तीन तलाक पर जो बोर्ड का निर्णय वही दारुल उलूम का : मुफ्ती अबुल कासिम

सहारनपुर : आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक में तीन तलाक के खिलाफ सरकार के प्रस्तावित बिल को मुस्लिम पर्सलन लॉ बोर्ड में दखल-अंदाजी करार देते हुए नकार दिया गया। बोर्ड के फैसले का खुला समर्थन करते हुए विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी ने कहा कि जो फैसला बोर्ड ने लिया है वहीं उनका भी फैसला है।

तीन तलाक के खिलाफ सरकार द्वारा तैयार किये गए बिल को केबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद हरकत में आए आॅल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने रविवार को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आपात बैठक का आयोजन कर सरकार के प्रस्तावित बिल को नामंजूर कर दिया। बोर्ड की शूरा ने सरकार के बिल को औरतों के हुकूक के खिलाफ बताते हुए इसे मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड में दखलअंदाजी करार दिया।

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तीन तलाक पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का फैसला सामने आने के बाद दारुल उलूम देवबंद के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी ने कहा कि हम बोर्ड के फैसले का खुला समर्थन करते हैं। कहा कि दारुल उलूम इस बात की घोषणा पहले ही कर चुका है कि जो फैसला मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का होगा वहीं दारुल उलूम का भी फैसला होगा। कहा कि देश के संविधान ने सभी धर्म के मानने वालों को अपने अपने धर्म के हिसाब से जीवन यापन करने की पूरी छूट दी है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड भी संविधान के उसी अधिकार के तहत अपनी मांग सरकार के सामने रख रहा है। जिस पर सरकार को अवश्य ध्यान देना चाहिए।