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Waqf Amendment Bill Live: 'कांग्रेस के तुष्टिकरण का अंतिम संस्कार करेगा ये बिल...' लोकसभा में अनुराग ठाकुर ने विपक्ष पर बोला हमला
Waqf Amendment Bill Live: आज यानि 2 अप्रैल को लोकसभा में वक्फ संसोधन बिल पेश किया गया। आज इस बिल पर चर्चा के लिए 8 घंटे का समय तय किया गया है।
Waqf Amendment Bill Live
Waqf Amendment Bill Live: आज यानी 2 अप्रैल को लोकसभा में वक्फ संसोधन बिल पेश कर दिया गया है। सदन में बिल पेश करते ही जबरदस्त हंगामा हुआ। विपक्ष बिल के विरोध में कमर कसकर तैयार है। बिल के समर्थन में बीजेपी ने भी अपने सभी सांसदों को व्हिप जारी कर लोकसभा में आने के लिए कह दिया है। बीजेपी की तरफ से जारी व्हिप में बिल को समर्थन देने की बात भी कही गई है। विपक्ष ने इस बिल के विरोध के लिए कल संसद भवन में अपने सभी सांसदों द्वारा बैठक बुलाई थी। इस बिल को लेकर विपक्ष का कहना है कि संविधान के खिलाफ है। इसीलिए विपक्ष आज इस बिल के खिलाफ प्रदर्शन कर सकता है।
Live Updates
- 2 April 2025 10:28 PM IST
वक्फ बिल वापस लिया जाए, यह मुस्लिमों के साथ अन्याय – जियाउर रहमान
संभल से सपा सांसद जियाउर रहमान ने वक्फ बिल का विरोध करते हुए कहा कि देश की न्यायपालिका पहले से ही मुकदमों के बोझ तले दबी है, फिर नए विवादों को जन्म देने की क्या जरूरत है? उन्होंने मांग की कि इस बिल को वापस लिया जाए, क्योंकि यह नौकरशाहों की मनमानी को बढ़ावा दे सकता है और मुस्लिम समुदाय के विश्वास को कमजोर कर सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि वक्फ बोर्ड में दूसरे समुदायों के लोगों को शामिल करने की क्या तुक है? क्या सरकार अन्य धर्मों की संस्थाओं में भी मुस्लिमों को शामिल करने का कदम उठाएगी? उन्होंने आरोप लगाया कि यह विधेयक समाज में नफरत फैलाने का काम कर सकता है।
- 2 April 2025 9:55 PM IST
वक्फ के नाम पर देश का बंटवारा नहीं होने देंगे– बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे
लोकसभा में वक्फ बिल पर बोलते हुए बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने जोरदार तरीके से बिल का समर्थन किया और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड का गठन और उसकी संपत्तियों का इतिहास समझना जरूरी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "पहला वक्फ अगर किसी मुसलमान ने नहीं किया, तो हिंदुओं को इसमें शामिल होने से कैसे रोका जा सकता है?" साथ ही, उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि गजनी, गोरी और बाबर भारत में लुटेरे के रूप में आए थे और उन्हीं के द्वारा वक्फ की शुरुआत की गई थी।
दुबे ने दावा किया कि वक्फ एक्ट को लेकर कांग्रेस ने पहले भी राजनीति की है। उन्होंने कहा कि "वक्फ के नाम पर मुसलमानों का तुष्टिकरण किया जा रहा है। क्या आप पूरे देश को इस्लामिक बनाना चाहते हैं?" उन्होंने अमेरिका और अन्य देशों के उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के नेता अपनी धार्मिक किताबों पर शपथ लेते हैं, लेकिन भारत में ऐसा नहीं किया जाता। "नेहरू ने भी गीता पर हाथ रखकर शपथ ली थी, क्या वो सेक्युलर नहीं थे?" उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह वक्फ के नाम पर नफरत फैलाने की राजनीति कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि, "हम आपको अलग देश नहीं बनाने देंगे और एएसआई की संपत्ति नहीं हड़पने देंगे!" उनके बयान के बाद सदन में खूब हंगामा देखने को मिला।
- 2 April 2025 9:43 PM IST
महिला आरक्षण पर चुप्पी, वक्फ पर हड़बड़ी– पप्पू यादव ने सरकार को घेरा
पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने वक्फ बिल का विरोध करते हुए सरकार पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने कहा, "मंत्री जी, सबसे पहले बौद्ध धर्म की परिकल्पना को समझिए। इस्लाम से पहले बौद्ध धर्म आया, मानवता और इंसानियत को बचाने के लिए। गुरु गोविंद सिंह जी ने कुर्बानी दी थी, लेकिन सिर्फ हिंदुओं को बचाने के लिए नहीं।"
उन्होंने सरकार पर मंडल विरोधी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा, "कमंडल की राजनीति के कारण 13 हजार ओबीसी मारे गए थे। मैं किसी दल के विरोध में नहीं आया हूं, लेकिन इस वक्फ बिल को आप सुरक्षा और महिलाओं के हक की बात कहकर पेश कर रहे हैं। अगर सच में महिलाओं की चिंता होती, तो अब तक महिलाओं के आरक्षण का बिल क्यों नहीं लाया गया?"
