#uriattack: अमेरिका-UN से पाक को झटका, TERROR पर नवाज को खरी-खरी

Published by Published: September 21, 2016 | 3:35 am
Modified: September 21, 2016 | 2:14 pm

न्यूयॉर्क/वॉशिंगटनः उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद कश्मीर पर दुनिया को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रहे पाक को झटका लगा है। मंगलवार को पाकिस्तानी पीएम नवाज शरीफ से जहां अमेरिका ने साफ कह दिया कि उन्हें अपनी जमीन को आतंकी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होने देना चाहिए। वहीं, संयुक्त राष्ट्र (यूएन) महासचिव बान की मून ने अपने भाषण में कश्मीर का नाम तक नहीं लिया।

ओबामा ने क्या दी नसीहत?
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने परोक्ष युद्धों में शामिल राष्ट्रों को इसे खत्म करने की नसीहत दी है। मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में बतौर अमेरिकी राष्ट्रपति अपने आखिरी भाषण में उन्होंने कहा कि अगर समुदायों को सह अस्तित्व की इजाजत नहीं दी गई तो चरमपंथ के अंगारे उन्हें जला डालेंगे। इससे अनगिनत लोग पीड़ित होंगे और चरमपंथ बाहरी मुल्कों में पहुंचेगा।

अमेरिकी विदेश विभाग ने क्या कहा?
नवाज शरीफ सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी से मिले थे और कश्मीर मसले पर मध्यस्थता की मांग की थी। मंगलवार को केरी के ही विदेश विभाग के प्रवक्ता मार्क टोनर ने पाक को झटका देते हुए कहा कि उनका देश पाकिस्तान से लगातार कह रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए न होने दे। साथ ही आतंकियों की पनाहगाहों को भी खत्म करने पर मार्क ने जोर दिया।

यूएन में कैसे लगा झटका?
संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक की शुरुआत के दिन महासचिव बान की मून ने भी पाकिस्तान को कश्मीर के मसले पर झटका दिया। पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र से कश्मीर मसले पर हस्तक्षेप की मांग की है, लेकिन बान ने अपने भाषण में जम्मू-कश्मीर या भारत-पाकिस्तान का नाम तक नहीं लिया। पाक को झटका देते हुए उनका भाषण सीरिया और पश्चिम एशिया के हालात पर केंद्रित रहा। बता दें कि नवाज शरीफ को बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण देना है। अमेरिका और बान की मून के रुख के बाद ये देखना है कि पाक के पीएम अब कश्मीर मसले को किस तरह उठाते हैं।

सार्क देश कर सकते हैं बायकॉट
भारत में अफगानिस्तान की राजदूत शैदा अब्दाली ने कहा कि पाकिस्तान को अब आतंकवाद पर कड़ा संदेश देने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि नवंबर में पाकिस्तान में होने वाली सार्क देशों की बैठक का सभी देश बहिष्कार भी कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि भारत के साथ अफगानिस्तान और बांग्लादेश के नेता इस बैठक में शायद शामिल न हों। अब्दाली ने इसका संकेत देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ज्यादातर सार्क देश उनकी राय से सहमत होंगे।

सुषमा भी घेराबंदी को तैयार
बता दें कि 26 सितंबर को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण देना है। वह उरी और पठानकोट हमलों के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरने की तैयारी में जुटी हैं। विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने मंगलवार को दिल्ली में कहा कि पाकिस्तान को संयुक्त राष्ट्र के मंच से भारत के जोरदार निशाना झेलना होगा।