×

खूंखार तेंदुआ Vs टाइगर: रोड का कर्ज अदा कर दिया जांबाज ने

सोनादा निवासी अरुणा लामा को जब अपने घर के स्टोर रूम में कुछ हलचल दिखाई दी। दरअसल  अरुणा ने अपने मुर्गों को स्टोर रूम में रखा हुआ था। अरुणा जैसे ही वहां पहुंचीं तो उन्होंने स्टोर रूम में एक तेंदुए को देखा, अरुणा को वहां देखते ही तेंदुए ने उनपर हमला कर दिया। 

SK Gautam

SK GautamBy SK Gautam

Published on 17 Aug 2019 9:48 AM GMT

खूंखार तेंदुआ Vs टाइगर: रोड का कर्ज अदा कर दिया जांबाज ने
X
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp
  • Telegram
  • koo

पश्चिम बंगाल: वफादारी में कुत्तों का कोई जवाब नहीं, कोई भी दूसरा जानवर कुत्ते जैसा वफादार नहीं हो सकता कुछ ऐसी ही घटना पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग है। अपनी मालकिन की जान बचाने के लिए एक कुत्ता तेंदुए से भिड़ गया। चार साल के कुत्ते ने जब तेंदुए से घिरी अपनी मालकिन को देखा तो तेज आवाज में भौंकने लगा। इसके बाद भी जब तेंदुआ वहां से नहीं भागा तो उसने तेंदुए पर हमला कर दिया। कुत्ते की बहादुरी के कारण 58 साल की अरुणा लामा की जिंदगी बच गई।

ये भी देखें : J-K: नौशेरा में पाक कर रहा फायरिंग, एक जवान शहीद

सोनादा निवासी अरुणा लामा को जब अपने घर के स्टोर रूम में कुछ हलचल दिखाई दी। दरअसल अरुणा ने अपने मुर्गों को स्टोर रूम में रखा हुआ था। अरुणा जैसे ही वहां पहुंचीं तो उन्होंने स्टोर रूम में एक तेंदुए को देखा, अरुणा को वहां देखते ही तेंदुए ने उनपर हमला कर दिया।

'टाइगर' आ गया और तेंदुए के सामने खड़ा होकर तेज-तेज भौकने लगा

तेंदुए से खुद को बचाने के लिए अरुणा ने भी पूरी कोशिश की लेकिन तेंदुआ उन पर कूद पड़ा। इसी बीच वहां पर अरुणा का कुत्ता 'टाइगर' आ गया और तेंदुए के सामने खड़ा होकर तेज-तेज भौकने लगा। टाइगर ने इस दौरान तेंदुए पर झपट्टा भी मारा जिससे तेंदुआ डर गया और वहां से भाग निकला। तेदुएं के हमले के कारण अरुणा को कुछ चोटें जरूर आईं लेकिन उनकी जिंदगी बच गई।

जब अदा किया टाइगर ने एक पुराना कर्ज

अरुणा की बेटी स्मृति ने बताया कि तेंदुए के साथ बहादुरी से लड़ते हुए टाइगर ने मेरी मां की जिंदगी बचा ली। अगर टाइगर सही समय पर स्टोर रूम में नहीं पहुंचता तो आज मेरी मां के साथ कुछ भी हो सकता था।

ये भी देखें : अब हाईटेक डिवाइस से की जाएगी डीजल की बचत

स्मृति ने बताया कि उनकी मां को टाइगर सड़क से मिला था। साल 2017 में हुए एक बड़े आंदोलन के दौरान हमने टाइगर को सड़क पर पड़ा पाया था। उस समय आंदोलन की वजह से पहाड़ियों पर करीब 104 दिन का बंद था और भोजन की कमी थी। इसके बावजूद हम उसके लिए लगातार भोजन की व्यवस्था करते रहे। इस प्रकार हमने टाइगर को पला है। अस्पताल में इलाज करा रहीं अरुणा ने कहा, आज टाइगर ने एक पुराना कर्ज अदा किया है।

SK Gautam

SK Gautam

Next Story