TRENDING TAGS :
Waqf Bill: लोकसभा की मंजूरी के बाद अब राज्यसभा में सरकार की अग्निपरीक्षा, जानिए क्या है ऊपरी सदन का नंबर गेम
Waqf Bill: लोकसभा की तरह राज्यसभा में भी मोदी सरकार के सामने बिल को पारित कराने में ज्यादा मुश्किलें पैदा होती हुई नहीं दिख रही है। इस बिल को लेकर एनडीए पूरी तरह एकजुट नजर आ रहा है।
लोकसभा की मंजूरी के बाद अब राज्यसभा में सरकार की अग्निपरीक्षा (photo: social media )
Waqf Bill: वक्फ संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित होने के बाद अब मोदी सरकार की आज राज्यसभा में अग्निपरीक्षा होगी। राज्यसभा में भी भाजपा अपने तेजतर्रार सांसदों को बिल का समर्थन करने के लिए मैदान में उतार रही है। लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल के समर्थन में 288 और विरोध में 232 मत पड़े थे और अब सबकी निगाहें इस बात पर लगी हैं कि राज्यसभा में मोदी सरकार इस बिल के समर्थन में कितने सांसदों का समर्थन जुटाने में कामयाब होगी।
वैसे लोकसभा की तरह राज्यसभा में भी मोदी सरकार के सामने बिल को पारित कराने में ज्यादा मुश्किलें पैदा होती हुई नहीं दिख रही है। इस बिल को लेकर एनडीए पूरी तरह एकजुट नजर आ रहा है। एनडीए में शामिल टीडीपी, जदयू और शिंदे की शिवसेना समेत सभी सहयोगी दलों के सांसद इस बिल का समर्थन करने के लिए मोदी सरकार के साथ खड़े हैं। राज्यसभा में इस बिल पर आज चर्चा के बाद मतदान होगा और ऐसे में राज्यसभा का नंबर गेम जानना जरूरी है।
राज्यसभा का क्या है नंबर गेम
संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में मौजूदा समय में 236 सदस्य हैं। ऊपरी सदन में भी बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है और पार्टी के पास 98 सांसदों की ताकत है। यदि एनडीए की बात की जाए तो एनडीए के सांसदों की संख्या करीब 115 है। मनोनीत सांसद भी सरकार के पक्ष में ही मतदान करते रहे हैं। ऐसे में यदि छह मनोनीत सांसदों की संख्या को जोड़ दिया जाए तो एनडीए की ताकत 121 तक पहुंच जाती है।
दूसरी ओर कांग्रेस के पास राज्यसभा में 27 सांसद हैं। विपक्ष में शामिल दूसरे दलों के पास 58 सांसद हैं। ऐसे में राज्यसभा में इंडिया गठबंधन के पास कुल 85 सांसदों की ताकत है। राज्यसभा में वाईएसआर कांग्रेस के 9, बीजू जनता दल के सात और एआईडीएमके के चार सांसद हैं। छोटे दलों और निर्दलीयों को मिलाकर तीन सांसद हैं जो किसी भी गठबंधन के साथ नहीं हैं।
राज्यसभा में बिल पारित करने के लिए 119 सांसदों के समर्थन की जरूरत है और यहां भी मोदी सरकार के सामने बिल्कुल पारित कराने में कोई मुश्किल नहीं दिख रही है।
राज्यसभा में भी बिल पर होगी जोरदार बहस
लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के लिए आठ घंटे का समय निर्धारित किया गया था मगर बाद में लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला ने चर्चा का समय बढ़ा दिया था। लोकसभा में 12 घंटे से ज्यादा समय तक वक्फ संशोधन विधेयक पर बहस चली और फिर देर रात को मतदान कराया गया। इस विधेयक के पक्ष में 288 और विरोध में 232 वोट पड़े जिसके बाद इसे लोकसभा से पारित कर दिया गया।
लोकसभा की तरह आज राज्यसभा में भी वक्फ संशोधन विधेयक पर गरमागरम बहस देखने को मिलेगी। भाजपा अपने तेजतर्रार सांसदों के साथ इस बिल के महत्वपूर्ण बिंदुओं को उठाने की तैयारी में है तो दूसरी ओर विपक्ष ने भी सरकार को घेरने के लिए कमर कस ली है।
लोकसभा की तरह राज्यसभा में भी संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू यह विधेयक पेश करेंगे। इसके बाद इस बिल को लेकर बहस की शुरुआत होगी। बिल पेश करने के दौरान रिजिजू बिल पेश करने के पीछे सरकार के तर्कों को सदन के सामने रखेंगे। इस मुद्दे पर दिनभर की चर्चा के बाद वे जवाब देंगे और इसके बाद इस बिल को लेकर मतदान होगा।
राज्यसभा की मंजूरी के बाद राष्ट्रपति के पास जाएगा बिल
रिजिजू ने पिछले साल 8 अगस्त को वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया था। इस बिल को लेकर विपक्षी सांसदों ने भारी हंगामा किया था। विपक्ष की मांग पर यह बिल संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) को भेज दिया गया था।
वक्फ संशोधन बिल को लेकर गठित की गई संयुक्त संसदीय समिति की सामने विपक्ष की ओर से 44 संशोधन प्रस्ताव रखे गए थे मगर इन सभी प्रस्तावों को खारिज कर दिया गया था।
जेपीसी ने एनडीए के घटक दलों की ओर से पेश किए गए 14 प्रस्तावों के साथ अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी। मोदी कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे कल लोकसभा में पेश किया गया था और इस बिल को लोकसभा की मंजूरी मिल चुकी है। अब राज्यसभा की मंजूरी के बाद इस विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।