U’Khand: घोटाले से नहीं छूट रहा BJP का दामन, अब सवा दो लाख पेंशनर्स संदेह के घेरे में

Published by aman Published: December 4, 2017 | 1:36 pm
Modified: December 4, 2017 | 1:40 pm
U'Khand: घोटाले से नहीं छूट रहा BJP का दामन, अब सवा दो लाख पेंशनर्स संदेह के घेरे में

देहरादून: उत्तराखंड की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार का घोटाले पीछा नहीं छोड़ रहे। सरकार जब तक एक घोटाले की जांच शुरू कराती है, दूसरा घोटाला सामने आ जाता है। इसमें ज्यादातर गड़बड़ घोटाले पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के हैं। अब एक नया घोटाला सामने आया है। यह करीब सवा दो लाख पेंशनर्स का है।

यह मामला भारत सरकार के आर्थिक सलाहकार सुधीर शुक्ला के पत्र से सामने आने के बाद सरकार हरकत में आई है। मुख्य सचिव ने भी मामले का परीक्षण कराने की बात कही है। ग्रामीण मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार ने बीपीएल परिवारों को बांटी जा रही पेंशन में लाभार्थियों के दस्तावेज में गड़बड़ी की आशंका जाहिर की। उन्होंने उत्तराखंड सरकार से इसका परीक्षण कराने को कहा। उन्होंने एक्शन टेकेन रिपोर्ट भी तलब की है।

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…फिर भी परीक्षण कराएंगे
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने भी प्रकरण को गंभीर माना है। उन्होंने कहा, कि ‘मामले का परीक्षण कराया जाएगा।’ लेकिन समाज कल्याण विभाग के अपर सचिव राम विलास यादव पूरे मामले पर लीपा-पोती करते नजर आए। उन्होंने यह तो कहा, कि मामले का परीक्षण कराया जाएगा। लेकिन उन्होंने दावा किया है कि पेंशनर्स के 90 फीसदी मामलों में गड़बड़ी नहीं होगी और दस फीसदी मामले जो संदिग्ध लग रहे हैं उनमें संदेह का कारण आधार कार्ड की अनुपलब्धता हो सकती है। फिर भी परीक्षण कराएंगे ताकि सही तथ्य सामने आ सकें।

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