उत्तराखंड में माध्यमिक शिक्षकों की भर्ती में भी फर्जीवाड़ा

उत्तराखंड में फर्जी डिग्रीधारी शिक्षकों की तादाद बढ़ती जा रही है। बेसिक शिक्षकों के फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसआईटी को अब 40 शिक्षकों की शिकायत मिली है।

Published by priyankajoshi Published: December 3, 2017 | 2:17 pm
Modified: December 3, 2017 | 3:24 pm

देहरादून: उत्तराखंड में फर्जी डिग्रीधारी शिक्षकों की तादाद बढ़ती जा रही है। बेसिक शिक्षकों के फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसआईटी को अब 40 शिक्षकों की शिकायत मिली है। चौंकाने वाली बात यह है कि इन पर भी डिग्री और अन्य दस्तावेज फर्जी होने के आरोप हैं। एसआईटी अब इनकी जांच की तैयारी में जुट गई है। यह सब घोटाला पिछली कांग्रेस सरकार में हुआ है जिसकी परतें अब उधड़नी शुरू हुई हैं।

एसआईटी अभी तक लगभग डेढ़ सौ शिकायतों के आधार पर 2014 से 2016 के बीच भर्ती हुए बेसिक शिक्षकों की जांच कर रही है। इस जांच में एसआईटी को फर्जी डिग्री के अलावा मूल निवास, स्थाई निवास, जाति प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज फर्जी मिले। अभी इस मामले में जांच जारी है। जबकि इसी बीच एसआईटी को अलग-अलग जिलों से करीब 40 ऐसे माध्यमिक शिक्षकों की शिकायत मिली है, जिनके डिग्री से लेकर अन्य प्रमाणपत्र फर्जी होने के दावे किए गए हैं। इनमें से अधिकांश शिक्षक हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और दून में तैनात बताए गए हैं। एसआईटी सूत्रों ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा है कि जांच में जो भी सही होगा कार्रवाई की जाएगी।

‘सरकार जनता के द्वार’ कार्यक्रम की होगी समीक्षा
सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम की समीक्षा जिलाधिकारी हर महीने के दूसरे बुधवार को करेंगे। जिलास्तरीय अधिकारियों को सीधे ग्राम स्तर पर पहुंचकर जनता की समस्याओं का निराकरण करने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। मुख्य विकास अधिकारी जीएस रावत ने बताया है कि दिसंबर, जनवरी का भ्रमण का प्लान तैयार किया जा चुका है। न्याय पंचायतवार सेक्टर प्रभारी भी नियुक्त किये गये हैं। सभी सेक्टर प्रभारियों को निर्देश दिये गए हैं कि 25 तारीख को विस्तृत आख्या मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध करा दें।