चीन का पाकिस्तान को बड़ा झटका, आतंकवाद के मुद्दे पर UNSC में दिया भारत का साथ

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों से भरपूर समर्थन मिल रहा है। अब भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का भी साथ मिला है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पुलवामा हमले को जघन्य और कायराना कृत्य करार दिया है। साथ ही उसने इस हमले की कड़ी निंदा की है।

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले पर भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों से भरपूर समर्थन मिल रहा है। अब भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) का भी साथ मिला है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पुलवामा हमले को जघन्य और कायराना कृत्य करार दिया है। साथ ही उसने इस हमले की कड़ी निंदा की है।

यह भी पढ़ें…..सियोल में पीएम मोदी ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि, पुलवामा पर मिला दक्षिण कोरिया का साथ

15 देशों के इस संगठन में चीन भी शामिल है। चीन ने पाकिस्तान का साथ छोड़ते हुए भारत का समर्थन किया है। इस रिजोल्यूशन में जैश-ए-मोहम्मद का भी जिक्र है। भारत ने आज तक जब भी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अज़हर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने का मुद्दा उठाया है तब-तब चीन ने इसका विरोध किया। बता दें कि चीन संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थाई सदस्यों में से एक है इसलिए इसके पास वीटो का पावर है।

यह भी पढ़ें…..कानपुर-बुंदेलखंड में 5-5 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी SP-BSP, BJP के किले को भेदने की तैयारी

सुरक्षा परिषद ने आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे निंदनीय हमलों के लिए दोषियों को न्याय के कठघरे में लाकर कड़ी सजा मिलनी चाहिए। इसे पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

यह भी पढ़ें…..हाईकोर्ट: जानलेवा कैनिन डिस्टेम्पर वायरस की सुरक्षा बगैर कैसे आयोजित हो रहे डॉग शो

दरअसल, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने पुलवामा में किए किए गए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे जघन्य और कायराना कहा है। साथ ही इस हमले के साजिशकर्ताओं, आयोजकों और प्रायोजकों के खिलाफ कार्रवाई की अपील है। खास बात है कि सुरक्षा परिषद ने जो रिजोल्यूशन पारित किया उसमें आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का भी जिक्र किया गया था। यूएनएससी ने कहा कि हमलों के लिए दोषी लोगों को न्याय के कठघरे में लाने की जरूरत है।

गौरतलब है कि पुलवामा हमले के बाद आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। दुनिया के लगभग सभी शक्तिशाली देशों ने पुलवामा हमले को लेकर पाकिस्तान की आलोचना की है।