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Vice President Election: देश को आज मिलेगा नया उपराष्ट्रपति, जानिए अल्वा के मुकाबले क्यों मजबूत धनखड़

Vice President Election 2022: देश में नए उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए आज मतदान होगा। इस चुनाव में एनडीए की ओर से जगदीप धनखड़ को उम्मीदवार बनाया गया है जबकि विपक्ष की ओर से कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मार्गरेट अल्वा चुनाव मैदान में उतरी हैं।

Anshuman Tiwari
Updated on: 6 Aug 2022 3:52 AM GMT
upa alva and nda dhankhar
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upa alva and nda dhankhar (image social media)


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Vice President Election 2022: देश में नए उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए आज मतदान होगा। इस चुनाव में एनडीए की ओर से जगदीप धनखड़ को उम्मीदवार बनाया गया है जबकि विपक्ष की ओर से कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मार्गरेट अल्वा चुनाव मैदान में उतरी हैं। आंकड़ों के लिहाज से पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल धनखड़ की जीत तय मानी जा रही है। लोकसभा और राज्यसभा में अपने सांसदों की ताकत के बल पर भाजपा अकेले धनखड़ को चुनाव जिताने में सक्षम है जबकि पार्टी को कई विपक्षी दलों का समर्थन भी हासिल हो गया है।

संसद में मजबूत स्थिति वाली तृणमूल कांग्रेस ने मतदान से दूर रहने की घोषणा कर दी है जबकि शिवसेना में फूट का फायदा भी धनखड़ को मिलना तय है। बसपा मुखिया मायावती ने भी को धनखड़ को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है। कुल मिलाकर मुकाबला पूरी तरह एकतरफा हो गया है और धनखड़ को 65 फ़ीसदी से अधिक वोट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

आज शाम को घोषित होंगे नतीजे

नए उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए आज संसद भवन में सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक मतदान होगा। मतदान खत्म होने के बाद तुरंत मतगणना का काम शुरू हो जाएगा और माना जा रहा है कि देर शाम तक नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे। इस चुनाव में विपक्ष की लड़ाई सिर्फ प्रतीकात्मक ही रह गई है क्योंकि धनखड़ काफी मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं। उपराष्ट्रपति के चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद ही मतदान करते हैं।

इस चुनाव में मनोनीत सांसदों को भी मतदान करने का अधिकार हासिल होता है। इस चुनाव में राज्यों की विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य मतदान नहीं करते। उपराष्ट्रपति के चुनाव में वोटों की कुल संख्या 788 है। इसमें लोकसभा के 543 और राज्यसभा के 243 वोट हैं। इस चुनाव में हर सांसद का एक वोट गिना जाता है और सांसद को अपनी पसंद के आधार पर प्राथमिकता तय करनी होती है।

अल्वा के मुकाबले धनखड़ क्यों मजबूत

उपराष्ट्रपति चुनाव के समीकरण को देखा जाए तो लोकसभा में भाजपा के पास 303 सांसदों की ताकत है जबकि राज्यसभा में भी पार्टी के 93 सदस्य हैं। लोकसभा और राज्यसभा में भाजपा की ताकत को देखते हुए उपराष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए यह संख्या काफी है। इसके साथ ही एनडीए उम्मीदवार धनखड़ को बीजू जनता दल, वाईएसआर कांग्रेस, बसपा और टीडीपी ने भी समर्थन देने की घोषणा कर दी है।

इन दलों के मिलाकर दोनों सदनों में 67 सदस्य हैं जबकि एनडीए को शिवसेना में हुई बगावत का भी बड़ा फायदा मिलेगा। जानकारों का मानना है कि शिवसेना के बागी गुट से करीब 13 सांसदों का भाजपा को समर्थन मिलना तय माना जा रहा है। इस तरह यदि इन सभी सांसदों के वोट जोड़े जाएं तो धनखड़ को 65 फ़ीसदी से अधिक वोट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। यदि वोटों की संख्या की बात की जाए तो धनखड़ को करीब 515 मत मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है।

दूसरी ओर विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को कांग्रेस और एनसीपी के अलावा सपा, टीआरएस, आम आदमी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, एआईएमआईएम, माकपा, भाकपा, द्रमुक आदि प्रमुख दलों का समर्थन हासिल है। फिर भी वे धनखड़ के मुकाबले काफी कमजोर स्थिति में नजर आ रही हैं। उन्हें करीब 200 मत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

टीएमसी ने दिया अल्वा को झटका

विपक्ष की उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को सबसे बड़ा झटका तृणमूल कांग्रेस के फैसले से लगा है। तृणमूल कांग्रेस ने मतदान से विरत रहने का फैसला किया है जबकि दोनों सदनों में मिलाकर तृणमूल कांग्रेस के पास 36 सांसदों की ताकत है। तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी का कहना है कि पार्टी से सलाह मशवरा किए बग़ैर जिस तरह विपक्ष के उपराष्ट्रपति उम्मीदवार को घोषित किया गया, उसे देखते हुए पार्टी ने मतदान से विरत रहने का फैसला किया है।

इस चुनाव में एनडीए उम्मीदवार की जीत तो पहले ही तय मानी जा रही थी मगर विपक्ष ने एकजुटता दिखाने का मौका भी गंवा दिया है। मार्गरेट अल्वा की ओर से ममता से पुनर्विचार की भी अपील की गई थी मगर ममता ने उसे कोई महत्व नहीं दिया। मौजूदा समय में ममता बनर्जी दिल्ली में ही हैं मगर उन्होंने अल्वा की अपील पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

मायावती एनडीए के साथ

ममता के अलावा बसपा मुखिया मायावती ने भी विपक्ष को करारा झटका दिया है। बसपा मुखिया मायावती ने एनडीए के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ को समर्थन देने का ऐलान किया है। बसपा मुखिया ने इस बाबत किए गए अपने ट्वीट में कहा है कि व्यापक जनहित और अपने मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए हमने एनडीए के उम्मीदवार जगदीप धनखड़ को समर्थन देने का फैसला किया है। इससे पहले राष्ट्रपति के चुनाव में भी मायावती ने एनडीए के उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन दिया था।

ओम बिरला और धनखड़ दोनों राजस्थान के

उपराष्ट्रपति के रूप में वेंकैया नायडू का कार्यकाल 10 अगस्त को समाप्त होने वाला है। आज के चुनाव में विजयी होने वाले उम्मीदवार को 11 अगस्त को नए उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई जाएगी। उम्मीद के मुताबिक यदि धनखड़ चुनाव में विजयी होने में कामयाब रहे तो यह अजीब संयोग होगा कि लोकसभा के स्पीकर और राज्यसभा के सभापति दोनों एक ही राज्य राजस्थान के होंगे। ओम बिरला राजस्थान की कोटा लोकसभा सीट से सांसद चुने गए थे। धनखड़ भी राजस्थान के झुंझुनू के रहने वाले हैं और झुंझुनू लोकसभा सीट से एक बार चुनाव भी जीत चुके हैं।

Prashant Dixit

Prashant Dixit

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