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ICJ फरवरी में करेगा कुलभूषण जाधव केस की सुनवाई, 7 दिन में आ सकता है निर्णय

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 22 Aug 2018 12:23 PM GMT

ICJ फरवरी में करेगा कुलभूषण जाधव केस की सुनवाई, 7 दिन में आ सकता है निर्णय
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नई दिल्ली : इंटरनैशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) में अब भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के केस की सुनवाई फरवरी 2019 में होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक आईसीजे फरवरी में लगातार 7 दिनों तक सुनवाई करेगा।

आपको बता दें, कुलभूषण को पाकिस्तान की एक सैन्य कोर्ट ने अप्रैल 2017 में कथित तौर पर जासूसी के मामले में फांसी की सजा सुनाई थी। इसके बाद इंडिया ने इस मामले को आईसीजे में उठाया और आईसीजे ने इस मामले में अंतिम फैसला नहीं आने तक फांसी की सजा पर रोक लगा रखी है।

पाकिस्तान दावा करता रहा है कि कुलभूषण जाधव को मार्च 2016 में बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया गया था। जांच में पता चला कि जाधव कोई आम आदमी नहीं बल्कि ट्रेंड जासूस है।

बलोच नेता ने कहा- ईरान के चाबहार से किया गया था जाधव का अपहरण

पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव के बारे में एक नया खुलासा हुआ है। बलोच नेता कदीर बलोच ने दावा किया है कि ईरान के चाबहार से जाधव का अपहरण किया गया था। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर यह काम किया गया।

कदीर ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि आईएसआई के लिए काम करने वाले मौलवी मुल्ला उमर बलोची ईरानी ने जाधव को अगवा किया था। कदीर ने कहा, कि ‘जाधव कभी बलूचिस्तान में घुसा ही नहीं। मुल्ला ने बाद में आईएसआई से करीब पांच करोड़ लेकर जाधव को पाकिस्तान को सौंप दिया।’

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मुल्ला उमर ने किया था जाधव को अगवा

कदीर ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में यह सनसनीखेज खुलासा किया। कदीर ने कहा, कि ‘वायस फॉर मिसिंग बलूच्स नामक संगठन से उन्हें यह जानकारी मिली है।’ कदीर इस संगठन के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा, कि ‘मुल्ला उमर ईरानी बलूचिस्तान में कुख्यात आईएसआई एजेंट के रूप में मशहूर है। उसे पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ वहां आवाज उठाने वालों को अगवा करने के लिए जाना जाता है।’

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जाधव कभी बलूचिस्तान आए ही नहीं

कदीर ने जाधव के अपहरण की पूरी कहानी बताते हुए कहा, कि कुलभूषण के हाथ बंधे हुए थे और आंखों पर पट्टी थी। कुलभूषण को धक्का देकर एक गाड़ी में बिठाया गया। चाबहार से कुलभूषण को ईरान-बलूचिस्तान की सीमा पर स्थित शहर मशकील लाया गया। यहां से उन्हें बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा लाया गया और फिर इस्लामाबाद पहुंचाया गया। इसके बाद ही आईएसआई की ओर से जाधव को बलूचिस्तान से पकड़े जाने का फर्जी दावा कर दिया गया। सच्चाई यह है कि जाधव बलूचिस्तान आए ही नहीं थे, बल्कि मुल्ला उमर ने ईरान से उनका अपहरण किया था।’

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आईएसआई रखती है बलूचिस्तान पर नजर

आईएसआई को बलूचिस्तान में हर आने-जाने वाले की जानकारी होती है। यह संभव ही नहीं है कि बिना आईएसआई की जानकारी के कोई विदेशी बलूचिस्तान में घुस जाए। पाकिस्तान ने पिछले 25 दिसंबर को कुलभूषण की मुलाकात उनकी मां और पत्नी से कराई थी। इस मुलाकात के दौरान कुलभूषण और उनके परिवार के बीच शीशे की दीवार खड़ी की गई थी। जाधव ने इंटरकॉम के जरिए अपने परिवार से बात की। जाधव की पत्नी की जूतियां उतारने को लेकर काफी विवाद भी हुआ था।

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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