मधुमेह रोगियों के लिए एक नई मशीन, तौल कर देगी इंसुलिन

झारखंड स्थित आईआईटी धनबाद के छात्र यश और आईआईटी मद्रास के छात्र गोविंद ने शुगर के मरीजों के लिए जो उपकरण तैयार किया है इसे डायबिटो केयर का नाम दिया है। बाजार में इंसुलिन पेन और ग्लूकोमीटर दो अलग उपकरण हैं।

योगेश मिश्र

लखनऊ: आईआईटी के दो छात्रों ने मिलकर एक ऐसी मशीन इजाद की है जो शरीर में ग्लूकोज का स्तर तो बताएगी ही साथ में यह भी बताएगी कि कितना इंसुलिन लिया जाना चाहिए। इस मशीन की कीमत सिर्फ दो हजार रुपए है। इसमें इंसुलिन पेन और ग्लूकोमीटर दोनों है। इसका वजन मात्र 70 ग्राम है। इसके पेटेंट के लिए आवेदन किया जा चुका है।

झारखंड स्थित आईआईटी धनबाद के छात्र यश और आईआईटी मद्रास के छात्र गोविंद ने शुगर के मरीजों के लिए जो उपकरण तैयार किया है इसे डायबिटो केयर का नाम दिया है। बाजार में इंसुलिन पेन और ग्लूकोमीटर दो अलग उपकरण हैं।

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डायबिटो केयर को पॉकेट में रख कर कहीं भी ले जाया जा सकता है। यह एक स्वचालित मशीन है। इसके इस्तेमाल के लिए पहले उसके छेद में ऊंगली डालनी होती। फिर बटन दबाना होता है। फिर 2 से 3 सेकेंड तक खून की जांच होती है और फिर जरूरी इंसुलिन की मात्रा सामने आ जाती है।

गोविंद की दादी को मधुमेह है। उसने दादी को इंसुलिन लेने के लिए परेशान होता देख कर इस मशीन का इजाद किया है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नालॉजी इंफारमेशन का भी मानना है कि मधुमेह के रोगियों को औसत के आधार पर इंसुलिन दिया जाना गलत है। इसे तात्कालिक जांच के आधार पर अवश्यकता अनुरूप लिया जाना चाहिए।