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि सरकार दलित और पिछड़ी महिलाओं को आरक्षण देने के पक्ष में नहीं है, इसलिए महिला आरक्षण बिल को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। उन्होंने बिहार की राजनीति पर भी सवाल उठाते हुए पूछा, "बिहार में मुसलमानों को टिकट क्यों नहीं दिया जाता?"
मोदी सरकार के बड़े वादों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, "एक उम्मीद थी कि मोदी हैं तो मुमकिन है, लेकिन क्या हुआ काले धन का? क्या हुआ जाली नोट का?" उनके इस बयान पर बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने आपत्ति जताई और कार्रवाई की मांग कर दी। अब देखना यह होगा कि इस बहस का राजनीतिक असर कितना दूर तक जाता है!
- 2 April 2025 9:32 PM IST
भारत में मुसलमान सबसे सुरक्षित, फिर वक्फ बिल पर हंगामा क्यों? – संबित पात्रा
ओडिशा के पुरी से बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने लोकसभा में वक्फ बिल पर चर्चा के दौरान कहा कि पूरी दुनिया में अगर मुसलमान कहीं सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं, तो वह देश भारत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत ने कभी किसी का हक नहीं छीना, बल्कि जो शरणार्थी बनकर आया, उसे दिया ही है। लेकिन अब कुछ लोग भारत की मंशा पर संदेह जता रहे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि मुस्लिम देशों में वक्फ बोर्ड की क्या स्थिति है? भारत में वक्फ बोर्ड को कानूनी सुरक्षा मिली हुई है, फिर भी इस मुद्दे पर इतना हंगामा क्यों हो रहा है? पात्रा ने कहा कि सरकार सिर्फ मुस्लिम समाज की महिलाओं और आगाखानी समुदाय के अधिकारों को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। वक्फ का मतलब दान होता है, और हर धर्म में दान का महत्व बताया गया है। इस्लाम में भी जकात और सदका का जिक्र किया गया है। वक्फ की जमीन परमार्थ के लिए होती है, लेकिन आज इसे असंवैधानिक बताने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि 1995, 2013 और इससे पहले भी वक्फ कानूनों में संशोधन हुए थे, तो फिर यह संशोधन असंवैधानिक कैसे हो सकता है?
सच्चर कमेटी की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि 2006 में चार लाख से ज्यादा वक्फ संपत्तियों से होने वाली संभावित आमदनी 12,000 करोड़ रुपये आंकी गई थी। आज यह आंकड़ा आठ लाख से ज्यादा संपत्तियों तक पहुंच गया है, और इसकी आमदनी 25 लाख करोड़ होनी चाहिए थी, लेकिन हकीकत में यह सिर्फ 9.92 करोड़ रुपये की कमाई तक सीमित है।
उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड से जुड़े मामलों में 39,000 से ज्यादा केस अनधिकृत घुसपैठ से जुड़े हुए हैं, जिनमें से 31,000 से ज्यादा मामले अब भी पेंडिंग हैं, और इनमें से 9,000 से ज्यादा मामलों में मुस्लिम पक्ष ही शामिल है। यह बिल मुसलमानों को भी संरक्षण देगा।
धारा 40 को लेकर भी काफी चर्चा हुई, जिसमें वक्फ बोर्ड को असीमित अधिकार दिए गए थे। पात्रा ने कहा कि देश में 515 ऐसी संपत्तियां हैं, जहां वक्फ बोर्ड ही खुद मुद्दई, खुद फैसला लेने वाला और खुद ही लाभार्थी बना हुआ था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि हमें पहले से ही पता था कि हमारा कोई न कोई कसूर जरूर निकलेगा!
