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बीवी से बेवफाई का रिटर्न गिफ्ट, BCCI ने काटा शमी का पत्ता !

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 7 March 2018 1:54 PM GMT

बीवी से बेवफाई का रिटर्न गिफ्ट, BCCI ने काटा शमी का पत्ता !
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मुंबई : भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का नाम भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा जारी 26 सदस्यीय वार्षिक अनुबंध की सूची में शामिल नहीं है। इस बार अनुबंध में नया वर्ग शामिल किया गया है।

वार्षिक अनुबंध की सूची में शमी का नाम ना होने के पीछे का कारण उनकी पत्नी द्वारा उन पर लगाए गए आरोप भी हो सकते हैं। शमी की पत्नी ने उन पर मारपीट करने और अन्य महिलाओं के साथ अवैध संबंध होने का अरोप लगाया है। पिछले सत्र में शमी को बी-वर्ग में शामिल किया गया था।

ये भी देखें : Woman’s Day से पहले शमी की पत्नी ने उन्हें नंगा कर दिया है

बीसीसीआई की वार्षिक अनुबंध की सूची में शामिल इस नए वर्ग को ए-प्लस कहा गया है, जिसमें कप्तान विराट कोहली, रोहित शर्मा, शिखर धवन, जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार के नाम हैं। इन सभी को इस वर्ग में रखे जाने के कारण सालाना तौर पर सात करोड़ रुपये मिलेंगे। धवन को पिछले सत्र में सी-वर्ग में रखा गया था।

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भारत के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धौनी को ए-वर्ग में रखा गया है और उन्हें सालाना तौर पर पांच करोड़ मिलेंगे।

इस बीच, 19 महिला खिलाड़ियों को भी तीन वर्गो ए, बी और सी में विभाजित किया गया है। ऐसे में ए-वर्ग में वनडे और टेस्ट टीम की कप्तान मिताली राज, झूलन गोस्वामी, हरमनप्रीत और स्मृति मंधाना शामिल हैं। इन सभी को सालाना तौर पर 50 लाख रुपये मिलेंगे।

महिलाओं के अनुबंध में बी-वर्ग में शामिल खिलाड़ियों को सालाना रूप से 30 लाख और सी-वर्ग की खिलाड़ियों को 10 लाख रुपये मिलेंगे। सी-वर्ग इस साल बनाया गया है।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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