#uriattack: ट्विटर और सोशल मीडिया पर मोदी को झेलना पड़ रहा जनता का गुस्सा

Published by Published: September 21, 2016 | 2:42 am
उरी

नई दिल्लीः 28 महीने पहले पाकिस्तान से निपटने की बात कहने और अब पठानकोट के बाद उरी में हुए आतंकी हमलों के बाद पीएम नरेंद्र मोदी को जनभावनाओं का स्वाद ट्विटर पर चखना पड़ रहा है। लोगों का गुस्सा चरम पर है। देशभर से मांग हो रही है कि अब बातें और वादे करने का वक्त बीत चुका और पाकिस्तान के खिलाफ निर्णायक फैसले का वक्त आ गया है।

पीएम पर सध रहे निशाने
सोशल मीडिया और ट्विटर पर मोदी को निशाना बनाए जाने से पीएमओ की सोशल मीडिया टीम सकते में है। पाकिस्तान पर हमला करो, सीमा पार घुसो, एक-एक आतंकी को नेस्तनाबूद करो, हमने देश को मजबूत बनाने के लिए आपको वोट दिया सरीखे ट्वीट हो रहे हैं। यहां तक कि #MaunModiSarkar मंगलवार को लगातार ट्विटर पर ट्रेंड भी करता रहा।

अफसरों का क्या है कहना?
पीएमओ के सरकारी मीडिया से जुड़े एक अफसर ने माना कि उरी हमले से लोग आहत हैं, लेकिन उन्हें समझाने की जरूरत है कि खून का बदला खून की नारेबाजी पर बिना सोचे-समझे अमल नहीं हो सकता। एटमी हथियार से लैस बिगड़ैल पड़ोसी से दूरगामी नीति के तहत ही निपटा जा सकता है।

मोदी ने उड़ाई थी खिल्ली
बता दें कि 2014 में लोकसभा चुनाव से पहले मोदी ने तत्कालीन यूपीए सरकार की पाकिस्तान नीति की कई बार खिल्ली उड़ाई थी। मोदी का वो इंटरव्यू भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रहे हैं कि पाकिस्तान से निपटने में हम पर कोई प्रेशर नहीं डाल सकता, क्योंकि हम 100 करोड़ की आबादी वाले देश हैं।

पर्रिकर-राजनाथ पर भी निशाना
उधर, कांग्रेस ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को याद दिलाया है कि पठानकोट हमले के बाद उन्होंने कहा था कि ये आखिरी आतंकी हैं जो हमारी सीमा में घुस आए। वहीं, अमित शाह ने 23 अप्रैल 2013 को एक सभा में कहा था कि मोदी अगर पीएम बन गए तो पाकिस्तानी आतंकी घुसपैठ की हिम्मत नहीं कर सकेंगे। दूसरी ओर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा था कि हम सीमाओं की ऐसी चौकस सुरक्षा कर रहे हैं कि कोई चूहा भी हमारी सीमा में दाखिल नहीं हो सकता। मौजूदा हालात में लोग उनके उस बयान को लेकर भी निशाना साध रहे हैं।