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सरकार ने इनके कहने पर मार्केट को सौंप दिया था पेट्रोल-डीजल, क्या फिर मानेंगे बात

Rishi

RishiBy Rishi

Published on 10 Sep 2018 11:20 AM GMT

सरकार ने इनके कहने पर मार्केट को सौंप दिया था पेट्रोल-डीजल, क्या फिर मानेंगे बात
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लखनऊ : देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों से नाराज विपक्ष सड़क पर है। भारत बंद है। सरकार तर्क दे रही है कि इंटरनेशनल कारण हैं इस बढ़ती कीमतों की वजह। लेकिन हम आज आपको उस व्यक्ति की बात बताने वाले हैं जिसके कहने पर पेट्रोलियम को बाजार के अधीन किया गया था।

देश के जानेमाने एनर्जी एक्सपर्ट किरिट पारिख वो व्यक्ति हैं जिनके कहने पर करीब यूपीए सरकार ने पेट्रोल-डीज़ल को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करने का निर्णय लिया था।

पारिख कहते हैं इस समय केंद्र व राज्य सरकार लगभग 100 प्रतिशत टैक्स पेट्रोल डीजल पर वसूल रही है। केंद्र को 2-3 प्रतिशत और राज्य सरकारों को 5 प्रतिशत टैक्स कटौती करती हैं तो आम आदमी की बड़ी राहत मिल सकती है।

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भारत बंद : पंजाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन

देश में ईंधन की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के विरोध में कांग्रेस पार्टी द्वारा सोमवार को बुलाए गए बंद के आह्वान के मद्देनजर पंजाब में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पूरे राज्य में विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला, भठिंडा, फिरोजपुर और अन्य शहरों में किए गए।

लुधियाना में प्रदर्शन की अगुवाई सांसद रणवीत सिंह बिट्ट ने की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार 2014 में लोगों से किए गए किसी भी वादे को निभाने में विफल रही है।

उन्होंने कहा,"ईंधन की बढ़ती कीमतें सभी को, खासकर आम आदमी पर असर डालती है।"

कांग्रेस नेता ने कहा कि पंजाब में किसान डीजल की कीमतों में बढ़ोत्तरी से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ट्यूबवेल व ट्रैक्टर डीजल से चलते हैं, जिस वजह से किसानों को बहुत पेरशानी हो रही है।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूतला फूंका।

पंजाब में मार्च 2017 से मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अगुवाई में कांग्रेस सरकार का शासन है।

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'भारत बंद' से त्रिपुरा में जन-जीवन प्रभावित

ईंधन कीमतों में भारी वृद्धि के विरोध में विपक्षी कांग्रेस, वाम दलों और अन्य पार्टियों द्वारा सोमवार को आहूत भारत बंद से भाजपा शासित त्रिपुरा में जन-जीवन प्रभावित रहा। ज्यादातर बाजार, दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे और सड़कों पर निजी तथा यात्री वाहन नहीं दिखे। सरकारी कार्यालय और कुछ बैंक खुले रहे, लेकिन वहां उपस्थिति बहुत कम रही।

अगरतला आने-जाने वाली उड़ानों और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की रेलगाड़ियों में यात्रियों की संख्या कम दिखी।

पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) के.वी. श्रीजेश ने आईएएनएस को बताया कि राज्य में कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं घटी।

काग्रेस और वाम दलों ने कहा कि भारत बंद व्यापक तौर पर सफल रहा, जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दावा किया कि त्रिपुरा में जनता ने भारत बंद को नकार दिया।

विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन करने और सरकारी कार्यालयों के सामने अवरोध उत्पन्न करने के कारण कांग्रेस के कई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया।

मणिपुर से लोकसभा सांसद थोकचोम मीन्या और असम के दो नेताओं वाजिद अली चौधरी तथा अब्दुर रऊफ को यहां गिरफ्तार कर लिया गया।

त्रिपुरा से मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के लोकसभा सांसद संकर प्रसाद दत्ता ने संवाददाताओं से कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा और प्रदेश सरकार के भय के बावजूद राज्य की जनता ने एकजुट होकर ईंधन और अन्य जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के विरोध में भारत बंद का समर्थन किया।

हालांकि सत्तारूढ़ भाजपा ने दावा किया कि जनता ने भारत बंद को सिरे से नकार दिया, क्योंकि इससे उन्हें कोई लाभ नहीं होता।

भाजपा महासचिव प्रतिमा भौमिक ने आईएएनएस से कहा, "सरकारी कार्यालयों और त्रिपुरा में ज्यादातर स्थानों पर कामकाज सामान्य रहा। राज्यभर में पंचायत चुनाव की प्रक्रिया भी चल रही है। हालांकि सार्वजनिक वाहनों के कम चलने के कारण सरकारी और अन्य कर्मी अपने कार्यालयों पर निजी वाहनों से गए।"

उन्होंने कहा, "एक राष्ट्रीय पार्टी के तौर पर भाजपा हमेशा ही किसी प्रकार के बंद के खिलाफ रही है, क्योंकि पार्टी विकास और शांति के साथ-साथ आम आदमी और गरीब लोगों के भले को प्राथमिकता देती है।"

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कर्नाटक : भारत बंद का व्यापक असर

ईंधन की बढ़ती कीमतों के विरुद्ध कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा बुलाए गए बंद से कर्नाटक में सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा है। पूरे राज्य में सार्वजनिक वाहन सड़कों से नदारद हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने आईएएनएस से कहा, "हमारे बंद को लोगों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है क्योंकि पेट्रोल व डीजल की बढ़ती कीमतों ने सभी को, खासकर गरीबों को प्रभावित किया है।"

