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पीयूष गोयल बोले- रेलवे एक साल में पैदा कर सकता है 10 लाख नौकरियां

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amanBy aman

Published on 5 Oct 2017 8:57 PM GMT

पीयूष गोयल बोले- रेलवे एक साल में पैदा कर सकता है 10 लाख नौकरियां
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पीयूष गोयल बोले- रेलवे एक साल में पैदा कर सकता है 10 लाख नौकरियां
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नई दिल्ली: नव नियुक्त रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है, कि देश में रेलवे के पारिस्थितकी तंत्र से जुड़े सभी क्षेत्र में कामकाज से एक साल के भीतर 10 लाख रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। ये बातें उन्होंने गुरुवार (05 अक्टूबर) को विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के भारत आर्थिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।

गोयल बोले, 'रियल एस्टेट संपत्तियों के मौद्रिकरण और मौजूदा निवेश योजनाओं को रफ्तार देने से रेलवे और इसके आसपास के पारिस्थितिकी तंत्र में रोजगार के काफी अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा, मेरा खुद का मानना है कि बेशक ये रेलवे में सीधी नौकरियां नहीं होंगी, लेकिन लोगों को जोड़कर और पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर एक साल में कम से कम 10 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकते हैं।'

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यहां इतने रोजगार का होगा सृजन

रेल मंत्री ने कहा, कि 'सरकार रेलवे ट्रैक और सुरक्षा रखरखाव कार्यक्रम पर आक्रामक तरीके से आगे बढ़ रही है। इनसे दो लाख रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'यदि मैं पाइपलाइन के निवेश को देखूं और उसे क्रियाशील करूं, तो इससे मौजूदा परियोजनाओं में 2-2.5 लाख रोजगार पैदा किए जा सकते हैं।'

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बदलाव की बारी अब रेलवे की

पीयूष गोयल ने कहा, 'भारत में निवेश की अपार संभावनाएं हैं। बशर्ते कि लोगों की मानसिकता बदले। कोयला क्षेत्र में यह बदलाव आया है। अब रेलवे की बारी है। उन्होंने कहा, गत वर्षों में योग, आयुर्वेद, क्रिकेट या बॉलीवुड इस बदलाव की कहानी कहते हैं।'

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'ब्रांड भारत' का निर्माण हो रहा

गोयल ने कहा, 'ब्रांड भारत का निर्माण हो रहा है। दुनिया अब भारत की पहचान ऐसे देश के रूप में करती है, जो ईमानदारी से अपने वादे को पूरा करता है।' बड़ी संरचनाएं कमजोर आधार पर तैयार नहीं होती। इसलिए भारत को वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होना होगा। साथ ही विकास की ऐसी रूपरेखा तैयार करनी होगी, जिससे दशकों तक संपन्नता सुनिश्चित हो सके।'

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अमन कुमार, सात सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं। New Delhi Ymca में जर्नलिज्म की पढ़ाई के दौरान ही ये 'कृषि जागरण' पत्रिका से जुड़े। इस दौरान इनके कई लेख राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और कृषि से जुड़े मुद्दों पर छप चुके हैं। बाद में ये आकाशवाणी दिल्ली से जुड़े। इस दौरान ये फीचर यूनिट का हिस्सा बने और कई रेडियो फीचर पर टीम वर्क किया। फिर इन्होंने नई पारी की शुरुआत 'इंडिया न्यूज़' ग्रुप से की। यहां इन्होंने दैनिक समाचार पत्र 'आज समाज' के लिए हरियाणा, दिल्ली और जनरल डेस्क पर काम किया। इस दौरान इनके कई व्यंग्यात्मक लेख संपादकीय पन्ने पर छपते रहे। करीब दो सालों से वेब पोर्टल से जुड़े हैं।

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