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कारगिल विजय दिवस आज, पाकिस्तान को 19 साल पहले भारतीय सेना ने चटाई थी धूल

Manali Rastogi

Manali RastogiBy Manali Rastogi

Published on 26 July 2018 2:55 AM GMT

कारगिल विजय दिवस आज, पाकिस्तान को 19 साल पहले भारतीय सेना ने चटाई थी धूल
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नई दिल्ली: 26 जुलाई को यानि आज के दिन कारगिल युद्ध को 19 साल पूरे हो गए हैं। 26 जुलाई 1999 को ही भारतीय सेना ने पाकिस्तान को युद्ध में हराकर कारगिल में तिरंगा फहराया था तब से हर साल इस दिन को कारगिल विजय दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

राष्ट्रपति कोविंद ने ट्वीट कर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

आज का दिन सभी देशवासियों के लिए गर्व का दिन है, साथ ही इस युद्ध में जितने भी जवान शहीद हुए हैं उनकी कुर्बानी को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि देने का दिन है।

यह भी पढ़ें: कारगिल विजय दिवस: इस जवान ने मां को लिखा था भावुक कर देना वाला खत, ऐसे हुआ था शहीद

इस खास मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जवानों को सलाम किया और ट्वीट कर लिखा कि, ‘का‍रगिल विजय दिवस पर, प्रत्येक भारतीय हमारी सशस्त्र सेनाओं के प्रयासों व पराक्रम की सराहना करता है। सभी देशवासी कारगिल के शहीदों के परम बलिदान को नमन करते हैं; हम उनके परिवार-जनों के प्रति सदैव ऋणी रहेंगे – राष्ट्रपति कोविंद’





वहीं, इस मौके पर पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने भी ट्वीट कर कारगिल विजय दिवस की बधाई दी है। सहवाग के अलावा और भी कई दिग्गज नेताओं ने कारगिल विजय दिवस को लेकर ट्वीट किया।





















इस जंग में 527 भारतीय जवान हुए थे शहीद

1998 की सर्दियों में ही कारगिल की ऊंची पहाड़ियों पर पाकिस्‍तानी घुसपैठियों ने कब्‍जा कर लिया था। 1999 की गर्मियों की शुरुआत में जब सेना को पता चला तो सेना ने उनके खिलाफ ऑपरेशन विजय चलाया। करीब 18 हजार फीट की ऊंचाई पर कारगिल में लड़ी गई इस जंग में 527 भारतीय जवान शहीद हुए थे और 1363 जवान बुरी तकह घायल हुए थे।

वो सैन्‍य ऑपरेशन आठ मई को शुरू हुआ और 26 जुलाई को खत्म हुआ। वैसे इस लड़ाई में पाकिस्तान मानता है कि उसके करीब 357 सैनिक मारे गए थे लेकिन वास्तव में इस युद्ध में पाकिस्तान के करीब तीन हजार जवान मारे गए थे।

भारतीय वायुसेना ने भी निभाया था अहम रोल

इस लड़ाई में भारतीय वायुसेना का भी अह्म रोल है। 11 मई से भारतीय वायुसेना भी इस जंग में शामिल हो गई थी लेकिन उसने कभी एलओसी पार नहीं की। वायुसेना का लड़ाकू विमान मिराज, मिग-21, मिग 27 और हेलीकॉप्टर ने पाकिस्तानी घुसपैठियों की कमर तोड़ दी। करीब 16 हजार से 18 हजार फीट की ऊंचाई पर यह लड़ाई लड़ी गई। करीब दो महीने तक चला कारगिल युद्ध भारतीय सेना के साहस और ताकत का ऐसा उदाहरण है जिस पर हर हिन्दुस्तानी को गर्व है।

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