IAF चीफ का बयान, कहा- सेना का इस्तेमाल करते तो आज POK कांटा नहीं बनता

Published by September 1, 2016 | 11:43 pm
जुबानी जंग

एयर चीफ मार्शल अरुप राहा और पाक के सेना प्रमुख जनरल राहिल शरीफ

नई दिल्ली/गिलगिटः गुरुवार को भारत और पाकिस्तान के बीच जुबानी जंग और तेज होती दिखी। भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के प्रमुख एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने जहां पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) को शरीर में कांटे की तरह चुभने जैसा बताया। वहीं, पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष जनरल राहिल शरीफ ने कहा कि हम दुश्मन की चालों को नाकाम करेंगे।

क्या बोले एयर चीफ मार्शल?
अरुप राहा ने एक सेमीनार में कहा कि पीओके शरीर में कांटे की तरह चुभता है। अगर भारत ने कश्मीर समस्या पर मॉरल हाईग्राउंड की जगह मिलिट्री सॉल्यूशन अपनाया होता तो कश्मीर के हिस्से पर पाकिस्तानी कब्जा नहीं होता। उन्होंने कहा कि 1971 की जंग तक सरकार ने एयर पावर का ठीक से इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने ये भी कहा कि 1947 में सीमा पार की सेना और सरकार ने जम्मू-कश्मीर में हालात बिगाड़ने को हमलावरों का समर्थन किया।

मोदी ने भी दिया था बयान
अरुप राहा ने 12 अगस्त को पीएम नरेंद्र मोदी के बयान के बाद वैसी ही बात कही है। मोदी ने पहली बार पीओके को भारत का हिस्सा बताया था। साथ ही 15 अगस्त को लाल किले से पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हो रहे अत्याचार का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा था कि बलूचिस्तान, गिलगिट और पीओके के लोगों ने मेरा आभार जताया है। मैं उनका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं।

पाक सेना प्रमुख ने क्या कहा?
वहीं, अरुप राहा के बयान के ठीक बाद जुबानी जंग में कूदते हुए गिलगिट में चीन-पाकिस्तान कॉरीडोर देखने आए वहां के सेना प्रमुख जनरल राहिल शरीफ ने बलूचिस्तान पर मोदी के बयान के बारे में पूछे जाने पर कहा कि पाकिस्तान के दुश्मनों को हम अच्छी तरह पहचानते हैं। उसकी चालों से निपटने के लिए तैयार हैं। जनरल शरीफ ने दावा किया कि पाकिस्तान की सरहदें महफूज हैं। उन्होंने ये भी कहा कि इस कॉरीडोर को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। उन्होंने गिलगिट-बाल्टिस्तान के लोगों के लिए कहा कि चीन इस इलाके के विकास के लिए काम कर रहा है। यहां के लोगों को पाकिस्तानी सेना को अपनी ही सेना समझनी चाहिए।