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नेता जी जागो ! गुजरात, हिमाचल में जमकर चला नोटा का सोटा

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 20 Dec 2017 2:52 PM GMT

नेता जी जागो ! गुजरात, हिमाचल में जमकर चला नोटा का सोटा
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नई दिल्ली : गुजरात और हिमाचल विधानसभा चुनावों में पीएम नरेंद्र मोदी का जादू फेल करते हुए नोटा (नन ऑफ द अबव) का बटन सबसे बड़ा खलनायक बन कर सामने आया है। यहां भले ही बीजेपी ने बहुमत के जादुई आकड़ें को पा लिया हो। लेकिन ये समय उसके चिंतन के लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि लोकसभा चुनाव सिर पर सवार हैं और नोटा का जिन्न बोतल से बाहर आ चुका है।

मोदी के अपने गढ़ जहां उन्होंने जीत के लिए अपने को झोंक दिया। अकेले गुजरात में ही साढ़े पांच लाख से अधिक वोटर्स ने नोटा पर विश्वास जताया है। जबकि हिमाचल में ऐसे 34 हजार से अधिक वोटर्स रहे जिन्होंने सभी उम्मीदवारों को सिरे से नकार दिया।

मोदी राहुल लड़ते रहे। लेकिन वो वोटर्स की नाराजगी भांपने में कामयाब नहीं हुए। जिसका नतीजा ये रहा कि गुजरात में 15 ऐसी सीटें रहीं हैं, जहां नोटा का असर सबसे अधिक नजर आया है। यहां बीजेपी और कांग्रेस के बीच वोटों का अंतर महज दो हजार रहा है।

अभी भी समय है जाग जाइए नेता जी

ये नोटा एक चेतावनी की तरह है, बीजेपी कांग्रेस सहित तमाम पार्टियों सुधर जाओ। आप हमसे जबरन अपने लिए वोट नहीं डलवा सकते। इसे जनता का असंतोष मानते हुए राजनीतिक दलों को अपनी नीतियों और उम्मीदवार चयन का पैमाना बदलना होगा। वर्ना ये गिनती बढ़ेगी और तब नेताओं के पास कोई जवाब भी नहीं होगा।

आपको याद होगा गुजरात में पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने अपील की थी कि यदि कोई विकल्प न मिले तो नोटा का बटन दबाएं। लेकिन बीजेपी को वोट न दें। कुछ जगहों में इसका असर दिखा। लेकिन इससे यह भी साफ होता है कि वोटर्स का बीजेपी और कांग्रेस दोनों से ही भरोसा उठ गया है। वो बीजेपी सरकार से परेशान तो हैं। लेकिन कांग्रेस को सही विकल्प नहीं मानते।

आपको बता दें वर्ष 2013 में चुनाव आयोग ने तय किया था कि अब वोटर्स को नोटा का विकल्प भी मिलेगा। यह व्यवस्था इस बार से पूर्ण रूप से लागू की गई। और जो संकेत मिले हैं उससे जाहिर है अब पार्टियों को अपनी रणनीति नोटा को मध्य में रख बनानी होगी।

वहीं हिमाचल प्रदेश में तो बसपा का हाल बेहाल रहा है। नोटा ने उसे पूरी तरह से खा लिया। बीएसपी को कुल 17 हजार 335 वोट मिले। जबकि नोटा के पक्ष में गए 32 हजार 656 वोट।

देखिए विस्तृत आकड़ें

हाल ही में संपन्न हुए गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में, नोटा ने जहां 551615 (1.83%) वोट प्राप्त किए वहीं हिमाचल प्रदेश में 34232 वोट (0. 0%) नोटा को प्राप्त हुए।

गुजरात विधानसभा चुनाव 2017 में नोटा का प्रदर्शन

• नोटा में सर्वाधिक वोट गए: नोटा ने गुजरात विधानसभा चुनाव में 2017 में दांता विधानसभा क्षेत्र में 6461 वोट अपने नाम किए। ये संख्या 7 उम्मीदवारों को मिले वोटों से अधिक रही है।

• नोटा के लिए न्यूनतम मतदान: नोटा को गुजरात विधानसभा चुनाव में महेसाणा निर्वाचन क्षेत्र में 686 मत मिले। ​​इसमें भी उसे 27 अन्य उम्मीदवारों के मुकाबले अधिक मत हासिल हुए।

• नोटा के लिए मतदान की जीत और वोट का मार्जिन: 30 (16%) निर्वाचन क्षेत्र हैं जहां नोटा ने जीत के अंतर से अधिक वोट सुरक्षित किए हैं।

हिमाचल विधानसभा चुनाव, 2017 में नोटा का प्रदर्शन

• नोटा के लिए सर्वाधिक मतदान: नोटा ने हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017 में जोगिंदरनगर विधानसभा क्षेत्र में 1162 वोट अपने नाम किए।

• नोटा के लिए न्यूनतम मतदान: नोटा को हिमाचल विधानसभा चुनाव 2017 में लाहौल और स्पिटी निर्वाचन क्षेत्र में 70 मत मिले।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में 4 (6%) निर्वाचन क्षेत्र हैं जहां नोटा वोट जीत के मार्जिन से कहीं ज्यादा हैं।

सभी विवरण अगली स्लाइड में दिए गए हैं:

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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