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Gold Smuggling Kya Hai: सोने की तस्करी बार-बार होने के क्या कारण होते हैं, सबसे ज्यादा किस देश में होती है स्मगलिंग
Gold Smuggling Kya Hai: सोने की तस्करी कई कारणों से होती है, जिनमें आर्थिक लाभ, सरकारी नीतियां, और काले धन को छुपाना प्रमुख हैं। आइए जानते हैं किन देशों में सबसे ज्यादा स्मगलिंग होती है।
Gold Smuggling (फोटो साभार- सोशल मीडिया)
Gold Smuggling Kya Hai: सोने की तस्करी एक वैश्विक समस्या है जो कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं और सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती प्रस्तुत करती है। यह अवैध गतिविधि न केवल सरकारी राजस्व को प्रभावित करती है, बल्कि अपराध और भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा देती है।
सोने की तस्करी में शामिल प्रमुख देश (Major Countries Involved In Gold Smuggling)
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
सोने की तस्करी में शामिल देशों की सूची समय और परिस्थितियों के साथ बदलती रहती है। हालांकि, कुछ देश अपनी भौगोलिक स्थिति, आर्थिक परिस्थितियों, और कानूनी ढांचे के कारण तस्करी के हॉटस्पॉट बन गए हैं। नीचे कुछ प्रमुख देशों की चर्चा की गई है:
भारत (India): भारत विश्व में सोने के सबसे बड़े उपभोक्ताओं में से एक है। यहां सोने की उच्च मांग और आयात पर उच्च शुल्क के कारण तस्करी बढ़ती है। 2021-22 में, डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने कुल 833.07 किलोग्राम तस्करी किया गया सोना जब्त किया, जिसकी कीमत 405.35 करोड़ रुपये थी। इसमें से 37% सोना म्यांमार के रास्ते भारत पहुंचा था, जबकि 20% मध्य पूर्व से और 7% बांग्लादेश के माध्यम से आया था।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE): दुबई, यूएई का एक प्रमुख शहर, सोने के व्यापार का एक बड़ा केंद्र है। यहां से सोने की तस्करी के कई मामले सामने आए हैं, जहां सोने को कानूनी रूप से आयात किया जाता है और फिर अवैध रूप से अन्य देशों में भेजा जाता है।
म्यांमार (Myanmar): म्यांमार से भारत में सोने की तस्करी बढ़ रही है, विशेष रूप से मणिपुर और मिजोरम के सीमावर्ती क्षेत्रों के माध्यम से। डीआरआई की रिपोर्ट के अनुसार, 2021-22 में जब्त किए गए सोने में से 37% म्यांमार के रास्ते भारत पहुंचा था।
बांग्लादेश (Bangladesh): बांग्लादेश के माध्यम से भी भारत में सोने की तस्करी होती है। 2021-22 में जब्त किए गए सोने में से 7% बांग्लादेश के रास्ते भारत पहुंचा था।
चीन (China): चीन से भी सोने की तस्करी के मामले सामने आए हैं। उदाहरण के लिए, 12 मई 2022 को डीआरआई ने 'ऑपरेशन गोल्डन टैप' के तहत चीन से सोने की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया, जिसमें 61 किलोग्राम से अधिक सोना बरामद किया गया था।
सोने की तस्करी के तरीके (Gold Smuggling Methods)
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
तस्कर सोने की तस्करी के लिए विभिन्न तरीकों का उपयोग करते हैं, जो समय के साथ बदलते रहते हैं। कुछ प्रमुख तरीकों में शामिल हैं:-
शारीरिक छुपाव: तस्कर सोने को शरीर के अंदर या कपड़ों में छिपाकर ले जाते हैं। यह तरीका जोखिमभरा होता है, लेकिन अभी भी प्रचलित है।
सामान्य वस्तुओं में छुपाव: सोने को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, मशीनरी के पुर्जों, या अन्य वस्तुओं में छिपाया जाता है। उदाहरण के लिए, 16 जुलाई 2021 को यूएई से दिल्ली आए चार कूरियर पार्सल में ऑटो और दूसरी मशीनरी के कल-पुर्जों में 16.79 किलोग्राम सोना छिपा पाया गया था।
कूरियर सेवाओं का उपयोग: कूरियर के माध्यम से सोने की तस्करी बढ़ रही है, विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान जब हवाई यातायात सीमित था। तस्कर कूरियर पार्सल में सोना छिपाकर भेजते हैं।
भूमि मार्गों का उपयोग: हवाई यातायात बंद होने पर तस्कर भूमि मार्गों का उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए, म्यांमार से भारत में सोने की तस्करी मणिपुर के तामू-मोरेह-इंफाल रूट और मिजोरम के जोखटवार रूट से की जाती है।
धातु के रूप में परिवर्तित करना: तस्कर सोने को अन्य धातुओं के रूप में परिवर्तित करके या मिश्रित करके तस्करी करते हैं, जिससे इसे पहचानना मुश्किल हो जाता है।
सोने की तस्करी के प्रभाव (Effects of Gold Smuggling)