स्कूल व कॉलेज बंद हैं। राज्य व केंद्र सरकार के कार्यालय खुले हैं।

बेंगलुरु में वैश्विक सॉफ्टवेयर कंपनी इंफोसिस और विप्रो में कामकाज सामान्य रूप से चला।

सत्तारूढ़ जनता दल-सेक्युलर (जेडी-एस) ने अपने गठबंधन के साथी कांग्रेस के बंद का समर्थन किया है। जेडी-एस और कन्नड़ समर्थक संगठन कन्नड़ वेदिक पक्षा (केवीपी) के कार्यकर्ताओं को रेस्तरां, दुकानों व पेट्रोल पंपों को बंद कराते हुए देखा गया।

कई मल्टीप्लैक्स और मॉल कामकाज के लिए नहीं खुले। बैंकों के कामकाज पर भी असर पड़ा।

एक चाय विक्रेता ने आईएएनएस से कहा, "हमने भीड़ के हाथ अपनी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से बचाने के लिए अपनी दुकान को पूरे दिन के लिए बंद रखा है।"

बंद से हालांकि बेंगलुरु व मैसुरू में विमान व ट्रेन सेवा पर असर नहीं पड़ा, लेकिन यात्रियों को हवाईअड्डों व रेलवे स्टेशन पर बसों, कैब और ऑटो नहीं मिलने से काफी मुश्किल समय गुजारना पड़ा।

जेडी-एस और कांग्रेस के लगभग 1000 कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने यहां टॉऊन हॉल पर प्रदर्शन किया और मुख्य मार्ग होते हुए फ्रीडम पार्क तक प्रदर्शन रैली निकाली।

आपात सेवाओं जैसे अस्पतालों व दवा दुकानों को बंद से मुक्त रखा गया है।

ओडिशा : भारत बंद से जनजीवन प्रभावित

ईंधन में बेतहाशा वृद्धि के विरोध में कांग्रेस व अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा बुलाए गए भारत बंद से ओडिशा में सामान्य जनजीवन पर असर पड़ा है। भुवनेश्वर सहित राज्य के अन्य जगहों पर प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है।

कई जगहों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा सड़क जाम करने से सड़क यातायात पर असर पड़ा है।

पूरे भारत में बंद की वजह से ट्रेन सेवा भी प्रभावित हुई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भुवनेश्वर, कटक, संबलपुर, राउरकेला, बालांगीर और भद्रक में रेल रोको प्रदर्शन किया।

पूर्वी तटीय रेलवे ने राज्य में 12 ट्रेनों को स्थगित कर दिया है।

बंद की वजह से बीजू पटनायक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (बीपीटीयू) में सभी व्यावसायिक पाठ््यक्रमों की परीक्षाएं रद्द कर दी है, वहीं स्कूलों व कॉलेजों को बंद रखा गया है।

पुरी के कोणार्क मंदिर में पर्यटक अंदर नहीं जा सके, क्योंकि कांग्रेस और माकपा कार्यकर्ताओं ने टिकट काउंटर बाधित कर दिया है।

एनएच 316 के पास कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा मार्ग अवरुद्ध करने की वजह से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता सुदीप बंदोपाध्याय को पिपली में रोक दिया गया।

भुवनेश्वर में वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने अन्य पार्टी नेताओं के साथ कई जगहों पर प्रदर्शन किया और सड़क मार्ग को अवरुद्ध कर दिया।

ओडिशा प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष निरंजन पटनायक और सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ताओं ने ओडिशा विधानसभा के पास प्रदर्शन किया।

ईंधन की बढ़ती कीमतों के विरुद्ध विधानसभा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हंगामे के बाद अध्यक्ष पी.के. अमात को सदन स्थगित करना पड़ा।

निरंजन पटनायक ने कहा,"बंद का आयोजन ओडिशा में शांतिपूर्वक तरीके से किया जा रहा है। ओडिशा के लोगों ने बंद को अपना समर्थन दिया है। ईंधन की बढ़ती कीमतों ने पूरे देश में आम लोगों को प्रभावित किया है। नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार औद्योगिक घरानों का साथ दे रही है।"

दूसरी तरफ भाजपा ने कहा कि ईंधन की कीमतों में वृद्धि डॉलर की तुलना में रुपये के लुढ़कने और अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि की वजह से हो रही है।

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष समीर मोहंती ने कहा,"राज्य सरकार को आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिए पेट्रोल व डीजल पर राजस्थान सरकार की तरह वैट घटाना चाहिए।"

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आशीष शर्मा ऋषि वेब और न्यूज चैनल के मंझे हुए पत्रकार हैं। आशीष को 13 साल का अनुभव है। ऋषि ने टोटल टीवी से अपनी पत्रकारीय पारी की शुरुआत की। इसके बाद वे साधना टीवी, टीवी 100 जैसे टीवी संस्थानों में रहे। इसके बाद वे न्यूज़ पोर्टल पर्दाफाश, द न्यूज़ में स्टेट हेड के पद पर कार्यरत थे। निर्मल बाबा, राधे मां और गोपाल कांडा पर की गई इनकी स्टोरीज ने काफी चर्चा बटोरी। यूपी में बसपा सरकार के दौरान हुए पैकफेड, ओटी घोटाला को ब्रेक कर चुके हैं। अफ़्रीकी खूनी हीरों से जुडी बड़ी खबर भी आम आदमी के सामने लाए हैं। यूपी की जेलों में चलने वाले माफिया गिरोहों पर की गयी उनकी ख़बर को काफी सराहा गया। कापी एडिटिंग और रिपोर्टिंग में दक्ष ऋषि अपनी विशेष शैली के लिए जाने जाते हैं।

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