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ज्यादा समय तक यूर‍ीन रोकना पड़ सकता है भारी, जानें क्यों

अगर आपको पेशाब जाने की जरूरत होती है और आप इसे टाल देते है तो ये आदत खतरनाक हो सकती है। पेशाब शरीर से बेकार तरल पदार्थों के बाहर निकलने की प्रक्रिया है। इसका असर आपकी गुर्दों की सेहत पर पड़ सकता है। 

priyankajoshi
Published on: 30 Jun 2017 1:17 PM GMT
ज्यादा समय तक यूर‍ीन रोकना पड़ सकता है भारी, जानें क्यों
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नई दिल्ली : अगर आपको पेशाब जाने की जरूरत होती है और आप इसे टाल देते है तो ये आदत खतरनाक हो सकती है। पेशाब शरीर से बेकार तरल पदार्थों के बाहर निकलने की प्रक्रिया है। इसका असर आपकी गुर्दों की सेहत पर पड़ सकता है।

किडनी का काम पेशाब के जरिये शरीर से यूरिक एसिड जैसे तत्वों को बाहर निकालना है अगर आप यूरीन को शरीर से बाहर नहीं जाने दे रहे हैं तो गुर्दों पर दबाव बढ़ेगा साथ ही किडनी में फिल्डर की प्रक्रिया भी धीमी हो जाएगी। इसके अलावा शरीर में पड़े टॉक्सिक आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं।

आगे की स्लाइड्स में जानें कितना है खतरनाक...

गुर्दे का अहम रोल

दरअसल, हम जो कुछ भी खाते पीते हैं हमारे शरीर की ग्रंथियां इस खाने में पोषक तत्वों और जरूरी चीजों को शरीर में ही रख लेती है जबकि बेकारी की चीजों को मल-मूत्र के माध्यम से बाहर निकाल देती है। इस पूरी प्रक्रिया में गुर्दे का मुख्य रोल होता है।

हो सकता है इंफेक्शन

यदि आपका यूरिनरी सिस्टम (पेशाब तंत्र) स्वस्थ है तो सामान्य रुप से 2 से 4 घंटे तक पेशाब रोकना खतरनाक नहीं होता है। एक युवा शख्स का मूत्राशय यानी कि 2 कप तक पेशाब रोक कर रख सकता है लेकिन इससे ज्यादा देर तक पेशाब रोकना बीमारी को न्योता देना है, क्योंकि इससे यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) हो सकता है।

आगे की स्लाइड्स में जानें गर्भवती महिलाएं के लिए खतरा...

बढ़ सकती है बीमारियों की संभावना

हालांकि रिसर्च और डॉक्टरों ने पेशाब रोककर रखने की कुछ निश्चित समय सीमा नहीं बताई है लेकिन अगर आप एनलार्ज्ड प्रोस्टेट, न्यूरोजेनिक मूत्राशय, किडनी डिस्ऑर्डर, जैसे हालात से जूझ रहे रहे है तो पेशाब को रोक कर रखने से किडनी से संबंधित बीमारियाों के होने की संभावना बढ़ जाती है।

गर्भवती महिलाएं को भी खतरा

इस संबंध में गर्भवती महिलाओं के लिए खास हिदायत है। प्रेगनेंट महिलाओं में पहले से ही यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होने का खतरा रहता है, लेकिन अगर गर्भवती महिलाएं पेशाब रोकती है तो इससे UTI का खतरा और भी बढ़ जाता है। रिसर्च कहता है कि यूरोप में महिलाएं सामान्य रुप से 3 घंटे से लेकर 6 घंटे तक पेशाब रोककर रख सकती हैं, लेकिन भारत में स्थिति थोड़ी अलग है। डॉक्टरों के मुताबिक यहां महिलाएं 2 से 5 घंटे तक पेशाब रोककर रख सकती है।

priyankajoshi

priyankajoshi

इन्होंने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत नई दिल्ली में एनडीटीवी से की। इसके अलावा हिंदुस्तान लखनऊ में भी इटर्नशिप किया। वर्तमान में वेब पोर्टल न्यूज़ ट्रैक में दो साल से उप संपादक के पद पर कार्यरत है।

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