अरुणांचल में भारतीय सेना के इस कदम के बाद बौखलाया चीन, कही ऐसी बात

भारतीय सेना के इस युद्धाभ्यास से चीन की नींद उड़ गई है और उसने इसका विरोध किया है। पूर्वोत्तर राज्य में भारतीय सेना की इस तरह की यह पहली कवायद है। इस युद्धाभ्यास ने चीन को बेचैन कर दिया है।

नई दिल्ली: भारतीय सेना ने 14 हजार फुट की ऊंचाई पर अरुणाचल प्रदेश में चीन के खिलाफ नई युद्ध रणनीति का अभ्यास कर रही है। अरुणाचल प्रदेश में यह भारतीय सेना का सबसे बड़ा पहाड़ी युद्धाभ्यास है, जिसको ‘हिम विजय’ नाम दिया गया है।

भारतीय सेना के इस युद्धाभ्यास से चीन की नींद उड़ गई है और उसने इसका विरोध किया है। पूर्वोत्तर राज्य में भारतीय सेना की इस तरह की यह पहली कवायद है। इस युद्धाभ्यास ने चीन को बेचैन कर दिया है।

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चीन ने भारत को बताया कि इस सैन्य अभ्यास से दोनों देशों के बीच होने वाली अनौपचारिक बैठक पर असर पड़ सकता है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि यह अभ्यास वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) से 100 किलोमीटर की दूरी पर हो रहा है और इसके समय का अनौपचारिक बैठक से कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि इसकी योजना कई महीने पहले बनाई गई थी।

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शी जिनपिंग 11 अक्तूबर को आयेंगे भारत

जानकारी के अनुसार शी जिनपिंग 11 अक्तूबर को दोपहर के दो बजे चेन्नई पहुंचेंगे। उसी दिन शाम को वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंदिरों के शहर मल्लपुरम में डिनर करेंगे।

माना जा रहा है कि यह बैठक वुहान की तुलना में छोटी अवधि वाली होगी। शी जिनपिंग भारत में 24 घंटे से ज्यादा समय तक नहीं रहेंगे। वहीं लुओ-गोखले की बैठक रडार पर है क्योंकि दोनों तरफ से किसी ने भी आधिकारिक तौर पर लुओ की यात्रा की पुष्टि नहीं की है।

अरुणाचल प्रदेश के जिस क्षेत्र में सैन्य अभ्यास हो रहा है उसे चीन दक्षिण तिब्बत का हिस्सा मानता है, वह इस अभ्यास से नाराज है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि वह इस समय जिनपिंग की यात्रा की तिथियों की आधिकारिक तौर पर घोषणा नहीं कर सकते हैं।

हालांकि उन्होंने कहा कि इस बैठक के जरिए दोनों नेता कई मुद्दों पर बातचीत कर सकते हैं।

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