इन अंगों से ज्यादातर महिलाएं रहती है परेशान, जानिए इनका सही आकार

महिलाऐं अपने ब्रेस्ट का साइज़ बढ़ने की वजह से परेशान रहती हैं। क्योंकि ब्रैस्ट का साइज़ बढ़ने की वजह से वे अपने पुराने कपडे भी नहीं पहन पाती है और वेस्टर्न कपड़े पहनने में ब्रेस्ट के ढीलेपन की वजह से शर्म महसूस होती है। ब्रैस्ट के ढीलेपन की ये स्थिति ज्यादातर प्रेग्नेंसी व स्तनपान कराने के बाद होती है।

जयपुर:महिलाऐं अपने ब्रेस्ट का साइज़ बढ़ने की वजह से परेशान रहती हैं। क्योंकि ब्रैस्ट का साइज़ बढ़ने की वजह से वे अपने पुराने कपडे भी नहीं पहन पाती है और वेस्टर्न कपड़े पहनने में ब्रेस्ट के ढीलेपन की वजह से शर्म महसूस होती है। ब्रैस्ट के ढीलेपन की ये स्थिति ज्यादातर प्रेग्नेंसी व स्तनपान कराने के बाद होती है। गर्भावस्था के दौरान ब्रेस्ट भारी और उनका आकार बड़ा होता है और स्तनपान के कारण ब्रैस्ट में ढीलापन आ जाता हैं। जानते हैं कैसे ब्रैस्ट के ढीलेपन की समस्या को दूर करें
*अक्सर महिलाएं स्तनपान के दौरान एक गलती करती हैं और वो है बच्चे की तरफ ज्यादा झुक कर स्तनपान कराना ऐसा करने से उनके शरीर का आकार बेडौल हो जाता है। साथ ही स्तनों पर अधिक दबाव आता है और उनमें शिथिलता भी नहीं रहती। इसलिए इस दौरान आप किसी तकिए की मदद से बच्चे को स्तनपान दें ताकि आप का स्तन सही रहे।

ये काफी ध्यान की बात है  ऐसी ब्रा पहननी चाहिए जो आपके ब्रेस्ट को सही शेप दे। इसके लिए आपको अपना ब्रेस्ट साइज पता होना चाहिए। ज्यादातर सलाह ये दी जाती है कि अपने साइज से एक नम्बर कम साइज की ब्रा पहननी चाहिए। इससे ब्रेस्ट आकर्षक दिखाई देते हैं। आजकल बाजार में कई ऐसी ब्रा मौजूद हैं जो कि ब्रेस्ट को बेहतर सपोर्ट करती हैं।

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*पौष्टिक खाना खाने से भी ब्रेस्ट का ढीलापन कम किया जा सकता है। जिन खाद्य पदार्थ में प्रोटीन और कार्ब्स की मात्रा ज्यादा हो उनका सेवन करें। ये शरीर के आवश्यक तत्वों की पूर्ति करेंगे जिससे स्वस्थ टीशूज बन सकेंगे। एक शोध से पता चला है कि जिन फलों और सब्जियों में विटामिन बी और ई की मात्रा ज्यादा होती है वो ब्रेस्ट के ढीलेपन को कम कर देते हैं। इसके अलावा जिन खाद्य पदार्थों में फैट की मात्रा कम होती है वो ब्रेस्ट को सही शेप देने में मदद करते है। अंडे की जर्दी, मक्खन, दही जैसे खाद्य पदार्थों को स्तनपान कराने वाली माताओं को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।

*गर्भावस्था के दौरान व्यायाम करना बेहद जरूरी होता है। व्यायाम का मतलब ये नहीं कि आप इस दौरान जिमनैजियम करें या फिर भारी वर्कआउट करें। इसका मतलब है कि आप आसान-आसान व्यायाम करें जैसे कि योगा, ऐरोबिक। ये ना सिर्फ आपके ब्रेस्ट को स्वस्थ बनाएंगे बल्कि आपके पूरे शरीर और आने वाले बच्चे का स्वास्थ भी अच्छा रहेगा लेकिन ध्यान रहे कि व्यायाम करने से पहले डॉक्टर से जरूर परामर्श कर लें।

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