सोने की तस्करी के कई नकारात्मक प्रभाव होते हैं:-
आर्थिक नुकसान: सरकार को आयात शुल्क और करों में नुकसान होता है, जिससे राजस्व घटता है।
अपराध में वृद्धि: तस्करी से जुड़े अपराध और भ्रष्टाचार बढ़ते हैं, जो कानून व्यवस्था के लिए चुनौती है।
आर्थिक अस्थिरता: अवैध सोने का प्रवाह मुद्रा मूल्य और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर सकता है।
सुरक्षा खतरे: तस्करी के रास्तों का उपयोग अन्य अवैध गतिविधियों के लिए भी किया जा सकता है, जिससे सुरक्षा खतरे बढ़
सोने की तस्करी का मुख्य कारण विभिन्न देशों में सोने की कीमतों और आयात शुल्क में अंतर है। उच्च आयात शुल्क वाले देशों में सोने की तस्करी अधिक होती है, क्योंकि तस्कर इस अंतर का लाभ उठाकर अवैध मुनाफा कमाते हैं। उदाहरण के लिए, भारत में सोने पर उच्च आयात शुल्क के कारण तस्करी के मामले बढ़े हैं।
सोने की तस्करी में शामिल न होने वाले देश (Countries Not Involved In Gold Smuggling)
कुछ देश ऐसे हैं जहां सोने की तस्करी के मामले नगण्य हैं या बिल्कुल नहीं हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:
कम आयात शुल्क: जिन देशों में सोने पर आयात शुल्क कम या नगण्य है, वहां तस्करी की संभावना कम होती है।
कठोर कानून और प्रवर्तन: कड़े कानून और उनके सख्त प्रवर्तन से तस्करी को रोका जा सकता है।
स्थिर आर्थिक स्थिति: आर्थिक स्थिरता और कम भ्रष्टाचार वाले देशों में तस्करी की गतिविधियां कम होती हैं।
हालांकि, यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि सोने की तस्करी एक गुप्त गतिविधि है, और इसके बारे में सटीक आंकड़े उपलब्ध नहीं होते। इसलिए, यह कहना कठिन है कि कौन से देश पूरी तरह से इससे मुक्त हैं।
सोने की तस्करी के कारण (Reason For Gold Smuggling)
(फोटो साभार- सोशल मीडिया)
सोने की तस्करी कई कारणों से होती है, जिनमें आर्थिक लाभ, सरकारी नीतियां, और काले धन को छुपाना प्रमुख हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि सोने की तस्करी क्यों होती है:-
1. उच्च आयात शुल्क (Import Duty)
जिन देशों में सोने पर आयात शुल्क अधिक होता है, वहां कानूनी रूप से सोना मंगवाना महंगा पड़ता है।
भारत जैसे देशों में सोने पर 10-15% तक का आयात शुल्क लगाया जाता है।
तस्कर इस शुल्क से बचने के लिए अवैध रूप से सोने को देश में प्रवेश कराते हैं, जिससे उन्हें अधिक लाभ होता है।
2. सोने की उच्च मांग
भारत, चीन, और अन्य एशियाई देशों में सोने की ज्वेलरी, निवेश, और सांस्कृतिक महत्व के कारण भारी मांग रहती है।
जब मांग अधिक और आपूर्ति सीमित होती है, तो तस्करी का जोखिम बढ़ जाता है।
3. काले धन को छुपाना
सोना एक ऐसा साधन है जिसे अज्ञात रखा जा सकता है और इसका भंडारण भी आसान होता है।
लोग अपने काले धन को छुपाने के लिए सोने में निवेश करते हैं और तस्करी के जरिए इसे खरीदते या बेचते हैं।
4. कर चोरी (Tax Evasion)
कानूनी रूप से सोना खरीदने पर कर देना पड़ता है, लेकिन तस्करी से टैक्स चोरी संभव होती है।
तस्कर अवैध रूप से सोना बेचकर टैक्स से बचते हैं और मुनाफा कमाते हैं।
5. भ्रष्टाचार और कमजोर कानून व्यवस्था
जिन देशों में कानूनों का प्रवर्तन कमजोर होता है या भ्रष्टाचार अधिक होता है, वहां तस्करी को बढ़ावा मिलता है।
सीमाओं पर लापरवाही या रिश्वतखोरी से तस्करी करना आसान हो जाता है।
6. वैश्विक कीमतों में अंतर
एक देश में सोने की कीमत कम और दूसरे में अधिक होने पर तस्कर कम कीमत वाले देश से सोना लाकर मुनाफा कमाते हैं।
जैसे- म्यांमार और भारत में सोने की कीमतों में अंतर होने के कारण म्यांमार से भारत में सोने की तस्करी होती है।
7. सोना एक सुरक्षित निवेश (Safe Investment)
आर्थिक संकट या महंगाई के समय, सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है।
लोग भविष्य में कीमत बढ़ने की आशा में अवैध रूप से सोना खरीदते हैं।
8. अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और अपराध सिंडिकेट
तस्करी एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा होती है, जिसमें संगठित अपराध सिंडिकेट जुड़े होते हैं।
ये सिंडिकेट अवैध रूप से सोना एक देश से दूसरे देश में ले जाते हैं और बड़े पैमाने पर काला धन कमाते हैं।
सोने की तस्करी मुख्य रूप से मुनाफे और कर चोरी के कारण होती है। इसे रोकने के लिए वैश्विक सहयोग, कठोर कानून, और जनता में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।