अंदर ट्यूमर के ऊतक के पास दिया जाता है, जो धीरे-धीरे प्रभाव करती है।

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