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आज सिर्फ बुजुर्ग बदलवा सकेंगे नोट, एक्सचेंज सुविधा बंद नहीं करेगी सरकार

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Published on 18 Nov 2016 5:43 PM GMT

आज सिर्फ बुजुर्ग बदलवा सकेंगे नोट, एक्सचेंज सुविधा बंद नहीं करेगी सरकार
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नई दिल्लीः नोटबंदी का आज 11वां दिन है। इस दिन बैंक खुले रहेंगे, लेकिन 500 और 1000 के पुराने नोट सिर्फ बुजुर्ग बदलवा सकेंगे। बैंकों ने अपने बाकी काम निपटाने के लिए ये फैसला किया है। वहीं, देशभर के करीब 700 पेट्रोल पंपों पर कैश मिलने लगा है। जल्दी ही छोटे दुकानों में कार्ड स्वाइपिंग मशीन (पीओएस) के जरिए माइक्रो एटीएम का काम शुरू किया जाएगा। इस बीच, केंद्र सरकार ने साफ किया है कि वह नोट एक्सचेंज सुविधा बंद नहीं करेगी।

सिर्फ बुजुर्गों को मिलेगी सुविधा

भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने कहा है कि शनिवार को सिर्फ बुजुर्ग ही बैंकों में जाकर नोट बदलवा सकेंगे। आईबीए अध्यक्ष राजीव ऋषि ने बताया कि कुछ बैंक अपने ग्राहकों का ही नोट बदलने का भी काम करेंगे। इसकी जानकारी सरकार को भी दे दी गई है। वहीं, स्टेट बैंक की चेयरपर्सन अरुंधति भट्टाचार्य का कहना है कि लोग नोट बदलवाने के बाद अपने खाते से भी पैसा निकाल रहे हैं। जब बैंक में खाता है, तो लोग उसमें नकद जमा कराएं और निकालें।

एक्सचेंज सुविधा बंद नहीं होगी

सूत्रों के मुताबिक सरकार आने वाले दिनों में नोट एक्सचेंज की सुविधा बंद नहीं करेगी। पहले ऐसी खबर आ रही थी। बताया जा रहा था कि इसकी वजह रिजर्व बैंक के पास नए नोटों की किल्लत है। सरकार पहले ही एक्सचेंज की सीमा 4500 रुपए से घटाकर 2000 रुपए कर चुकी है, लेकिन सरकार ने साफ कर दिया है कि उसका एक्सचेंज बंद करने का कोई इरादा नहीं है।

सरकार का माइक्रो एटीएम पर जोर

मोदी सरकार अब माइक्रो एटीएम पर जोर दे रही है। सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में डिजिटल पेमेंट्स सॉल्यूशन कंपनी पीओएस मशीनों को माइक्रो एटीएम में बदलेगी। इससे छोटे किराना दुकानों और रिटेल स्टोर से भी पैसा मिल सकेगा। देश में अभी 60 हजार स्टोर पर पीओएस मशीनें लगी हैं। कंपनी दिसंबर के आखिर तक 2000 माइक्रो एटीएम लगाएगी। अगले तीन साल में पूरे देश में 10 लाख माइक्रो एटीएम लगाने का प्लान है।

नए नोट छापने में लगेगा वक्त

इस बीच, सूत्रों के मुताबिक नोटबंदी के वक्त देश में 1000 रुपए के 6.32 अरब और 500 के 15 अरब नोट थे। इस तरह सरकार को कुल 17.5 अरब नोट

छापने हैं। फिलहाल सभी सिक्यूरिटी प्रिंटिंग प्रेसों में तीन शिफ्टों में काम हो रहा है। फिर भी कागज और स्याही आयात करनी होती है। ऐसे में नए नोट

की किल्लत दूर करने के लिए करीब तीन महीने का वक्त चाहिए। इसके साथ ही 100, 50, 20 और 10 रुपए के नए नोट भी छापने होंगे।

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