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दलित कार्ड खेलने की तैयारी में कांग्रेस, यूपी-पंजाब में राहुल साधेंगे इस वर्ग के वोटरों से संपर्क

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Published on 26 Oct 2016 3:04 AM GMT

दलित कार्ड खेलने की तैयारी में कांग्रेस, यूपी-पंजाब में राहुल साधेंगे इस वर्ग के वोटरों से संपर्क
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नई दिल्लीः यूपी और पंजाब में सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस दलित कार्ड खेलने की तैयारी कर रही है। दलित वोट बैंक को पार्टी से जोड़ने के लिए यूपी में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी 11 नवंबर से दो महीने तक दलित संपर्क यात्रा चलाएंगे। इससे पहले राहुल ने किसान यात्रा निकाली थी। जिसमें बहुत लोग जुटे। ऐसे में दलित संपर्क यात्रा से पहले दो से 10 नवंबर तक यूपी के हर जिले में राहुल ने संदेश यात्रा निकालने का भी फैसला किया है।

हार-जीत में दलित वोट अहम

बता दें कि पंजाब और यूपी में चुनावों में हार और जीत का दारोमदार दलित वोटरों पर ही रहता है। पंजाब में कांग्रेस के सीएम फेस जाट सिख के तौर पर कैप्टन अमरिंदर सिंह हैं। वहीं, यूपी में शीला दीक्षित के तौर पर ब्राह्मण चेहरा लाया गया है। कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकारों के मुताबिक दोनों ही सूबों में कांग्रेस को मजबूत दलित चेहरों की जरूरत है। ऐसे में अच्छी छवि के ऊर्जावान दलित नेताओं को पार्टी का चेहरा बनाने की कोशिशें चल रही हैं।

पंजाब में ये है समीकरण

पंजाब में करीब 30 फीसदी दलित वोटर हैं। ये किसी सरकार के बनने में अहम रोल निभाते हैं। पंजाब का सामाजिक समीकरण यूपी से अलग है। वहां, अकाली और कांग्रेस दोनों के पास जाट सिख चेहरे यानी अमरिंदर और प्रकाश सिंह बादल हैं। पंजाब में आम आदमी पार्टी इसलिए दोनों पर भारी दिख रही है, क्योंकि उसने शुरू से ही दलित वोटरों में बेस बनाने की पहल की है।

नेताओं को ये है निर्देश

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस ने सभी वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों को यूपी में राहुल संदेश यात्रा में शिरकत करने का निर्देश दिया है। किसान यात्रा के दौरान राहुल शहरी वोटरों से बात नहीं कर सके। सोमवार को प्रियंका कांग्रेस के वॉर रूम गई थीं। राहुल इसलिए वहां नहीं गए, क्योंकि वह चाहते थे कि पार्टी के नेता प्रियंका के सामने खुलकर बात रख सकें।

कैसा होगा दलित संपर्क अभियान?

राहुल के दलित संपर्क अभियान के तहत कांग्रेस ने दलित वोटर बहुल करीब 8500 गांवों की पहचान की है। बता दें कि कभी इस वोट बैंक पर कांग्रेस का कब्जा था, लेकिन अब बीएसपी को ये वोट देते हैं। कांग्रेस ने दलितों को फिर जोड़ने के लिए एक नारा भी गढ़ा है। उसका नारा है, "शिक्षा, सुरक्षा, स्वाभिमान, कांग्रेस के साथ दलितों का उत्थान"। देखना यह है कि कांग्रेस का ये नारा दलितों को कितना लुभाता है।

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