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पुरानी पटरियां बदलने पर रेलवे खर्च करेगा 6,000 Cr., कवायद शुरू

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amanBy aman

Published on 16 Oct 2017 7:15 AM GMT

पुरानी पटरियां बदलने पर रेलवे खर्च करेगा 6,000 Cr., कवायद शुरू
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नई दिल्ली: पटरियों के टूटने या क्षतिग्रस्त होने से वाली रेल दुर्घटनाओं पर लगाम कसने के लिए रेल मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। मंत्रालय के अनुसार, अगले छह महीने में 6,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे, ताकि रेल पटरियों के बोल्ट, क्लिप आदि को पूरी तरह बदला जा सके। जानकारी के अनुसार, पहले उन पटरियों को बदला जाएगा, जो बहुत पुरानी हो चुकी हैं।

रेल मंत्री पीयूष गोयल की ओर से दिए आदेश के बाद सबसे पहले उन पटरियों को बदला जाएगा, जो व्यस्त रूट पर हैं। जानकारी के अनुसार, इस वित्त वर्ष में करीब 3,600 किलोमीटर के ट्रैक बदले जाएंगे। इससे पहले रेलवे प्रति वर्ष 2,000 किलोमीटर का ट्रैक बदलता था।

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पुरानी पटरी हादसे की बड़ी वजह

रेल मंत्रालय के मुताबिक, पिछले तीन साल से प्रतिवर्ष 115 से ज्यादा हादसे पुरानी पटरियों की वजह से हो रहे हैं। पीयूष गोयल ने रेलवे बोर्ड को आदेश दिया है, कि वो इसके लिए ट्रेनों की नई समय सारणी (टाइम टेबल) जारी करे, ताकि ट्रैक और सिग्नल का आसानी से मेंटिनेंस किया जा सके।

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व्यस्तम रूटों के लिए विशेष दिशानिर्देश

बता दें, कि देश के व्यस्तम रूटों में शुमार दिल्ली-हावड़ा और दिल्ली-मुंबई के लिए भी विशेष दिशानिर्देश दिए गए हैं। क्योंकि, इन रूटों पर हर 10 मिनट में एक ट्रेन गुजरती है, जिससे इंजिनियरों को पटरियों के रखरखाव के लिए ज्यादा समय नहीं मिल पाता है।

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अमन कुमार, सात सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं। New Delhi Ymca में जर्नलिज्म की पढ़ाई के दौरान ही ये 'कृषि जागरण' पत्रिका से जुड़े। इस दौरान इनके कई लेख राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और कृषि से जुड़े मुद्दों पर छप चुके हैं। बाद में ये आकाशवाणी दिल्ली से जुड़े। इस दौरान ये फीचर यूनिट का हिस्सा बने और कई रेडियो फीचर पर टीम वर्क किया। फिर इन्होंने नई पारी की शुरुआत 'इंडिया न्यूज़' ग्रुप से की। यहां इन्होंने दैनिक समाचार पत्र 'आज समाज' के लिए हरियाणा, दिल्ली और जनरल डेस्क पर काम किया। इस दौरान इनके कई व्यंग्यात्मक लेख संपादकीय पन्ने पर छपते रहे। करीब दो सालों से वेब पोर्टल से जुड़े हैं।

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