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अपील मोदी की : गांव के कुम्हार से खरीदें दिवाली के दीए, खुशी मिलेगी

नानाजी देशमुख की जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के पूसा में इंडियन एग्रिकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईएआरआई) में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

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tiwarishaliniBy tiwarishalini

Published on 11 Oct 2017 7:07 AM GMT

अपील मोदी की : गांव के कुम्हार से खरीदें दिवाली के दीए, खुशी मिलेगी
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नई दिल्ली : नानाजी देशमुख की जयंती पर पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार (11 अक्टूबर) को दिल्ली के पूसा में इंडियन एग्रिकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईएआरआई) में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील की कि इस दिवाली दीए गांव के कुम्हार से खरीदें। उनके घर पर भी खुशी आ जाएगी।

देश के विकास के लिए गांव का विकास जरूरी

पीएम मोदी ने कहा कि जय प्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख ने देश में गरीबों के लिए काम किया। महात्मा गांधी के आंदोलन की डोर को जय प्रकाश (जेपी) और नानाजी ने संभाली थी। अगले पांच साल में देश को गरीबी से मुक्त करना है। देश के विकास के लिए गांव का विकास जरूरी है और इसके लिए गांवों को आत्मनिर्भर बनाना होगा। गांव को आगे बढ़ाने के लिए उनको वह सब सुविधाएं दी जानी चाहिए जो शहर को मिलती हैं।

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जब नाना ने बचाई जेपी की जान

पीएम ने कहा कि जब करप्शन के खिलाफ जेपी जंग लड़ रहे थे तो दिल्ली की सल्तनत में खलबली मच गई। उन्हें रोकने के लिए षड्यंत्र होते थे। पटना के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में जेपी पर हमला हुआ। उनके बगल में नानाजी देशमुख खड़े थे। नानाजी ने अपने हाथों पर मृत्युदंड के रूप में आए प्रहार को झेल लिया। हाथ की हड्डियां टूट गई। वो ऐसी घटना थी कि देश का ध्यान नानाजी देशमुख की तरफ गया। जेपी और नानाजी जैसे लोगों ने अपना जीवन देश के नाम समर्पित कर दिया। वे राजनीतिक पदों से हमेशा दूर रहे। दोनों महापुरुषों ने अपने जीवनकाल में देश के संकल्प के लिए स्वयं को सौंप दिया।



ग्रामीण विकास पर पीएम मोदी का जोर

-पीएम मोदी ने कहा कि 2022 में ग्रामीण विकास की गति और तेज होगी।

-गांव का नागरिक भी शहर की जिंदगी चाहता है।

-किसानों की आय 2022 तक दोगुना करने के लिए हमारी सरकार प्रयासरत है।

-ग्रामीण जीवन में बदलाव लाने के संकल्प के साथ हम चलें है।

-हमारे देश में कृषि क्षेत्र और पशुपालन ग्रामीण जीवन की अर्थव्यवस्था के केंद्र बिंदु हैं।

-लोकतंत्र की सफलता तब है जब देश जनभागीदारी से चले।

-जो सुविधा शहर के लोगों को उपलब्ध हैं वही सुविधाएं गांव के लोगों के पास भी होनी चाहिए।

-इस दिशा में हम कार्य कर रहें है।

-ग्रामीण विकास के लिए गुड गवर्नेंस पर बल देना हमारी सरकार की प्राथमिकता है।



लोकतंत्र में केवल वोट ही नहीं, जनता की भागीदारी भी जरूरी

-पीएम ने मोदी ने कहा कि 18000 गांव ऐसे थे जो कि 18वीं शताब्दी में जी रहे थे।

-वहां पर बिजली नहीं थी।

-हमने लाल किले से 1000 दिन में इन गांवों में बिजली देने का बीड़ा उठाया।

अब तक 15,000 गांवों में बिजली पहुंचा चुके हैं।

-हमारी सरकार मुफ्त में बिजली कनेक्शन दे रही है।

-लोकतंत्र में केवल वोट का अधिकार नहीं है।

-जनता की भागीदारी भी बहुत जरूरी है।

-सरकार हर योजना की समीक्षा कर रही है

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जातिवाद पर पीएम का वार

-पीएम मोदी ने कहा कि आज भी भारत के गांव में जातिवाद हावी है।

-इसी जातिवाद के जहर को साफ़ कर गांव को विकसित करना है।

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पीएम ने जेपी की जिंदगी पर एक वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया, "मैं आदरणीय लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती पर उन्हें प्रणाम करता हूं। उनका अदम्य साहस और न्याय परायणता हर भारतीय को प्रेरित करता रहेगा।"

जेपी के रूप में लोकप्रिय जयप्रकाश नारायण एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, सिद्धांतवादी और राजनेता थे। उन्हें 1970 के मध्य में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के विरोध का नेतृत्व करने के लिए खासतौर से याद किया जाता है। पीएम ने नानाजी देशमुख को भी याद किया और कहा कि उनकी सेवा भावना से देश को 'प्रेरणा' मिलती है।



मोदी ने उनके जीवन पर भी एक वीडियो साझा किया और ट्वीट किया, "नानाजी देशमुख को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं। उनकी सेवा और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किए गए उनके कार्यो से हमें लगातार प्रेरणा मिलती है।"



देशमुख भारतीय जन संघ के नेता और राज्यसभा के सदस्य थे। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में काम किया। अपने महान कार्यो के लिए सरकार ने उन्हें पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया।



जानिए नानाजी देशमुख के बारे में

-नानाजी का जन्म 11 अक्टूबर 1916 को हुआ था।

-इसी दिन जयप्रकाश नारायण का भी जन्म हुआ था, जो उनके सहयोगी रहे थे।

-उनका पूरा नाम चंडिकादास अमृतराव देशमुख था।

-उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधारने और सामाजिक कार्यों के लिए पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था।

-नानाजी ने अपने काम का सेंटर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित चित्रकूट को बनाया था।

-उन्होंने चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय की स्थापना भी की थी

-जो देश की पहला रूरल यूनिवर्सिटी थी।

-नानाजी का निधन 27 फरवरी 2010 को हुआ था।

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Excellent communication and writing skills on various topics. Presently working as Sub-editor at newstrack.com. Ability to work in team and as well as individual.

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