- 2 April 2025 8:54 PM IST
राष्ट्रीय स्मारकों का संरक्षण नहीं कर पा रहे, वक्फ संपत्तियों का क्या करेंगे – अफजाल अंसारी
गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी ने वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करते हुए सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मंत्रीजी ने बिल पेश करते समय कुछ बिंदुओं पर विशेष जोर दिया, और मेरे सवाल भी उन्हीं पर केंद्रित हैं। अंसारी ने पूछा कि आखिर वक्फ संपत्तियों को संरक्षित करने के लिए इस संशोधन विधेयक की जरूरत क्यों पड़ी? सरकार पहले से भी इस दिशा में सहयोग कर सकती थी, फिर अलग से बिल लाने की क्या जरूरत थी? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पसमांदा मुस्लिमों को अधिकार देने की बात कर रही है, जबकि देश के बहुसंख्यक पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के आरक्षण को खत्म कर चुकी है।
उन्होंने सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भी निशाना साधा और कहा, "जो सरकार अपने ही सदन के मुखिया के परिवार को संरक्षण नहीं दे सकी, वह अल्पसंख्यक महिलाओं को अधिकार देने की बात कर रही है।" अंसारी ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार राष्ट्रीय स्मारकों का संरक्षण करने में असफल रही है। "लाल किला तक को प्राइवेट हाथों में दे दिया गया, और अब ये वक्फ संपत्तियों का संरक्षण करने की बात कर रहे हैं!"
उन्होंने आरोप लगाया कि मुंबई की एक बड़ी इमारत, जिसे यतीमखाने की जमीन पर बना बताया जा रहा है, उसे बचाने के लिए ही यह विधेयक लाया गया है। साथ ही, गृह मंत्री के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि कब्रिस्तान की जमीन को नहीं छेड़ा जाएगा, लेकिन बाकी खाली पड़ी जमीनों को विवाद मुक्त किया जाएगा।
- 2 April 2025 7:01 PM IST
मोदी जी की सरकार तीन टर्म चुनकर आई है और तीन टर्म और आएगी- गृहमंत्री अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब मोदी सरकार नागरिकता संशोधन कानून (CAA) लाई, तो विपक्ष ने इसे मुसलमान विरोधी बताया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर इस कानून के कारण किसी भी मुसलमान की नागरिकता गई हो, तो विपक्ष इसका प्रमाण दे। शाह ने अनुच्छेद 370 के हटने के बाद की स्थिति पर भी टिप्पणी की और कहा, "आज कश्मीर में फिर से उमर अब्दुल्ला सत्ता में हैं, और देश के किसी भी नागरिक को इससे कोई नुकसान नहीं हुआ, चाहे वह किसी भी धर्म का हो।" उन्होंने विपक्षी दलों पर तुष्टिकरण और जातिवाद की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि ये दल न तो पिछड़ों की परवाह करते हैं और न ही मुसलमानों की।
उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में परिवारवादी राजनीति हावी थी, लेकिन नरेंद्र मोदी ने इसे खत्म कर विकास की राजनीति शुरू की। शाह ने विश्वास जताया कि मोदी सरकार लगातार तीन बार चुनकर आई है और आगे भी तीन टर्म तक सत्ता में बनी रहेगी।
- 2 April 2025 6:51 PM IST
वक्फ में एक भी गैर-मुस्लिम सदस्य नहीं आएगा - अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि धार्मिक क्रियाकलापों के संचालन के लिए किसी गैर-मुस्लिम को वक्फ में शामिल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर भ्रम फैलाकर और डर का माहौल बनाकर एक खास वोटबैंक सुरक्षित करने की कोशिश की जा रही है।
शाह ने कहा कि वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद में गैर-मुस्लिमों को केवल यह सुनिश्चित करने के लिए रखा जा रहा है कि प्रशासनिक कार्य सही ढंग से हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुतवल्ली (प्रबंधक) गैर-इस्लामिक नहीं हो सकता और वक्फ केवल वही व्यक्ति चला सकता है जो इस्लामिक प्रैक्टिसिंग हो।
उन्होंने कहा, "वक्फ धार्मिक संस्था है, लेकिन वक्फ बोर्ड नहीं। चैरिटी कमिश्नर का काम ट्रस्ट चलाना नहीं, बल्कि उसकी निगरानी करना होता है कि वह सही ढंग से संचालित हो रहा है या नहीं। अगर हर ट्रस्ट के अलग-अलग चैरिटी कमिश्नर होंगे, तो देश में अराजकता फैल जाएगी।"
शाह ने सदन के माध्यम से देश के मुस्लिम समुदाय को आश्वस्त किया कि उनके वक्फ में कोई गैर-मुस्लिम शामिल नहीं होगा। उन्होंने वक्फ बोर्ड के तहत संपत्तियों में कथित भ्रष्टाचार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि बोर्ड उन लोगों को पकड़ने का काम करेगा जो वक्फ संपत्तियों को बेचने या औने-पौने दाम पर सौ-सौ साल के लिए किराए पर देने में लिप्त हैं।
