बदल गई जिंदगीः रेड क्वांटा के सर्वे में आए चौंकाने वाले नतीजे

फैशन और कॉस्मेटिक पर खर्चे के बारे में पूछे जाने पर 40 फीसदी लोगों का जवाब था कि वे पहले की तुलना में अब कम केएचआरसीएच करेंगे। 36 फीसदी लोगों ने कहा कि वे पहले की तरह ही खर्च करते रहेंगे। 14 फीसदी लोग अभी ऊहापोह की स्थित में हैं।

लखनऊ। कोविड-19 महामारी ने लोगों के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव ला दिया है। क्या करें, क्या न करें, कहाँ, जाएँ, कहाँ खर्च करें, इन सब चीजों का फोकस अब बदल चुका है। व्यक्तिगत सुरक्षा की फिक्र सर्वोपरि है इसलिए अब लोग किसी स्टोर या रेस्तरां आदि में सोच समझ कर ही जाएंगे और चयन का पैमाना ब्रांड और उसकी प्रतिष्ठा रहेगा।

बाहर का खाना

एक सर्वे में निकाल कर आया है कि अधिकांश लोग (59 फीसदी) का मानना है कि अब किसी रेस्तरां आदि में जाने से पहले उस जगह का चुनाव बहुत सोच समझ कर करेंगे। लोगों ने कहा है कि अब भरोसेमंद और प्रतिष्ठित ब्रांड को लोकल वेंडरों और स्ट्रीट फूड की अपेक्षा ज्यादा तरजीह देंगे। वैसे अब लोग बाहर जाना भी बहुत पसंद नहीं करेंगे। सर्वे में 53 फीसदी लोगों ने कहा कि वे अब पहले की तुलना में कम बाहर जाएंगे और 44 फीसदी ने कहा कि वो अब खर्च भी कम करेंगे।

शॉपिंग

जहां तक शॉपिंग की बात है तो लोगों में इसको लेकर भी परिवर्तन आया है। कुछ लोग अब भी शॉपिंग के लिए बाहर जाना पसंद करेंगे। सर्वे में 49 फीसदी लोगों का कहना था कि वे पहले की तरह शॉपिंग करने बाहर जाएंगे। वहीं 41 फीसदी लोगों ने कहा कि वे पहले की अपेक्षा अब कम ही शॉपिंग करेंगे। हैरानी की बात है कि 10 फीसदी लोगों ने पहले की तुलना में पोस्ट-कोविड काल में शॉपिंग करने के लिए ज्यादा बाहर जाने की बात कही।

बात खर्चे की

फैशन और कॉस्मेटिक पर खर्चे के बारे में पूछे जाने पर 40 फीसदी लोगों का जवाब था कि वे पहले की तुलना में अब कम केएचआरसीएच करेंगे। 36 फीसदी लोगों ने कहा कि वे पहले की तरह ही खर्च करते रहेंगे। 14 फीसदी लोग अभी ऊहापोह की स्थित में हैं।

ये ऑनलाइन सर्वे अग्रणी मार्केट रिसर्च कंपनी रेड क्वांटा ने 12 अप्रैल से 27 अप्रैल के बीच देश के 72 शहरों में कराया और अलग अलग उम्र के 1921 लोगों से सवाल पूछे।

नीलमणिलाल की रिपोर्ट