अमित शाह ने 2013 में किए गए संशोधन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वह बदलाव नहीं हुआ होता, तो आज नए संशोधन की जरूरत नहीं पड़ती। उन्होंने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि उसने दिल्ली के लुटियंस जोन की 125 संपत्तियां वक्फ को सौंप दीं, उत्तर रेलवे की जमीन वक्फ को दे दी, और हिमाचल में वक्फ की जमीन बताकर मस्जिद बनाने का काम किया। शाह ने तमिलनाडु से लेकर कर्नाटक तक के कई उदाहरण प्रस्तुत किए, जिस पर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया और सरकार पर सदन को भ्रमित करने का आरोप लगाया।
- 2 April 2025 6:10 PM IST
बिल बहुलतावादी संस्कृति पर हमला – आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद सुधाकर सिंह ने वक्फ संशोधन विधेयक का कड़ा विरोध करते हुए इसे भारत की बहुलतावादी संस्कृति पर हमला बताया। उन्होंने भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद के उस बयान पर सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बिल में पिछड़ों और महिलाओं को आरक्षण दिया जाएगा। सुधाकर सिंह ने पलटवार करते हुए पूछा, "जब राम मंदिर ट्रस्ट का गठन हो रहा था, तब वहां आरक्षण क्यों नहीं दिया गया?" आरजेडी सांसद ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, "क्या अब कब्रिस्तान, मस्जिदें और अनाथालय भी आमदनी के स्रोत बना दिए जाएंगे?" उन्होंने इस बिल को संवैधानिक अधिकारों का अतिक्रमण करार देते हुए इसका जोरदार विरोध किया।
- 2 April 2025 5:41 PM IST
वक्फ बिल को लेकर एलजेपी (आर) का समर्थन, विपक्ष पर लगाया वोटबैंक की राजनीति का आरोप
लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने सरकार के पक्ष में अपना समर्थन जताया। पार्टी सांसद अरुण भारती ने कहा कि पिछली बार जब यह बिल सदन में पेश हुआ था, तब भी चिराग पासवान ने कैबिनेट में रहते हुए इसे किसी समिति को भेजने और व्यापक विमर्श की मांग की थी।
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि "धार्मिक पक्ष को उछालकर लोगों को डराया जा रहा है ताकि वोटबैंक उनके पास बना रहे।" सच्चर कमेटी की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए भारती ने आरोप लगाया कि विपक्ष वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करने से बच रहा है क्योंकि इससे उनकी "प्रायोजित राजनीति" पर सवाल उठ सकते हैं।
अरुण भारती ने टर्की, अल्जीरिया, ट्यूनिशिया और मिस्र जैसे देशों में वक्फ संपत्तियों से जुड़े सुधारों का हवाला देते हुए कहा कि भारत में भी इस पर चर्चा होना जरूरी है। उन्होंने डॉ. भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा, "बाबासाहब ने साफ कहा था कि धर्म के नाम पर कोई भी संस्था कानून से ऊपर नहीं हो सकती।"
उन्होंने चिराग पासवान के खिलाफ जारी "फतवे" पर भी जवाब दिया और याद दिलाया कि उनके पिता रामविलास पासवान ने एक मुस्लिम मुख्यमंत्री के समर्थन में अपनी पार्टी का अस्तित्व दांव पर लगा दिया था। उन्होंने कहा, "2010 में रामविलास जी ने खुद सदन में कहा था कि बिहार में वक्फ संपत्तियों की स्थिति कैसी है, आज उनका पुत्र कह रहा है कि इसे बिहार में लागू नहीं होने देगा।"
- 2 April 2025 5:21 PM IST
संविधान या वक्फ, फैसला आपको करना है – अनुराग ठाकुर
वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, "ये लोग संविधान की एक लाल किताब लेकर चलते हैं, लेकिन देश में दो विधान लागू करने की कोशिश करते हैं। हालात ऐसे बना दिए गए थे कि जिस जमीन पर वक्फ का दावा हो जाए, वह उनकी संपत्ति बन जाती थी। अब आपको तय करना होगा कि आप वक्फ के साथ खड़े रहेंगे या बाबा साहब के संविधान के साथ।"
ठाकुर ने स्पष्ट किया कि यह बिल एक कड़ा संदेश देता है कि देश में बाबा साहब का संविधान चलेगा, न कि कोई मुगलिया फरमान। उन्होंने इसे तुष्टिकरण की राजनीति का अंत बताते हुए राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "राहुल गांधी कहते हैं कि देश की संपत्ति कुछ लोगों के हाथ में है, लेकिन उन्हीं की पार्टी ने लाखों करोड़ की वक्फ संपत्तियां महज 200 लोगों को सौंप दीं।"
ठाकुर ने वक्फ कानून के सेक्शन 40 को तुगलकी फरमान करार देते हुए सवाल उठाया कि "दान कोई भी कर सकता है, लेकिन देखभाल करने का हक सिर्फ मुस्लिमों को ही क्यों?" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्नाटक में हुए वक्फ घोटाले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम भी सामने आता है। उनके इस बयान पर विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया।